1 अक्टूबर 2026
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वीएचपी नेता विकास प्रभाकर हत्याकांड: यूएई से डिपोर्ट हरविंदर कुमार उर्फ सोनू एनआईए की गिरफ्त में

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वीएचपी नेता विकास प्रभाकर हत्याकांड: यूएई से डिपोर्ट हरविंदर कुमार उर्फ सोनू एनआईए की गिरफ्त में

सारांश

वीएचपी नेता विकास प्रभाकर हत्याकांड में एनआईए की एक और बड़ी पकड़ — यूएई से डिपोर्ट आरोपी हरविंदर कुमार उर्फ सोनू दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार। बीकेआई के इस कथित लॉजिस्टिक्स-फाइनेंसर की गिरफ्तारी जर्मनी-यूएई-भारत फैले आतंकी नेटवर्क की परतें उधेड़ रही है।

मुख्य बातें

एनआईए ने 1 अक्टूबर 2026 को हरविंदर कुमार उर्फ सोनू को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया।
आरोपी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से डिपोर्ट कर भारत लाया गया था।
हरविंदर पर बीकेआई के लिए लॉजिस्टिक्स, फंडिंग, हथियार आपूर्ति और रिक्रूटमेंट का आरोप है।
हत्या की साजिश जर्मनी में बैठे बीकेआई ऑपरेटिव हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने कथित तौर पर रची।
इससे पहले 13 अगस्त 2026 को आरोपी मनवीर राम को अमृतसर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए ने मामले में अब तक तीन चार्जशीट दाखिल की हैं; जांच जारी है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 1 अक्टूबर 2026 को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) नेता विकास प्रभाकर की टारगेट किलिंग मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी ने इस केस में वांछित फरार आरोपी हरविंदर कुमार उर्फ सोनू को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नई दिल्ली पर गिरफ्तार किया, जिसे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से डिपोर्ट कर भारत लाया गया था। गिरफ्तारी के तत्काल बाद उसे विशेष एनआईए कोर्ट में पेश किया गया।

आरोपी की भूमिका और षड्यंत्र का तंत्र

एनआईए की जांच के अनुसार, हरविंदर कुमार यूएई में रहते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के विदेशी ऑपरेटिव्स के लिए लॉजिस्टिक्स और फाइनेंसर के तौर पर काम कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने रिक्रूटर और हैंडलर की भूमिका निभाई, शूटर्स के लिए हथियारों का इंतजाम किया तथा उन्हें पहुंचाया।

इसके अतिरिक्त, हरविंदर ने जर्मनी में बैठे बीकेआई ऑपरेटिव्स हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के निर्देश पर आतंकी फंड को प्राप्त एवं स्थानांतरित भी किया। जांच एजेंसी के अनुसार, विकास प्रभाकर की हत्या की पूरी साजिश इन्हीं दोनों जर्मनी स्थित ऑपरेटिव्स ने रची थी।

मुख्य घटनाक्रम और पूर्व गिरफ्तारी

एनआईए ने इस हत्याकांड का मामला 9 मई 2024 को दर्ज किया था और अब तक तीन चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इससे पहले 13 अगस्त 2026 को इसी मामले में यूएई में रह रहे एक अन्य आरोपी मनवीर राम को अमृतसर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। मनवीर पर वारदात में इस्तेमाल हथियारों की आपूर्ति करने का आरोप है।

गौरतलब है कि यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है जो सीधे यूएई कनेक्शन से जुड़ी है, जो इस मामले के अंतरराष्ट्रीय आयाम को उजागर करती है।

बीकेआई का नेटवर्क और जांच की दिशा

विकास प्रभाकर की हत्या में प्रतिबंधित संगठन बीकेआई के सदस्यों की संलिप्तता सामने आई है। एनआईए की जांच के अनुसार, यह संगठन विदेश में बैठे अपने सदस्यों के ज़रिये भारत में हमले कराने के लिए एक बहु-स्तरीय नेटवर्क का उपयोग करता है — जिसमें फंडिंग, हथियार आपूर्ति और स्थानीय रिक्रूटमेंट की अलग-अलग कड़ियाँ होती हैं। हरविंदर कुमार इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी था।

एनआईए की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

एनआईए ने कहा कि हरविंदर की यूएई से वापसी और गिरफ्तारी एजेंसी की आतंकवाद मामलों में फरार आरोपियों को भारत लाकर कानून के समक्ष पेश करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सफलता विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। मामले में जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विदेश में बैठकर भारत में टारगेट किलिंग करवाता है। जर्मनी में साजिशकर्ता, यूएई में फाइनेंसर-लॉजिस्टिशियन और भारत में शूटर्स — यह मॉडल नया नहीं है, लेकिन इसकी जड़ें कितनी गहरी और व्यापक हैं, यह चिंताजनक है। असली सवाल यह है कि जर्मनी में बैठे मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुँचने के लिए भारत किस कूटनीतिक और कानूनी रास्ते का उपयोग करेगा, क्योंकि जब तक विदेश स्थित ऑपरेटिव्स बेखौफ रहेंगे, ऐसे नेटवर्क पर लगाम कसना आधा-अधूरा ही रहेगा।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरविंदर कुमार उर्फ सोनू को क्यों गिरफ्तार किया गया?
हरविंदर कुमार को वीएचपी नेता विकास प्रभाकर की टारगेट किलिंग में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया। एनआईए के अनुसार, वह यूएई से बीकेआई के लिए लॉजिस्टिक्स, फंडिंग और हथियार आपूर्ति का काम कर रहा था।
विकास प्रभाकर हत्याकांड में एनआईए की जांच कब शुरू हुई थी?
एनआईए ने यह मामला 9 मई 2024 को दर्ज किया था। तब से एजेंसी अब तक तीन चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और कई गिरफ्तारियाँ कर चुकी है।
इस हत्याकांड में बब्बर खालसा इंटरनेशनल की क्या भूमिका बताई गई है?
एनआईए की जांच के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन बीकेआई के सदस्यों ने विकास प्रभाकर की हत्या को अंजाम दिया। हत्या की साजिश जर्मनी में बैठे बीकेआई ऑपरेटिव हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने कथित तौर पर रची थी।
इस मामले में इससे पहले कौन-सी गिरफ्तारी हुई थी?
13 अगस्त 2026 को इसी मामले में आरोपी मनवीर राम को अमृतसर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। मनवीर पर वारदात में इस्तेमाल हथियारों की आपूर्ति का आरोप है।
हरविंदर कुमार को यूएई से भारत कैसे लाया गया?
हरविंदर कुमार को यूएई प्रशासन द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को डिपोर्ट किया गया, जिसके बाद एनआईए ने उसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया। एनआईए के अनुसार यह विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
राष्ट्र प्रेस
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