27 सितंबर 2026
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नायब सैनी का विपक्ष पर हमला: 'मुद्दाविहीन होकर चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को बना रहे निशाना'

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नायब सैनी का विपक्ष पर हमला: 'मुद्दाविहीन होकर चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को बना रहे निशाना'

सारांश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि सीईसी ज्ञानेश कुमार पर निशाना दरअसल मुद्दाविहीन विपक्ष की बौखलाहट है। SIR विवाद और चुनाव आयोग की स्वायत्तता का सवाल अब राष्ट्रीय राजनीति में केंद्र में आ गया है।

मुख्य बातें

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 27 सितंबर 2026 को गुरुग्राम में प्रेस कांफ्रेंस कर विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।
विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कर रहा है; सैनी ने इसे 'बेबुनियाद' बताया।
सैनी ने कहा कि चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया और 24 जून 2025 के आदेश को लेकर आयोग के भीतर कोई मतभेद न होने की स्पष्ट पुष्टि की है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि उनकी आदत है — पहले आरोप, फिर माफी।
सैनी ने दावा किया कि जनता विपक्ष की नीतियों को नकार रही है और हर चुनाव में उसे सत्ता से बाहर कर रही है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 27 सितंबर 2026 को गुरुग्राम में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर उठे विवाद के बीच सैनी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह देश की संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने की राजनीति कर रहा है।

मुख्य आरोप और सैनी का पक्ष

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि विपक्षी दल पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग सहित देश की संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमज़ोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार विपक्ष एक ऐसी धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है जिससे लगे कि देश की चुनावी व्यवस्था में गंभीर खामियाँ हैं।

सैनी ने कहा, 'हम संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करते हैं। चुनाव आयोग एक संवैधानिक और स्वतंत्र संस्था है। इसके विपरीत विपक्षी दलों ने इस तरह का सम्मान नहीं दिखाया है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वतंत्र संस्थाओं के कामकाज को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

एसआईआर विवाद पर स्पष्टीकरण

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे मतभेद के आरोपों को सैनी ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने अपने संयुक्त बयान के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि 24 जून 2025 के मूल आदेश अथवा विभिन्न चरणों में SIR लागू करने के कार्यक्रम को लेकर आयोग के भीतर कोई असहमति नहीं है।

सैनी के अनुसार, चुनाव आयोग के इस स्पष्टीकरण के बाद विपक्ष के आरोप जनता के सामने खुद ही बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बेबुनियाद दावों से संस्थागत विश्वसनीयता पर जो सवाल खड़े किए जा रहे हैं, वे लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध हैं।

राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका से च्युत बताया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि राहुल और उनके नेताओं की आदत बन गई है कि पहले बेतुके आरोप लगाते हैं और बाद में माफी माँग लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक मर्यादाओं का पालन करना छोड़ दिया है।

सैनी ने यह भी कहा कि विपक्ष अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने के अलावा किसी सकारात्मक एजेंडे पर काम नहीं कर रहा। उनके अनुसार, विपक्ष अपनी नीतियों की विफलता के कारण हताश और निराश है।

विपक्षी शासनकाल पर आरोप

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने विपक्ष के पिछले शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि तब युवाओं को अपमान सहना पड़ा, किसानों और गरीबों के साथ अन्याय हुआ तथा महिलाओं के बीच भय का माहौल व्याप्त था। उनके अनुसार, देश की जनता ने विपक्ष की गलत नीतियों को नकार दिया है और जहाँ भी चुनाव होते हैं, जनता उन्हें सत्ता से बाहर कर देती है।

आगे क्या होगा

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी है और यह विवाद संसदीय सत्र तक खिंचने की आशंका है। सैनी की प्रेस कांफ्रेंस को भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब राज्य स्तर से भी दिया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि SIR प्रक्रिया और सीईसी विवाद आने वाले महीनों में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि महज़ पार्टी-लाइन की लड़ाई के बारे में।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नायब सैनी ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 27 सितंबर 2026 को गुरुग्राम में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर यह धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है कि देश की चुनावी व्यवस्था में गंभीर खामियाँ हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों हो रही है?
विपक्षी दलों ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया और चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद का हवाला देते हुए सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की है। चुनाव आयोग ने संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि 24 जून 2025 के मूल आदेश या SIR कार्यक्रम को लेकर आयोग के भीतर कोई असहमति नहीं है।
SIR प्रक्रिया क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक चुनावी प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूचियों की समीक्षा की जाती है। विपक्षी दलों ने इसके क्रियान्वयन और चुनाव आयोग के भीतर इस पर मतभेद होने का आरोप लगाया है, जिसे आयोग और सत्ताधारी पक्ष दोनों ने बेबुनियाद बताया है।
सैनी ने राहुल गांधी पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी और उनके नेताओं की आदत बन गई है — पहले बेतुके आरोप लगाते हैं और बाद में माफी माँग लेते हैं। सैनी ने कहा कि इससे जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका कमज़ोर होती है।
इस विवाद का आगे क्या असर हो सकता है?
सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और SIR विवाद के संसदीय सत्र तक खिंचने की आशंका है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव आयोग की प्रक्रियागत स्वायत्तता को लेकर यह बहस आने वाले महीनों में एक बड़ा राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बन सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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