विश्व पर्यावरण दिवस 2026: दिल्ली में 10 हज़ार एकड़ में वृक्षारोपण, नासिक में 15,000 नागरिकों ने साफ की नंदिनी नदी
सारांश
मुख्य बातें
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2026 को देशभर में पर्यावरण संरक्षण के व्यापक अभियान चलाए गए। दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने वृक्षारोपण, नदी सफाई और जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की। इस बार अभियान की व्यापकता और जनभागीदारी दोनों ही उल्लेखनीय रहीं।
दिल्ली में वृक्षारोपण अभियान
भाजपा सांसद वीरेंद्र सचदेवा ने मयूर विहार में पौधे लगाए और नागरिकों से अधिक पेड़ लगाने, कागज का उपयोग घटाने तथा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से परहेज़ करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'आज पूरी दिल्ली में पेड़ लगाओ अभियान चला रहे हैं। प्रकृति को हम अपनी मां के रूप में देखते हैं। आने वाली पीढ़ियों को अच्छा पर्यावरण देना है तो आज हमें भरपूर पेड़ लगाने होंगे।'
दक्षिणी दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के मार्गदर्शन में उनके लोकसभा क्षेत्र में 10 हज़ार एकड़ ज़मीन पर पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से दिल्ली को हरा-भरा बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें याद दिलाता है कि धरती और पर्यावरण की सुरक्षा सबकी साझा ज़िम्मेदारी है। उन्होंने हर नागरिक से बारिश के मौसम में कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की।
यूपी सरकार में मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को एक विशेष पहल बताया, जिसकी शुरुआत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गई। उन्होंने सभी से अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाने का आह्वान किया।
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल के रामकृष्ण मिशन में 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और पर्यावरण संरक्षण पहलों के अनुरूप बताया।
नासिक में नंदिनी नदी की सफाई
महाराष्ट्र के नासिक में विश्व पर्यावरण दिवस पर नंदिनी नदी की सफाई का व्यापक अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 15,000 नागरिकों ने भाग लिया। नासिक की मेयर हिमागौरी अडके ने कहा, 'नंदिनी नदी की सफाई के लिए हम सब इकट्ठे हुए हैं। 'सेवा ही स्नान है' — यह हमारा नारा है।'
महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने इस अवसर पर कहा कि सुंदर, स्वच्छ और हरित नासिक के लिए सभी नागरिक नंदिनी नदी में मिलकर काम कर रहे हैं। यह अभियान नागरिक सहभागिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब देश में वायु प्रदूषण, नदियों के प्रदूषण और वनों की कटाई को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि विश्व पर्यावरण दिवस पर इस बार की जनभागीदारी — विशेषकर नासिक में 15,000 लोगों की उपस्थिति — पिछले वर्षों की तुलना में व्यापक रही। विशेषज्ञों का मानना है कि एक दिन के प्रतीकात्मक अभियान को वर्षभर की निरंतर नीति में बदलना ज़रूरी है, तभी ये प्रयास दीर्घकालिक परिणाम दे सकते हैं।