असम में सरकारी नौकरी: पुलिस सत्यापन अब नियुक्ति में बाधा नहीं, बहुविवाह पर 20% वेतन कटौती का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को सरकारी भर्ती प्रक्रिया में दो बड़े बदलावों की घोषणा की — पहला, पुलिस सत्यापन लंबित रहने पर भी चयनित उम्मीदवार अब सरकारी सेवा में शामिल हो सकेंगे; और दूसरा, बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों के वेतन का 20 प्रतिशत सीधे उनकी पहली पत्नी के बैंक खाते में भेजा जाएगा। यह घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के ज़रिए की।
पुलिस सत्यापन की नई व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया नियुक्ति के बाद भी जारी रह सकती है, परंतु इसे छह महीने के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन पूरा नहीं होता, तो उम्मीदवार के रिकॉर्ड को स्वतः सत्यापित मान लिया जाएगा।
चयनित उम्मीदवार हलफनामा जमा कर सरकारी सेवा में प्रवेश ले सकेंगे। सत्यापन के दौरान उम्मीदवार के चरित्र, पृष्ठभूमि, राष्ट्रीयता और जमा दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जाँच की जाती रहेगी।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, 'पुलिस सत्यापन अब नियुक्तियों में बाधा नहीं बनेगा।' उनके अनुसार, इस बदलाव से उन हज़ारों युवाओं को राहत मिलेगी जो भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी प्रशासनिक देरी के कारण कार्यभार ग्रहण करने में असमर्थ रहते थे।
बहुविवाह पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के सामने ऐसे अनेक मामले लगातार आ रहे हैं जिनमें सरकारी कर्मचारियों ने पहली पत्नी से तलाक लिए बिना दूसरी शादी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के विपरीत बहुविवाह किसी भी सरकारी कर्मचारी के लिए स्वीकार्य नहीं होगा।
ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई (डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग) शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, कार्रवाई पूरी होने तक कर्मचारी के वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा सीधे उसकी पहली पत्नी के बैंक खाते में अंतरित किया जाएगा।
माता-पिता की देखभाल वाली पूर्व व्यवस्था से तुलना
सरमा ने बताया कि असम सरकार इससे पहले भी ऐसे कर्मचारियों के वेतन से कटौती की व्यवस्था लागू कर चुकी है जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते। उस व्यवस्था के तहत वेतन का 10 से 15 प्रतिशत सीधे माता-पिता के बैंक खाते में भेजा जाता है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह योजना सफल रही है और संबंधित शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आई है।
यह ऐसे समय में आया है जब असम सरकार सामाजिक अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता दोनों मोर्चों पर एक साथ कदम उठाने की कोशिश कर रही है।
आम जनता और सरकारी कर्मचारियों पर असर
पुलिस सत्यापन में बदलाव से सीधे तौर पर उन हज़ारों युवाओं को लाभ होगा जो राज्य की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में चयनित होने के बाद भी प्रशासनिक अड़चनों के कारण नियुक्ति पत्र का इंतज़ार करते रहते थे। वहीं, बहुविवाह पर कड़ाई से सरकारी सेवा में नैतिक आचरण के मानक को बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि वेतन-कटौती और विभागीय कार्रवाई की दोहरी व्यवस्था से सरकारी कर्मचारियों में बहुविवाह की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगेगी। इन दोनों घोषणाओं के क्रियान्वयन की दिशा में सरकार की ओर से विस्तृत दिशानिर्देश जल्द जारी होने की संभावना है।