सियाल पेरिस 2026 में यूपी के खाद्य उत्पादों की धमक, 15 देशों के खरीदारों से संपर्क; माल्ट प्लांट पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
पेरिस में आयोजित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी सियाल पेरिस 2026 में उत्तर प्रदेश के खाद्य उत्पादों ने वैश्विक मंच पर उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रदेश की दो कंपनियों — बरेली की ग्रोवर फूड्स और बुलंदशहर की सनशाइन वेजिटेबल्स प्राइवेट लिमिटेड — ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए, जबकि ग्रोवर फूड्स ने 15 नए देशों के संभावित खरीदारों से संपर्क स्थापित होने का दावा किया है। इसके साथ ही, फ्रांस की कंपनी सॉफ्ले माल्ट के प्रतिनिधियों के साथ उत्तर प्रदेश में माल्ट प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की संभावनाओं पर प्रारंभिक चर्चा हुई है।
प्रदर्शनी में यूपी का प्रतिनिधित्व
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के विशेष सचिव राजकमल यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल इस प्रदर्शनी में भाग ले रहा है। ग्रोवर फूड्स के आलू से निर्मित प्रसंस्कृत उत्पादों को यूरोपीय खरीदारों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी के अनुसार, फ्रांस और जर्मनी की कंपनियों के साथ व्यावसायिक बातचीत आगे बढ़ रही है और संभावित खरीदारों ने उत्पादों के नमूने लिए हैं।
सनशाइन वेजिटेबल्स प्राइवेट लिमिटेड ने आधुनिक तकनीक से प्रसंस्कृत सब्जियों और फ्रोजन खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में प्रदेश की उत्पादन क्षमताओं को प्रदर्शित किया। स्टार्च उत्पादन से जुड़ी कंपनियों के साथ भी निवेश और तकनीकी सहयोग के अवसर तलाशे गए। गौरतलब है कि इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय संबंधित कंपनियों की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
भगवंत मान ने किया यूपी स्टॉल का दौरा
प्रदर्शनी के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण विभाग के स्टॉल का दौरा किया और विभिन्न उत्पादों का अवलोकन करते हुए उनका स्वाद भी चखा। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उत्पादों की गुणवत्ता, विविधता और संभावनाओं में रुचि दिखाई। साथ ही, महिलाओं और युवाओं के लिए रोज़गार सृजन तथा आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उपमुख्यमंत्री मौर्य का नज़रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत यह अंतरराष्ट्रीय भागीदारी संभव हुई है। मौर्य ने कहा कि 'डबल इंजन सरकार का लक्ष्य किसानों की उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, उद्यमियों के लिए कारोबार के अवसर बढ़ाना और युवाओं को रोज़गार से जोड़ना है।' उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश की भागीदारी से निवेश और निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी तथा उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।
नीतिगत ढाँचा और आगे की राह
प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और आधुनिकीकरण के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) और उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 लागू हैं। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीना ने बताया कि इन नीतियों के माध्यम से किसानों की उपज का मूल्य संवर्धन करने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश अपनी कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।