पश्चिम बंगाल में मतगणना केंद्र घटाकर 77 किए, चुनाव आयोग के फैसले पर TMC ने उठाए सवाल
सारांश
जिलावार मतगणना केंद्रों का विवरण
आयोग द्वारा जारी जिलावार आंकड़ों के अनुसार — अलीपुरद्वार में 1, बांकुरा में 3, बीरभूम में 3, कूच बिहार में 5, दक्षिण दिनाजपुर में 2, दार्जिलिंग में 3, हुगली में 5, हावड़ा में 4, जलपाईगुड़ी में 2, झाड़ग्राम में 1, कालीम्पोंग में 1, कोलकाता में 5 (उत्तर कोलकाता में 1 और दक्षिण कोलकाता में 4), मालदा में 2, मुर्शिदाबाद में 5, नादिया में 4, उत्तर 24 परगना में 7, पश्चिम बर्दवान में 2, पश्चिम मिदनापुर में 3, पूर्वी बर्दवान में 4, पूर्वी मिदनापुर में 4, पुरुलिया में 3, दक्षिण 24 परगना में 6 और उत्तर दिनाजपुर में 2 मतगणना केंद्र होंगे।
कोलकाता के केंद्र
कोलकाता की 11 विधानसभा सीटों के लिए 5 मतगणना केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें बाबासाहेब अंबेडकर शिक्षा विश्वविद्यालय (बल्लीगंज सर्कुलर रोड), बल्लीगंज सरकारी हाई स्कूल, नेताजी इंडोर स्टेडियम, शखावत मेमोरियल स्कूल और डायमंड हार्बर रोड स्थित सेंट थॉमस बॉयज स्कूल शामिल हैं।
TMC की आपत्ति और आगे की राह
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मतगणना प्रक्रिया से ठीक पहले केंद्रों के पुनर्व्यवस्थापन के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का तर्क है कि इतनी देर से किए गए बदलाव मतगणना की पारदर्शिता और एजेंटों की तैयारी को प्रभावित कर सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दो चरणों में संपन्न विधानसभा चुनावों के नतीजों का इंतजार पूरे राज्य को है। मतगणना की तारीख नज़दीक आते ही राजनीतिक दलों की निगाहें अब इन 77 केंद्रों पर टिकी हैं।
Key Takeaways
चुनाव आयोग (ECI) ने गुरुवार, 30 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में मतगणना केंद्रों की संख्या घटाकर 77 कर दी — जो मात्र दो सप्ताह में तीसरी बार हुई कटौती है। राज्य के 294 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना अब इन्हीं 77 केंद्रों पर होगी। इस निर्णय पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने तीखी आपत्ति जताई है।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल के कार्यालय ने गुरुवार को जिलावार सूची जारी करते हुए बताया कि राज्य भर के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 77 केंद्रों पर मतगणना की जाएगी। प्रत्येक केंद्र का पूरा पता भी सार्वजनिक कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में मतगणना के लिए 108 केंद्र बनाए गए थे। 17 अप्रैल को आयोग ने इसे घटाकर 87 किया था, और अब एक और कटौती के बाद यह संख्या 77 पर आ गई है। तुलनात्मक रूप से, 2016 के विधानसभा चुनावों में 90 केंद्रों पर मतगणना हुई थी।
सीईओ का बयान
CEO मनोज अग्रवाल ने संकेत दिया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो केंद्रों की संख्या 77 से भी कम की जा सकती है। उन्होंने कहा,