3 अगस्त 2026
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UP मुख्य सचिव एसपी गोयल का निर्देश: छात्रवृत्ति वितरण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, नोडल अधिकारी नामित करें

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UP मुख्य सचिव एसपी गोयल का निर्देश: छात्रवृत्ति वितरण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, नोडल अधिकारी नामित करें

सारांश

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने 2026-27 छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों में सचिव स्तर के नोडल अधिकारी नामित करने का आदेश दिया है। गलत डेटा अपलोड करने पर संस्थानों और अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

मुख्य बातें

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने 3 अगस्त 2026 को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी विभागों को सचिव या विशेष सचिव स्तर के नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, OBC, सामान्य और अल्पसंख्यक वर्ग हेतु पूर्वदशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति की समय-सारिणी जारी।
पोर्टल पर गलत या अपूर्ण जानकारी अपलोड करने पर संबंधित अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी।
विश्वविद्यालयों को नए संस्थानों, पाठ्यक्रमों और सीट परिवर्तनों का सत्यापन कर निर्धारित समय में मास्टर डाटाबेस में शामिल करने का निर्देश।
समस्त प्रक्रिया का उद्देश्य: कोई भी पात्र छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति से वंचित न रहे।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने 3 अगस्त 2026 को लखनऊ में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की छात्रवृत्ति योजनाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सचिव या विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में तत्काल नामित किया जाए, ताकि पात्र छात्र-छात्राओं तक छात्रवृत्ति का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँच सके।

बैठक में क्या हुए निर्देश

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित इस समीक्षा बैठक में छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और पूर्व वर्षों में सामने आई खामियों की पुनरावृत्ति रोकने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। गोयल ने निर्देश दिया कि सभी शिक्षण संस्थान समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करें और मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों, निर्धारित शुल्क, सीटों तथा अन्य आवश्यक सूचनाओं का पोर्टल पर त्रुटिरहित और समयबद्ध अंकन सुनिश्चित करें।

उन्होंने विश्वविद्यालयों और संबद्ध एजेंसियों को यह भी निर्देशित किया कि नए शिक्षण संस्थानों, नए पाठ्यक्रमों तथा सीटों में वृद्धि या कमी से जुड़े प्रस्तावों का निर्धारित समय में सत्यापन कर उन्हें मास्टर डाटाबेस में शामिल किया जाए। इससे छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया में बाधा नहीं आएगी और पात्र विद्यार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिल सकेगा।

जवाबदेही पर सख्त रुख

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यदि पोर्टल पर गलत या अपूर्ण जानकारी अपलोड किए जाने के मामले सामने आते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर आने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

गौरतलब है कि पूर्व वर्षों में छात्रवृत्ति वितरण में देरी और पोर्टल पर त्रुटिपूर्ण डेटा अपलोड होने की शिकायतें सामने आई थीं, जिनके चलते कई पात्र विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित रह गए थे। यह बैठक उन्हीं समस्याओं के स्थायी निराकरण की दिशा में उठाया गया कदम है।

किन वर्गों के लिए जारी हुई समय-सारिणी

बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप वित्तीय वर्ष एवं शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों हेतु पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं की विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी गई है। इस समय-सारिणी में शिक्षण संस्थानों को मास्टर डाटाबेस में शामिल करने से लेकर विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और छात्रवृत्ति वितरण तक की पूरी प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

आम विद्यार्थियों पर असर

इन निर्देशों का सबसे सीधा असर उन लाखों विद्यार्थियों पर पड़ेगा जो प्रतिवर्ष उत्तर प्रदेश सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं पर निर्भर रहते हैं। नोडल अधिकारियों की नियुक्ति से विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा, सत्यापन प्रक्रिया में तेज़ी आएगी और छात्रवृत्ति की राशि समय पर विद्यार्थियों के खातों में पहुँचेगी।

मुख्य सचिव ने अंत में दोहराया कि पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही इस पूरी प्रक्रिया की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, ताकि कोई भी पात्र छात्र-छात्रा योजना के लाभ से वंचित न रहे। आने वाले हफ्तों में विभागों द्वारा नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और पोर्टल अपडेशन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा इन निर्देशों के क्रियान्वयन में है। सवाल यह है कि क्या इस बार सत्यापन और वितरण की समय-सीमाएँ वास्तव में पालन होंगी, या यह भी पिछले वर्षों की तरह कागज़ों तक सीमित रहेंगी। बिना स्वतंत्र निगरानी तंत्र और सार्वजनिक डेटा प्रकाशन के, जवाबदेही के दावे केवल घोषणाएँ बनकर रह सकते हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP में छात्रवृत्ति वितरण के लिए नोडल अधिकारी क्यों नामित किए जा रहे हैं?
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने पूर्व वर्षों में छात्रवृत्ति वितरण में हुई देरी और पोर्टल पर गलत डेटा की समस्याओं को देखते हुए विभागों में सचिव या विशेष सचिव स्तर के नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
2026-27 की छात्रवृत्ति योजना किन वर्गों के विद्यार्थियों के लिए है?
वित्तीय वर्ष 2026-27 की छात्रवृत्ति योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए है। इसमें पूर्वदशम और दशमोत्तर दोनों श्रेणियाँ शामिल हैं और इनकी विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी गई है।
पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड करने पर क्या होगा?
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर गलत या अपूर्ण जानकारी अपलोड करने पर संबंधित अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है।
मास्टर डाटाबेस में शिक्षण संस्थानों को कैसे शामिल किया जाएगा?
विश्वविद्यालयों और संबद्ध एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि नए शिक्षण संस्थानों, नए पाठ्यक्रमों तथा सीटों में बदलाव के प्रस्तावों का निर्धारित समय में सत्यापन कर उन्हें मास्टर डाटाबेस में शामिल करें। इससे छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी।
UP छात्रवृत्ति योजना 2026-27 में आवेदन कैसे होगा?
समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार विद्यार्थी ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। सत्यापन से लेकर छात्रवृत्ति वितरण तक की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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