21 जुलाई 2026
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विश्व पर्यावरण दिवस 2026: दिल्ली में 10 हज़ार एकड़ में वृक्षारोपण, नासिक में 15,000 नागरिकों ने साफ की नंदिनी नदी

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विश्व पर्यावरण दिवस 2026: दिल्ली में 10 हज़ार एकड़ में वृक्षारोपण, नासिक में 15,000 नागरिकों ने साफ की नंदिनी नदी

सारांश

विश्व पर्यावरण दिवस पर देश एकजुट हुआ — दिल्ली में 10 हज़ार एकड़ वृक्षारोपण, यूपी और बंगाल में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान, और नासिक में 15,000 नागरिकों ने नंदिनी नदी साफ की। प्रतीकात्मकता से परे, यह जनभागीदारी पर्यावरण चेतना की बढ़ती लहर का संकेत है।

मुख्य बातें

5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस पर देशभर में वृक्षारोपण और नदी सफाई अभियान चलाए गए।
भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दक्षिणी दिल्ली के अपने लोकसभा क्षेत्र में 10 हज़ार एकड़ में वृक्षारोपण की घोषणा की।
नासिक में नंदिनी नदी सफाई अभियान में करीब 15,000 नागरिकों ने भाग लिया; मेयर हिमागौरी अडके ने नेतृत्व किया।
यूपी मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी और बंगाल मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का शुभारंभ किया।
यूपी मंत्री राकेश सचान ने हर नागरिक से बारिश के मौसम में कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2026 को देशभर में पर्यावरण संरक्षण के व्यापक अभियान चलाए गए। दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने वृक्षारोपण, नदी सफाई और जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की। इस बार अभियान की व्यापकता और जनभागीदारी दोनों ही उल्लेखनीय रहीं।

दिल्ली में वृक्षारोपण अभियान

भाजपा सांसद वीरेंद्र सचदेवा ने मयूर विहार में पौधे लगाए और नागरिकों से अधिक पेड़ लगाने, कागज का उपयोग घटाने तथा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से परहेज़ करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'आज पूरी दिल्ली में पेड़ लगाओ अभियान चला रहे हैं। प्रकृति को हम अपनी मां के रूप में देखते हैं। आने वाली पीढ़ियों को अच्छा पर्यावरण देना है तो आज हमें भरपूर पेड़ लगाने होंगे।'

दक्षिणी दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के मार्गदर्शन में उनके लोकसभा क्षेत्र में 10 हज़ार एकड़ ज़मीन पर पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से दिल्ली को हरा-भरा बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है।

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें याद दिलाता है कि धरती और पर्यावरण की सुरक्षा सबकी साझा ज़िम्मेदारी है। उन्होंने हर नागरिक से बारिश के मौसम में कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की।

यूपी सरकार में मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को एक विशेष पहल बताया, जिसकी शुरुआत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गई। उन्होंने सभी से अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाने का आह्वान किया।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल के रामकृष्ण मिशन में 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और पर्यावरण संरक्षण पहलों के अनुरूप बताया।

नासिक में नंदिनी नदी की सफाई

महाराष्ट्र के नासिक में विश्व पर्यावरण दिवस पर नंदिनी नदी की सफाई का व्यापक अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 15,000 नागरिकों ने भाग लिया। नासिक की मेयर हिमागौरी अडके ने कहा, 'नंदिनी नदी की सफाई के लिए हम सब इकट्ठे हुए हैं। 'सेवा ही स्नान है' — यह हमारा नारा है।'

महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने इस अवसर पर कहा कि सुंदर, स्वच्छ और हरित नासिक के लिए सभी नागरिक नंदिनी नदी में मिलकर काम कर रहे हैं। यह अभियान नागरिक सहभागिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब देश में वायु प्रदूषण, नदियों के प्रदूषण और वनों की कटाई को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि विश्व पर्यावरण दिवस पर इस बार की जनभागीदारी — विशेषकर नासिक में 15,000 लोगों की उपस्थिति — पिछले वर्षों की तुलना में व्यापक रही। विशेषज्ञों का मानना है कि एक दिन के प्रतीकात्मक अभियान को वर्षभर की निरंतर नीति में बदलना ज़रूरी है, तभी ये प्रयास दीर्घकालिक परिणाम दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि '10 हज़ार एकड़ वृक्षारोपण' जैसी घोषणाओं की निगरानी और जवाबदेही का तंत्र क्या है। नासिक में 15,000 नागरिकों की नदी सफाई में भागीदारी प्रेरणादायक है, पर नंदिनी जैसी नदियों के प्रदूषण की असली जड़ — अनुपचारित औद्योगिक और घरेलू अपशिष्ट — पर कोई ठोस नीतिगत घोषणा नहीं हुई। 'एक पेड़ मां के नाम' भावनात्मक रूप से शक्तिशाली है, लेकिन पेड़ लगाने और उनके जीवित रहने की दर में भारी अंतर होता है — यही वह डेटा है जो सरकारें शायद ही साझा करती हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर भारत में कौन-कौन से प्रमुख अभियान चलाए गए?
5 जून 2026 को दिल्ली में 10 हज़ार एकड़ वृक्षारोपण, यूपी और बंगाल में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान तथा नासिक में नंदिनी नदी सफाई अभियान प्रमुख रहे। इन कार्यक्रमों में केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्री, सांसद और हज़ारों नागरिक शामिल हुए।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान क्या है?
यह एक वृक्षारोपण पहल है जिसमें नागरिकों से अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने का आह्वान किया जाता है। इस अभियान की शुरुआत 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में की गई।
नासिक में नंदिनी नदी सफाई अभियान में कितने लोग शामिल हुए?
नासिक की नंदिनी नदी सफाई अभियान में करीब 15,000 नागरिकों ने भाग लिया। नासिक की मेयर हिमागौरी अडके और महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने इस अभियान का नेतृत्व किया।
दिल्ली में विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण की क्या योजना रही?
दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के मार्गदर्शन में उनके लोकसभा क्षेत्र में 10 हज़ार एकड़ भूमि पर पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा सांसद वीरेंद्र सचदेवा ने मयूर विहार में पौधे लगाकर सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से बचने की अपील की।
विश्व पर्यावरण दिवस क्यों मनाया जाता है?
विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह संयुक्त राष्ट्र की पहल है और भारत सहित दुनियाभर के देश इस दिन वृक्षारोपण, सफाई अभियान और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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