सर्वोदय विद्यालयों में बड़े सुधार की तैयारी: CM योगी ने 2 अक्टूबर तक छात्रवृत्ति और भर्ती का दिया निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 अगस्त 2026 को लखनऊ में समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों की व्यापक समीक्षा बैठक की। छात्रों के लगातार प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हुई इस बैठक में उन्होंने विद्यालयों के संचालन, प्रबंधन और सुविधाओं में आमूल-चूल बदलाव का निर्देश दिया। बैठक में विभागीय मंत्री असीम अरुण और प्रमुख सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने सुस्पष्ट नियमावली तैयार करने, शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेज़ी लाने और बेहतर संचालन के लिए सोसाइटी के गठन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में 93 सर्वोदय विद्यालय संचालित थे, जिनकी संख्या 2025-26 तक बढ़कर 103 हो गई है। इनमें 59 विद्यालय CBSE और 44 विद्यालय UP बोर्ड से संबद्ध हैं।
छात्रवृत्ति पर सख्त समय-सीमा
मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति वितरण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि कोई भी पात्र विद्यार्थी इस लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थियों के लिए आवेदन पोर्टल तत्काल खोलने और हर हाल में 2 अक्टूबर तक राशि विद्यार्थियों के खातों में भेजने का निर्देश दिया।
बैठक में बताया गया कि विभिन्न कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित रहे करीब 3.16 लाख विद्यार्थियों को दोबारा आवेदन का अवसर दिया जा रहा है। इनमें 31,836 शासकीय, 69,631 अनुदानित और 2,46,426 निजी संस्थानों के विद्यार्थी शामिल हैं।
वृद्धावस्था पेंशन और अभ्युदय योजना की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने पात्र बुजुर्गों के लंबित आवेदनों का सत्यापन जल्द पूरा कर पेंशन का लाभ देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 2017-18 में 37.47 लाख से बढ़कर 2025-26 में 67.50 लाख हो गई है, जबकि फिलहाल करीब 11.50 लाख नए आवेदन लंबित हैं।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की समीक्षा में योगी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में 163 केंद्रों के माध्यम से संचालित है, जहाँ 1,783 इम्पैनल्ड शिक्षक और UPSC, PCS, NEET, JEE, NDA/CDS समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 23,801 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। योजना के अंतर्गत चार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी संचालित हैं।
आम जनता और विद्यार्थियों पर असर
यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में आई है जब सर्वोदय विद्यालयों में व्यवस्थाओं को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। गौरतलब है कि ये आवासीय विद्यालय मुख्यतः समाज के कमज़ोर वर्गों के बच्चों को शिक्षा देते हैं, इसलिए इनमें किसी भी सुधार का सीधा असर राज्य के सबसे ज़रूरतमंद परिवारों पर पड़ता है।
सरकार की ओर से इस बैठक को व्यवस्था-सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब सभी की नज़रें इस बात पर होंगी कि भर्ती प्रक्रिया, नियमावली और छात्रवृत्ति वितरण की समय-सीमाएँ ज़मीनी स्तर पर कितनी जल्दी लागू होती हैं।