मासाप्पाडी मामला: वीना विजयन ने स्वास्थ्य कारणों से ईडी की पूछताछ टाली, नई तारीख की मांग
सारांश
मुख्य बातें
वीना थाइकंडी विजयन, केरल के विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन की बेटी, मासाप्पाडी वित्तीय अनियमितता मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष शुक्रवार, 13 जून को निर्धारित पूछताछ में उपस्थित नहीं हुईं। वीना ने ईमेल के जरिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए एजेंसी से नई तारीख माँगी, साथ ही यह भरोसा दिलाया कि उनके वकील कोच्चि स्थित ईडी कार्यालय में उपस्थित होकर माँगे गए दस्तावेज जमा करेंगे।
मासाप्पाडी मामला क्या है
मासाप्पाडी मलयालम शब्द है जिसका अर्थ है 'मासिक भुगतान'। यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और वीना की आईटी कंपनी एक्सलॉजिक सोल्यूशंस के बीच हुए वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि एक्सलॉजिक को बिना किसी वास्तविक सेवा के नियमित मासिक भुगतान किए गए। जाँच के अनुसार, वीना को 2016 और 2021 के बीच सीएमआरएल से ₹2.78 करोड़ प्राप्त हुए, इसके अतिरिक्त एम्पावर इंडिया कैपिटल से ₹50 लाख का ऋण भी मिला।
ईडी की जाँच का दायरा
ईडी की यह जाँच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) द्वारा उजागर की गई वित्तीय अनियमितताओं पर आधारित है, जिसमें सीएमआरएल द्वारा संदिग्ध मदों के तहत किए गए भुगतानों का उल्लेख है। एजेंसी यह जाँचने में जुटी है कि क्या इन लेन-देन में मनी लॉन्ड्रिंग शामिल थी और क्या भुगतान वैध सेवाओं, सही इनवॉइस तथा कर रिकॉर्ड के आधार पर किए गए थे।
इससे पहले ईडी की छापेमारी के बाद 242 खातों में ₹18 करोड़ से अधिक की राशि फ्रीज की जा चुकी है। जाँचकर्ताओं ने धनलक्ष्मी बैंक और एचडीएफसी बैंक में वीना से जुड़े बताए जा रहे तीन खातों की भी जाँच की है। सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक एस.एन. कार्था, उनके परिवार के सदस्यों और कंपनी के अन्य प्रमुख अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
नई तारीख पर सहमति, लेकिन नया समन संभव
ईडी वीना को नई तारीख देने के लिए सहमत हो गई है, हालाँकि एजेंसी के नया समन जारी करने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, वीना का अधिक समय माँगने का निर्णय इस चरण में ईडी के समक्ष उपस्थित होने के संभावित कानूनी निहितार्थों पर अपने वकीलों से परामर्श के बाद लिया गया।
राजनीतिक असर और आगे की राह
यह मामला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) नेतृत्व के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गया है। विपक्षी दल जवाब माँग रहे हैं और पिनाराई विजयन पर दबाव बढ़ाते जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में और उलझा है जब विजयन स्वयं विपक्ष के नेता की भूमिका में हैं। ईडी की अगली कार्रवाई आने वाले दिनों में तय होगी।