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मासाप्पाडी मामला: वीना विजयन ने स्वास्थ्य कारणों से ईडी की पूछताछ टाली, नई तारीख की मांग

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मासाप्पाडी मामला: वीना विजयन ने स्वास्थ्य कारणों से ईडी की पूछताछ टाली, नई तारीख की मांग

सारांश

मासाप्पाडी मामले में ईडी की पूछताछ एक बार फिर टल गई — वीना विजयन ने स्वास्थ्य का हवाला दिया। लेकिन ₹2.78 करोड़ के लेन-देन, 242 फ्रीज खातों और एसएफआईओ की रिपोर्ट के साथ, यह जाँच सीपीआई(एम) के लिए राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर दबाव बढ़ा रही है।

मुख्य बातें

वीना थाइकंडी विजयन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए ईडी की निर्धारित पूछताछ से अनुपस्थिति की सूचना ईमेल से दी और नई तारीख माँगी।
मामला सीएमआरएल और वीना की कंपनी एक्सलॉजिक सोल्यूशंस के बीच ₹2.78 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा है; ₹50 लाख का अतिरिक्त ऋण भी जाँच के दायरे में।
ईडी की पूर्व छापेमारी में 242 खातों में ₹18 करोड़ से अधिक फ्रीज किए जा चुके हैं।
जाँच एसएफआईओ की उन रिपोर्टों पर आधारित है जिनमें सीएमआरएल के संदिग्ध भुगतानों का उल्लेख है; मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जाँच जारी।
ईडी नई तारीख देने को तैयार, लेकिन नया समन जारी होने की संभावना है।

वीना थाइकंडी विजयन, केरल के विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन की बेटी, मासाप्पाडी वित्तीय अनियमितता मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष शुक्रवार, 13 जून को निर्धारित पूछताछ में उपस्थित नहीं हुईं। वीना ने ईमेल के जरिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए एजेंसी से नई तारीख माँगी, साथ ही यह भरोसा दिलाया कि उनके वकील कोच्चि स्थित ईडी कार्यालय में उपस्थित होकर माँगे गए दस्तावेज जमा करेंगे।

मासाप्पाडी मामला क्या है

मासाप्पाडी मलयालम शब्द है जिसका अर्थ है 'मासिक भुगतान'। यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और वीना की आईटी कंपनी एक्सलॉजिक सोल्यूशंस के बीच हुए वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि एक्सलॉजिक को बिना किसी वास्तविक सेवा के नियमित मासिक भुगतान किए गए। जाँच के अनुसार, वीना को 2016 और 2021 के बीच सीएमआरएल से ₹2.78 करोड़ प्राप्त हुए, इसके अतिरिक्त एम्पावर इंडिया कैपिटल से ₹50 लाख का ऋण भी मिला।

ईडी की जाँच का दायरा

ईडी की यह जाँच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) द्वारा उजागर की गई वित्तीय अनियमितताओं पर आधारित है, जिसमें सीएमआरएल द्वारा संदिग्ध मदों के तहत किए गए भुगतानों का उल्लेख है। एजेंसी यह जाँचने में जुटी है कि क्या इन लेन-देन में मनी लॉन्ड्रिंग शामिल थी और क्या भुगतान वैध सेवाओं, सही इनवॉइस तथा कर रिकॉर्ड के आधार पर किए गए थे।

इससे पहले ईडी की छापेमारी के बाद 242 खातों में ₹18 करोड़ से अधिक की राशि फ्रीज की जा चुकी है। जाँचकर्ताओं ने धनलक्ष्मी बैंक और एचडीएफसी बैंक में वीना से जुड़े बताए जा रहे तीन खातों की भी जाँच की है। सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक एस.एन. कार्था, उनके परिवार के सदस्यों और कंपनी के अन्य प्रमुख अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।

नई तारीख पर सहमति, लेकिन नया समन संभव

ईडी वीना को नई तारीख देने के लिए सहमत हो गई है, हालाँकि एजेंसी के नया समन जारी करने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, वीना का अधिक समय माँगने का निर्णय इस चरण में ईडी के समक्ष उपस्थित होने के संभावित कानूनी निहितार्थों पर अपने वकीलों से परामर्श के बाद लिया गया।

राजनीतिक असर और आगे की राह

यह मामला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) नेतृत्व के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गया है। विपक्षी दल जवाब माँग रहे हैं और पिनाराई विजयन पर दबाव बढ़ाते जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में और उलझा है जब विजयन स्वयं विपक्ष के नेता की भूमिका में हैं। ईडी की अगली कार्रवाई आने वाले दिनों में तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे राजनीतिक लागत बढ़ती जा रही है — खासकर तब जब पिनाराई विजयन खुद विपक्ष के नेता हैं और सरकार पर जवाबदेही का दबाव बनाते हैं। ₹18 करोड़ की फ्रीजिंग और एसएफआईओ की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि ईडी की जाँच दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर आगे बढ़ रही है, न कि केवल राजनीतिक प्रेरणा से। असली सवाल यह है कि क्या एक्सलॉजिक और सीएमआरएल के बीच हुए लेन-देन के लिए वैध सेवा अनुबंध और कर रिकॉर्ड मौजूद हैं — यही वह बिंदु है जिस पर पूरा मामला टिका है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मासाप्पाडी मामला क्या है और इसमें वीना विजयन की क्या भूमिका बताई जाती है?
मासाप्पाडी मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और वीना विजयन की आईटी कंपनी एक्सलॉजिक सोल्यूशंस के बीच कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। जाँच के अनुसार, वीना को 2016 से 2021 के बीच सीएमआरएल से ₹2.78 करोड़ प्राप्त हुए, जिनके बारे में आरोप है कि ये बिना वास्तविक सेवा के दिए गए।
वीना विजयन ईडी के सामने पेश क्यों नहीं हुईं?
वीना विजयन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए ईमेल के जरिए ईडी को सूचित किया कि वह निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं हो सकतीं। सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय कानूनी सलाह-मशविरे के बाद लिया गया।
ईडी ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
ईडी ने छापेमारी के बाद 242 खातों में ₹18 करोड़ से अधिक की राशि फ्रीज की है। धनलक्ष्मी बैंक और एचडीएफसी बैंक में वीना से जुड़े तीन खातों की जाँच हुई है और सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक समेत कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
ईडी की जाँच किस आधार पर चल रही है?
जाँच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) की उन रिपोर्टों पर आधारित है, जिनमें सीएमआरएल द्वारा संदिग्ध खर्च मदों के तहत किए गए भुगतानों की जानकारी सामने आई थी। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू और लेन-देन की वैधता की जाँच कर रही है।
आगे क्या होने की संभावना है?
ईडी नई तारीख देने को तैयार है, लेकिन वीना को नया समन जारी होने की संभावना है। उनके वकील कोच्चि ईडी कार्यालय में दस्तावेज जमा करेंगे। जाँच के और गहरे होने के साथ मामला सीपीआई(एम) के लिए राजनीतिक दबाव का केंद्र बना रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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