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वीसीके करेगी टीवीके के निमंत्रण पर विचार, विजय कैबिनेट में थिरुमावलवन की पार्टी के शामिल होने की संभावना

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वीसीके करेगी टीवीके के निमंत्रण पर विचार, विजय कैबिनेट में थिरुमावलवन की पार्टी के शामिल होने की संभावना

सारांश

वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन ने संकेत दिया है कि पार्टी टीवीके के मंत्रिमंडल निमंत्रण पर विचार करेगी। एआईएडीएमके बागियों को कैबिनेट से बाहर रखने का आश्वासन मिलने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। अंतिम निर्णय वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक के बाद होगा।

मुख्य बातें

वीसीके अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने 20 मई को संकेत दिया कि पार्टी टीवीके के मंत्रिमंडल निमंत्रण पर विचार करेगी।
टीवीके नेतृत्व ने आश्वासन दिया कि एआईएडीएमके के बागी विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाएगा।
वीसीके ने 8 मई को वर्चुअल उच्च-स्तरीय बैठक में कथित तौर पर सरकार में शामिल होने के पक्ष में मत दिया।
थिरुमावलवन के अनुसार, वीसीके ने केवल दो सीटें जीतने के बावजूद बिना शर्त समर्थन दिया था।
अंतिम निर्णय पार्टी के महासचिव, कोषाध्यक्ष और प्रधान सचिव के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया जाएगा।

विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने बुधवार, 20 मई को चेन्नई में संकेत दिया कि उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के उस नए निमंत्रण पर गंभीरता से विचार करेगी, जिसमें वीसीके को विजय के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए कहा गया है। इस घोषणा के बाद तमिलनाडु की राजनीति में वीसीके को जल्द ही सरकार में मंत्री पद मिलने की अटकलें और तेज हो गई हैं।

मुख्य घटनाक्रम

थिरुमावलवन ने पत्रकारों को बताया कि टीवीके नेतृत्व ने उन्हें स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है कि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के बागी विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी जाएगी। यह स्पष्टीकरण इसलिए अहम है क्योंकि वीसीके प्रमुख पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि यदि एआईएडीएमके के बागी नेताओं को मंत्रालय में शामिल किया गया, तो उनकी पार्टी अपना समर्थन वापस लेने पर विवश होगी।

उन्होंने मंत्री आधव अर्जुन के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से यह दोहराया कि टीवीके वीसीके को सरकारी ढाँचे में शामिल करना चाहती है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

गौरतलब है कि वीसीके ने शुरुआत में विजय सरकार को केवल बाहरी समर्थन दिया था। उस समय पार्टी का उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करना और सरकार गठन की प्रक्रिया के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के किसी भी संभावित हस्तक्षेप को रोकना था।

थिरुमावलवन ने याद दिलाया कि 'एल्लोरुक्कुमाना थलाइवर अंबेडकर' नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान टीवीके अध्यक्ष विजय ने वीसीके को राजनीतिक रूप से हाथ मिलाने का आमंत्रण दिया था। उनके अनुसार, वीसीके ने उस बयान को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में माना था, हालाँकि तत्कालीन चुनावी परिस्थितियों ने पार्टी को टीवीके गठबंधन का हिस्सा बनने से रोक दिया था।

वीसीके की आंतरिक प्रक्रिया

वीसीके ने 8 मई को एक वर्चुअल उच्च-स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की थी, जिसमें पार्टी के अधिकांश वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कथित तौर पर सरकार में शामिल होने का समर्थन किया था। थिरुमावलवन ने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल में शामिल होने पर अंतिम निर्णय पार्टी के महासचिव, कोषाध्यक्ष और प्रधान सचिव सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया जाएगा।

थिरुमावलवन का पक्ष

थिरुमावलवन ने कहा, 'हमने समर्थन देने की शर्त के रूप में मंत्री पद की माँग नहीं की थी। केवल दो सीटें जीतने के बावजूद हमने सरकार गठन के लिए बिना शर्त समर्थन दिया।' उन्होंने जोर देकर कहा कि शासन में भागीदारी भी पार्टी की राजनीतिक दृष्टि का अभिन्न हिस्सा है।

आगे की राह

तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। यदि वीसीके मंत्रिमंडल में शामिल होती है, तो यह दलित राजनीति और द्रविड़ियन गठबंधन की दिशा में एक नई संरचना को आकार देगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद ही अंतिम निर्णय सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब उसी पूँजी को मंत्री पद में बदलने की कोशिश हो रही है। गौर करने वाली बात यह है कि एआईएडीएमके बागियों को लेकर जो 'लाल रेखा' खींची गई थी, उसका सार्वजनिक आश्वासन मिलना वीसीके की सौदेबाज़ी की ताकत को रेखांकित करता है। हालाँकि, केवल दो सीटों वाली पार्टी को कैबिनेट में जगह देना टीवीके के लिए भी एक राजनीतिक संदेश है — दलित मतदाताओं को साधने की रणनीति। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह भागीदारी नीतिगत प्रभाव में बदलती है या केवल प्रतीकात्मक बनकर रह जाती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीसीके और टीवीके के बीच मंत्रिमंडल विवाद क्या है?
विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) ने शुरुआत में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की विजय सरकार को केवल बाहरी समर्थन दिया था। अब टीवीके ने वीसीके को मंत्रिमंडल में शामिल होने का नया निमंत्रण दिया है, जिस पर वीसीके विचार कर रही है।
थिरुमावलवन ने एआईएडीएमके बागियों को लेकर क्या शर्त रखी थी?
वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने पहले चेतावनी दी थी कि यदि एआईएडीएमके के बागी नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी गई, तो वीसीके अपना समर्थन वापस ले लेगी। टीवीके नेतृत्व ने अब आश्वासन दिया है कि ऐसे बागी विधायकों को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा।
वीसीके ने 8 मई की बैठक में क्या फैसला लिया?
8 मई को आयोजित वर्चुअल उच्च-स्तरीय समिति की बैठक में वीसीके के अधिकांश वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कथित तौर पर सरकार में शामिल होने का समर्थन किया। हालाँकि, अंतिम निर्णय महासचिव, कोषाध्यक्ष और प्रधान सचिव के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया जाएगा।
वीसीके ने पहले टीवीके सरकार को बिना शर्त समर्थन क्यों दिया था?
थिरुमावलवन के अनुसार, वीसीके ने राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और सरकार गठन के दौरान केंद्र सरकार के संभावित हस्तक्षेप को रोकने के लिए बिना शर्त समर्थन दिया था। पार्टी ने केवल दो सीटें जीतने के बावजूद मंत्री पद की माँग नहीं की थी।
टीवीके-वीसीके गठबंधन का तमिलनाडु की राजनीति पर क्या असर होगा?
यदि वीसीके मंत्रिमंडल में शामिल होती है, तो यह दलित राजनीति और द्रविड़ियन गठबंधन की संरचना को नया रूप देगा। यह घटनाक्रम तमिलनाडु में सत्ता-साझेदारी की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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