2 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी के खाद्य व ODOP उत्पाद जर्मनी पहुँचेंगे, केशव प्रसाद मौर्य से जर्मन प्रतिनिधिमंडल की बैठक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी के खाद्य व ODOP उत्पाद जर्मनी पहुँचेंगे, केशव प्रसाद मौर्य से जर्मन प्रतिनिधिमंडल की बैठक

सारांश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से जर्मन प्रतिनिधिमंडल की लखनऊ में बैठक हुई। ODOP उत्पादों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को जर्मनी के बाज़ार से जोड़ने पर सहमति बनी। जर्मन पक्ष ने मौर्य को जर्मनी आने का निमंत्रण भी दिया — यह 'मेड इन यूपी' को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2 सितंबर को लखनऊ में जर्मन प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में इनोवेशन हब राइनमेन के स्टीफन विटेनकिंड , गीबा के चेयरमैन सेल्वाकुमार पेरियासामी और सीईओ निर्मल रमन कन्नैया शामिल थे।
उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों और ODOP वस्तुओं को जर्मनी के बाज़ार से जोड़ने पर सकारात्मक सहमति बनी।
जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री को जर्मनी आने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
बैठक में इन्वेस्ट यूपी और ODOP के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को बल मिलने की उम्मीद।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार, 2 सितंबर को लखनऊ स्थित अपने आधिकारिक आवास पर एक उच्चस्तरीय जर्मन प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक में उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों और एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित वस्तुओं को जर्मनी के बाज़ार तक पहुँचाने पर सकारात्मक सहमति बनी। यह बैठक योगी सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और निर्यात के केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

बैठक में कौन-कौन शामिल रहे

जर्मन प्रतिनिधिमंडल में इनोवेशन हब राइनमेन के कार्यकारी अधिकारी स्टीफन विटेनकिंड, गीबा के चेयरमैन सेल्वाकुमार पेरियासामी और गीबा के सीईओ निर्मल रमन कन्नैया शामिल थे। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने इन्हें पुष्पगुच्छ और तथागत गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। बैठक में इन्वेस्ट यूपी और ODOP के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके साथ ही स्टीफन विटेनकिंड ने उपमुख्यमंत्री को जर्मनी का प्रतीक चिह्न भेंट किया।

मुख्य घटनाक्रम और चर्चा के बिंदु

बैठक में उत्तर प्रदेश में जर्मन कंपनियों द्वारा उद्योग एवं व्यवसाय स्थापित करने की संभावनाओं, निवेश के अवसरों, आयात-निर्यात विस्तार और व्यापारिक सहयोग पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने भारत-जर्मनी व्यापारिक संबंधों को और सुदृढ़ करने तथा उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई। जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री मौर्य को जर्मनी आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया, जिसे दोनों पक्षों के बीच संबंधों को नई ऊँचाई देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया और प्रतिबद्धता

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 'डबल इंजन सरकार' के प्रयासों से उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश के लिए एक भरोसेमंद केंद्र के रूप में तेज़ी से उभर रहा है। उन्होंने जर्मन कंपनियों को प्रदेश में निवेश और उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को सुविधा, सुरक्षा, बेहतर कनेक्टिविटी और आवश्यक यातायात अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मौर्य ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों को केवल देश के भीतर नहीं, बल्कि वैश्विक बाज़ार में मज़बूत पहचान दिलाना है।

आम जनता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर

उपमुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा निर्मित वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ठोस मज़बूती मिलेगी। इससे महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे और स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के यूरोपीय देशों के साथ व्यापारिक संबंध लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं।

आगे क्या होगा

जर्मन प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जर्मनी द्वारा उपमुख्यमंत्री को दिए गए औपचारिक निमंत्रण के बाद अब दोनों पक्षों के बीच उच्चस्तरीय यात्राओं और संस्थागत सहयोग की संभावना और बढ़ गई है। 'मेड इन यूपी' उत्पादों को वैश्विक बाज़ार में स्थापित करने की यह पहल आने वाले महीनों में ठोस रूप ले सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि बैठक-कक्ष की सहमति ज़मीनी निर्यात अनुबंधों में कब और कैसे बदलती है। ODOP योजना के तहत सैकड़ों उत्पाद पहले से सूचीबद्ध हैं, पर उनमें से कितने वास्तव में यूरोपीय मानकों और प्रमाणन आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, यह सवाल अभी अनुत्तरित है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए वैश्विक बाज़ार का वादा तभी सार्थक होगा जब आपूर्ति श्रृंखला, गुणवत्ता नियंत्रण और निर्यात लॉजिस्टिक्स की ठोस रूपरेखा सामने आए। निमंत्रण और सहमति के बाद अब नज़र होनी चाहिए ठोस समझौतों और समयबद्ध लक्ष्यों पर।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य और जर्मन प्रतिनिधिमंडल की बैठक में क्या तय हुआ?
2 सितंबर को लखनऊ में हुई इस बैठक में उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों और ODOP वस्तुओं को जर्मनी के बाज़ार से जोड़ने पर सकारात्मक सहमति बनी। साथ ही जर्मन कंपनियों द्वारा उत्तर प्रदेश में निवेश और उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
ODOP योजना क्या है और इसका जर्मनी से क्या संबंध है?
एक जिला एक उत्पाद (ODOP) उत्तर प्रदेश सरकार की वह योजना है जिसके तहत प्रत्येक जिले के विशिष्ट स्थानीय उत्पाद को पहचान और बाज़ार दिलाया जाता है। जर्मन प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में इन्हीं उत्पादों को जर्मनी के अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने पर सहमति बनी है।
जर्मन प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे?
प्रतिनिधिमंडल में इनोवेशन हब राइनमेन के कार्यकारी अधिकारी स्टीफन विटेनकिंड, गीबा के चेयरमैन सेल्वाकुमार पेरियासामी और गीबा के सीईओ निर्मल रमन कन्नैया शामिल थे। बैठक में इन्वेस्ट यूपी और ODOP के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस बैठक से उत्तर प्रदेश की महिलाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा?
उपमुख्यमंत्री मौर्य के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी। इससे महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
क्या उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जर्मनी जाएंगे?
जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को जर्मनी आने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। इसे दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक और निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, हालाँकि यात्रा की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 46 मिनट पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले