यूपी में NDA की तीसरी सरकार का दावा: आशीष पटेल बोले- जीत प्राथमिकता, सीटों की लड़ाई नहीं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने 31 अक्टूबर को सुल्तानपुर में दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन की प्राथमिकता अधिकतम सीटें जीतना है, न कि सीट-बंटवारे को लेकर दबाव की राजनीति में उलझना।
चुनावी रणनीति और गठबंधन की एकजुटता
आशीष पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी विकास और जनहित के मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा धर्मनिरपेक्ष राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि NDA एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेगा और जनता का व्यापक समर्थन हासिल करेगा।
सीट-बंटवारे के सवाल पर उन्होंने पिछले चुनावों के आँकड़े पेश किए — 2017 में उनकी पार्टी ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा और 9 सीटें जीतीं, जबकि 2022 में 17 सीटों पर उतरकर 13 सीटें हासिल कीं। उनका कहना था कि पार्टी के लिए टिकटों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण चुनावी सफलता है।
सरदार पटेल की विरासत और संस्थान-नामकरण की पहल
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आशीष पटेल ने उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ऐसे दृढ़ प्रशासक थे जिन्होंने हैदराबाद के निजाम से लेकर कश्मीर के राजा तक — देश की रियासतों को भारतीय संघ में विलय कराने में निर्णायक भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि नोएडा से कुशीनगर के बीच किसी संस्थान का नाम सरदार पटेल के नाम पर नहीं था। जब उन्हें अवसर मिला, तो उन्होंने बस्ती के इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम सरदार वल्लभभाई पटेल इंजीनियरिंग कॉलेज रखने की पहल की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस विषय पर व्यक्तिगत श्रेय नहीं ले रहे, बल्कि अपने साथियों को इस तथ्य से अवगत करा रहे हैं।
विपक्ष पर पलटवार और PDA के दावे
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वाले दावे पर पटेल ने कहा कि वास्तविक सामाजिक भागीदारी NDA में दिखती है। उन्होंने गठबंधन में शामिल ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद, अनुप्रिया पटेल और जयंत चौधरी का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता खुद तय कर सकती है कि PDA की असली ताकत किस तरफ है।
अखिलेश यादव के चुनावी दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उनका आकलन उनके नज़रिये से सही हो सकता है, लेकिन NDA तीसरी बार सरकार बनाने जा रहा है और विपक्षी गठबंधन पूरी तरह पराजित होगा।
AAP की अनुपस्थिति और UCC पर रुख
1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली में आम आदमी पार्टी (AAP) के शामिल न होने पर पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में हर दल को यह अधिकार है कि वह किसी कार्यक्रम में भाग ले या न ले — यह संबंधित दल की अपनी इच्छा पर निर्भर करता है।
उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पटेल ने सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी धर्मनिरपेक्ष राजनीति में विश्वास रखती है और भाजपा के साथ गठबंधन होने के बावजूद कुछ मुद्दों पर पार्टी का अपना संवैधानिक दृष्टिकोण है।
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या की उम्मीदवारी पर प्रतिक्रिया
मिर्जापुर से चुनावी कार्यक्रम शुरू करने वाली पूर्व IAS अधिकारी दिव्या के बारे में पूछे जाने पर पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। उन्होंने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वह जिस क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, उसमें उन्हें और अधिक सफलता मिले। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी जमीन तैयार करने में जुटे हैं और चुनावी बिसात पर नए चेहरों का प्रयोग तेज हो रहा है।