विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार का असम सरकार को समर्थन: माता-पिता की उपेक्षा और दूसरी शादी पर वेतन कटौती नीति सही
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंगलवार, 18 अगस्त को असम सरकार की उस प्रस्तावित नीति का खुलकर समर्थन किया, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों के वेतन में कटौती का प्रावधान किया जाना है — पहला, वृद्ध माता-पिता की उपेक्षा करने पर, और दूसरा, पहली पत्नी के जीवित रहते बिना कानूनी तलाक के दूसरी शादी करने पर। नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान कुमार ने इसे नैतिक और सामाजिक दायित्व की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया।
असम सरकार की नीति का ब्यौरा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की उपेक्षा करता है, तो उसके वेतन का 10 प्रतिशत हिस्सा काटा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने पर वेतन में 20 प्रतिशत तक की कटौती का प्रावधान प्रस्तावित है। यह नीति अभी विचाराधीन बताई जा रही है और इसके क्रियान्वयन का विस्तृत ढाँचा सामने नहीं आया है।
विहिप अध्यक्ष का पक्ष
आलोक कुमार ने कहा, 'मैं इन दोनों कदमों का स्वागत करता हूँ क्योंकि अपने माता-पिता की देखभाल करना न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि एक नैतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारी भी है। अगर कोई इस कर्तव्य को पूरा करने में विफल रहता है, तो समाज को उन्हें दंडित करना चाहिए और सरकार को भी इसे सुनिश्चित करने के लिए उपाय करने चाहिए।'
बहुविवाह के मुद्दे पर उन्होंने कहा, 'लैंगिक समानता के इस दौर में दो पत्नियाँ रखना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। आज पूरी दुनिया एक पति और एक पत्नी के सिद्धांत का सम्मान करती है।' कुमार ने यह भी कहा कि बिना अदालत की शरण लिए केवल तीन बार तलाक कहकर विवाह समाप्त करने जैसी प्रथाएँ सामाजिक रूप से अस्वीकार्य हैं और इनके विरुद्ध संघर्ष किया जाना चाहिए।
वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस पर निशाना
गोवा में आयोजित कांग्रेस के एक अधिवेशन में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के केवल पहले दो अंतरे गाए जाने के मुद्दे पर आलोक कुमार ने कांग्रेस पर अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'यह कांग्रेस की मानसिकता है। अल्पसंख्यकों को खुश करने के प्रयास में पार्टी अक्सर सभी सीमाएँ पार कर जाती है।'
कुमार ने तर्क दिया कि संपूर्ण 'वंदे मातरम' भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रेरणा का स्रोत रहा है और इसके शेष अंतरे भी उसी राष्ट्रभक्ति की भावना को व्यक्त करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया, 'अगर पूरे गीत पर किसी को आपत्ति नहीं है, तो उसे पूरा गाने में क्या दिक्कत है?' उन्होंने कांग्रेस नेता जयराम रमेश और अन्य नेताओं के उस बयान का हवाला भी दिया जिसमें उन्होंने सफाई दी थी कि वे पूरा गीत गाते हैं।
कांग्रेस का पक्ष और घटनाक्रम
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर 'वंदे मातरम' का गायन बीच में रुकवाने की कोशिश के आरोप लगे थे। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को गोवा में राष्ट्रीय गीत गाया, हालाँकि गोवा अधिवेशन की शुरुआत में खड़गे और अन्य नेताओं ने 'वंदे मातरम' के केवल पहले दो अंतरे ही गाए। आलोक कुमार ने इसे 'राष्ट्र का अपमान' और 'कानून की भावना के विरुद्ध' करार दिया।
आगे क्या
असम सरकार की वेतन कटौती नीति का विधिक ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है और यह देखना होगा कि इसे किस रूप में लागू किया जाता है। विहिप के इस समर्थन से इस नीति को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक बहस का केंद्र बनने की संभावना है। आलोचक यह भी सवाल उठा सकते हैं कि माता-पिता की 'उपेक्षा' की परिभाषा कैसे तय होगी और इसकी जाँच का तंत्र क्या होगा।