अमेरिकी कांग्रेस की 'बर्थ टूरिज्म' पर जांच, चीन-रूस से जुड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं पर 1 सितंबर को सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी की एक विशेष टास्क फोर्स 1 सितंबर 2026 को वाशिंगटन में 'बर्थ टूरिज्म' पर औपचारिक सुनवाई करेगी, जिसमें विदेशी — विशेष रूप से चीन और रूस से आने वाली — गर्भवती महिलाओं को अमेरिका में प्रसव कराने की व्यावसायिक सेवाएं देने वाली कंपनियों की जांच होगी। टेक्सास के रिपब्लिकन कांग्रेसमैन ब्रैंडन गिल, जो इस टास्क फोर्स का नेतृत्व करते हैं, ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिकी संप्रभुता का मामला बताया है।
सुनवाई का दायरा और उद्देश्य
'अमेरिकी नागरिकता की रक्षा: बर्थ टूरिज्म का सामना' शीर्षक से होने वाली इस सुनवाई में कमेटी के सदस्य यह जांचेंगे कि क्या कंपनियां जन्मसिद्ध नागरिकता के प्रावधान का अनुचित लाभ उठा रही हैं और अमेरिकी आव्रजन प्रणाली का दुरुपयोग कर रही हैं। कमेटी के अनुसार, इन कंपनियों द्वारा विदेश में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को विशेष 'मैटर्निटी पैकेज' का प्रचार किया जाता है, जिसके तहत अमेरिका में प्रसव पर उनके बच्चों को अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है।
कांग्रेसमैन गिल ने कहा, "बर्थ टूरिज्म हर अमेरिकी नागरिक के लिए परेशान करने वाला होना चाहिए। यह कानून के शासन को कमजोर करता है, अमेरिकी नागरिकता की कीमत घटाता है और एक राष्ट्र के रूप में हमारी संप्रभुता को कमजोर करता है।"
किसे जारी हुआ समन
कमेटी ने मियामी मेडिकल कॉन्सियर्ज सर्विसेज के संस्थापक और चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. व्लादिमीर लॉरेंट्ज को समन जारी किया है, जो 'हैव माई बेबी इन मियामी' नाम से कारोबार संचालित करते हैं। उन्हें 1 सितंबर की सुनवाई में गवाही देनी होगी। इससे पहले 14 मई को कमेटी ने लॉरेंट्ज को पत्र लिखकर कंपनी की मार्केटिंग, विज्ञापन, सर्विस एग्रीमेंट और मेडिकल-टूरिज्म पैकेज से संबंधित दस्तावेज मांगे थे।
इंटरनेशनल मैटरनिटी सर्विसेज के मेडिकल डायरेक्टर और मालिक डॉ. जूलियो सीजर नोवोआ को भी इसी तरह का नोटिस भेजा गया था और उन्हें भी सुनवाई में गवाही के लिए बुलाया गया है। कमेटी की घोषणा में लॉरेंट्ज, नोवोआ या उनकी कंपनियों की ओर से किसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया।
विशेषज्ञ गवाह और जांच का विस्तार
सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज के रिसर्च डायरेक्टर डॉ. स्टीवन कैमरोटा भी सुनवाई में विशेषज्ञ गवाह के रूप में पेश होंगे। पैनल के अनुसार, जांच में मैटर्निटी सर्विस कंपनियों के व्यावसायिक संचालन के साथ-साथ बर्थ टूरिज्म से जुड़े व्यापक आव्रजन और राष्ट्रीय सुरक्षा सवालों की भी पड़ताल होगी।
गौरतलब है कि कमेटी की घोषणा में यह आंकड़ा नहीं दिया गया कि प्रतिवर्ष कितनी महिलाएं इस उद्देश्य से अमेरिका आती हैं या उनमें चीन और रूस की महिलाओं की संख्या कितनी है।
संवैधानिक और कानूनी पृष्ठभूमि
अमेरिकी संविधान का 14वाँ संशोधन — जो 150 से अधिक वर्षों से जन्मसिद्ध नागरिकता का संवैधानिक आधार है — यह प्रावधान करता है कि अमेरिका में जन्मे और उसके अधिकार क्षेत्र के अधीन सभी व्यक्ति अमेरिकी नागरिक माने जाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब जन्मसिद्ध नागरिकता पर राजनीतिक बहस तेज हो रही है।
उल्लेखनीय है कि बर्थ टूरिज्म अपने आप में कोई अलग संघीय अपराध नहीं है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने कथित तौर पर ऐसी व्यावसायिक मैटर्निटी योजनाओं से जुड़े वीजा धोखाधड़ी, झूठे बयान, कर उल्लंघन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में ऑपरेटरों और ग्राहकों पर मुकदमे चलाए हैं।
आगे क्या होगा
1 सितंबर 2026 की सुनवाई के बाद टास्क फोर्स संभावित विधायी कार्रवाई पर विचार करेगी। कांग्रेसमैन गिल ने संकेत दिया है कि इस उद्योग से मुनाफा कमाने वाली कंपनियों से जवाब माँगा जाएगा। यह जांच अमेरिका की आव्रजन नीति पर चल रही व्यापक बहस का हिस्सा बन गई है।