शायना एनसी ने कांग्रेस के नेताओं पर वीआईपी संस्कृति का आरोप लगाया, कहा: जनता से ऊपर समझने वाले विधायकों को राजनीति में रहने का अधिकार नहीं

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शायना एनसी ने कांग्रेस के नेताओं पर वीआईपी संस्कृति का आरोप लगाया, कहा: जनता से ऊपर समझने वाले विधायकों को राजनीति में रहने का अधिकार नहीं

सारांश

शिवसेना नेता शायना एनसी ने कांग्रेस के नेताओं पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो विधायक खुद को जनता से ऊपर समझते हैं, उन्हें राजनीति में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उनका यह बयान कर्नाटक में चल रहे वीआईपी संस्कृति के विवाद के संदर्भ में आया है।

मुख्य बातें

शायना एनसी ने वीआईपी संस्कृति पर कड़ा प्रहार किया।
जो विधायक जनता से ऊपर समझते हैं, उन्हें राजनीति में रहने का अधिकार नहीं।
कर्नाटक में कांग्रेस नेताओं का विवाद बढ़ा है।
वीआईपी संस्कृति का अंत होना चाहिए।
शांति और अहिंसा के सिद्धांत आज और प्रासंगिक हैं।

मुंबई, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना की नेता शायना एनसी ने वीआईपी संस्कृति को लेकर कांग्रेस के नेताओं पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो विधायक खुद को जनता से ऊपर समझता है, उसे राजनीति में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

कर्नाटक की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है, जहां कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आईपीएल मैच देखने के लिए लाइन में खड़े होने से मना करते हुए विशेष व्यवस्था की मांग की। इससे कांग्रेस के विधायकों को टिकट दिए जाने की खबरों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शायना एनसी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि कर्नाटक के ऐसे विधायक और सांसद, जो खुद को वीआईपी मानते हैं और लाइन में खड़े होने से इंकार करते हैं, उनकी सोच पर शर्म आती है। देश में अब वीआईपी कल्चर का अंत होना चाहिए और यह समझना आवश्यक है कि जनता ही नेताओं को चुनती है। यदि जनप्रतिनिधि जनता का सम्मान नहीं करेंगे, तो जनता उन्हें उचित जवाब देगी।

उन्होंने आगे कहा कि जो भी विधायक खुद को आम जनता के मुकाबले ऊपर समझता है, उसे राजनीति में रहने का कोई हक नहीं है। उनके अनुसार, वीआईपी संस्कृति के दिन खत्म हो चुके हैं और जनता ऐसे नेताओं को खारिज कर देगी जो अपने को विशेषाधिकार प्राप्त मानते हैं।

इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लोकसभा में दिए गए भाषण पर शायना एनसी ने कहा कि हर भारतीय को उनका भाषण सुनना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार के प्रयासों से देश में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में बड़ी सफलता मिली है।

महावीर जयंती के अवसर पर भी शायना एनसी ने एक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के अमन, शांति और अहिंसा के सिद्धांत आज के समय में और अधिक प्रासंगिक हैं, विशेषकर जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अशांति का माहौल है। भारत इन आदर्शों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने एकनाथ शिंदे के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य नेतृत्व भी इसी सोच को आगे बढ़ा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां नेताओं की जनता के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। शायना एनसी का यह बयान वीआईपी संस्कृति के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शायना एनसी ने किस मुद्दे पर बयान दिया?
शायना एनसी ने वीआईपी संस्कृति के मुद्दे पर कांग्रेस के नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि जो विधायक खुद को जनता से ऊपर समझते हैं, उन्हें राजनीति में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
कर्नाटक में क्या विवाद चल रहा है?
कर्नाटक में कांग्रेस के नेताओं ने आईपीएल मैच देखने के लिए विशेष व्यवस्था की मांग की थी, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
वीआईपी संस्कृति का क्या महत्व है?
वीआईपी संस्कृति का मतलब है कि कुछ लोग खुद को विशेषाधिकार प्राप्त मानते हैं, जो लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।
राष्ट्र प्रेस
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