10 अगस्त 2026
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भारतीय विमानन में महिलाओं की भागीदारी 25% तक बढ़ाएगी सरकार: नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू

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भारतीय विमानन में महिलाओं की भागीदारी 25% तक बढ़ाएगी सरकार: नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू

सारांश

भारत में पहले से ही वैश्विक औसत से तीन गुना अधिक महिला पायलट हैं — और अब सरकार इस बढ़त को पूरे विमानन कार्यबल में 25% तक ले जाने का लक्ष्य रख रही है। नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू का यह ऐलान eVTOL से लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन तक हर क्षेत्र को समेटता है।

मुख्य बातें

नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने 10 अगस्त 2026 को घोषणा की कि सरकार विमानन कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 25 प्रतिशत तक बढ़ाएगी।
भारत में वर्तमान में लगभग 15 प्रतिशत पायलट महिलाएँ हैं, जबकि वैश्विक औसत मात्र 5 प्रतिशत है।
लक्ष्य केवल पायलटों तक सीमित नहीं — इसमें तकनीकी सेवाएँ, प्रबंधन पद, eVTOL और एयरपोर्ट रोज़गार भी शामिल हैं।
मंत्री ने महिलाओं को रोज़गार के साथ-साथ निर्णय प्रक्रिया और नेतृत्व में भी समान अवसर देने पर ज़ोर दिया।
भारत को महिला पायलट अनुपात के मामले में दुनिया के कई देशों के लिए एक आदर्श उदाहरण बताया गया।

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घोषणा की कि सरकार भारतीय विमानन क्षेत्र के समग्र कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक पहुँचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत पहले से ही महिला पायलटों की संख्या के मामले में वैश्विक औसत से तीन गुना आगे है, और अब यह सफलता विमानन के हर क्षेत्र में दोहराई जाएगी।

वैश्विक औसत से कहीं आगे भारत

मंत्री ने बताया कि फिलहाल भारत में लगभग 15 प्रतिशत पायलट महिलाएँ हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आँकड़ा मात्र 5 प्रतिशत के आसपास है। उन्होंने इसे देश की समावेशी सोच और अवसरों की उपलब्धता का प्रमाण बताया। नायडू ने कहा, "नारी शक्ति भारत के विमानन विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रही है। हमारे यहाँ 15 प्रतिशत पायलट महिलाएँ हैं, जबकि वैश्विक औसत केवल 5 प्रतिशत है। हम इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक ले जाना चाहते हैं और विमानन क्षेत्र में महिलाओं के लिए और अधिक अवसर पैदा करना चाहते हैं।"

लक्ष्य केवल पायलटों तक सीमित नहीं

नायडू ने स्पष्ट किया कि सरकार का 25 प्रतिशत का लक्ष्य केवल महिला पायलटों तक नहीं, बल्कि पूरे विमानन कार्यबल पर लागू होगा। इसमें हवाई अड्डों से जुड़े रोज़गार, तकनीकी सेवाएँ, प्रबंधन पद, eVTOL जैसी उभरती प्रौद्योगिकियाँ और भविष्य की विमानन सेवाओं से जुड़े अवसर शामिल हैं। उन्होंने कहा, "चाहे एयरपोर्ट से जुड़े कार्य हों, eVTOL जैसी नई तकनीकें हों या विमानन क्षेत्र में विकसित हो रहे अन्य इकोसिस्टम, हम हर जगह महिलाओं की अधिक भागीदारी देखना चाहते हैं।"

नेतृत्व और निर्णय में महिलाओं की भूमिका

मंत्री ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि विमानन उद्योग को ऐसा कार्यवातावरण तैयार करना होगा जहाँ महिलाएँ सहजता से काम कर सकें, करियर में आगे बढ़ सकें और नेतृत्वकारी भूमिकाएँ निभा सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल रोज़गार नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी समान भागीदारी मिलनी चाहिए। गौरतलब है कि भारत ने विमानन क्षेत्र में महिलाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन तकनीकी और प्रबंधन पदों पर अभी भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व की कमी है।

युवा महिलाओं से अपील

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए राम मोहन नायडू ने कहा कि विमानन क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती रुचि उन्हें उत्साहित करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में और अधिक युवा महिलाएँ पायलट, इंजीनियर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, एविएशन मैनेजर और अन्य पेशेवर भूमिकाओं में करियर बनाने के लिए सामने आएंगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय विमानन उद्योग तेज़ी से विस्तार के दौर में है और आने वाले दशक में हज़ारों नए पेशेवरों की माँग अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आँकड़ा मुख्यतः कुछ बड़े एयरलाइनों और प्रशिक्षण संस्थानों की वजह से है — तकनीकी इंजीनियरिंग, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और वरिष्ठ प्रबंधन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी बेहद कम है। 25% का लक्ष्य तब तक अर्थहीन है जब तक इसके साथ क्षेत्रवार बेंचमार्क, समयसीमा और जवाबदेही तंत्र नहीं आता। विमानन उद्योग के तेज़ विस्तार के बीच यह अवसर की खिड़की है — लेकिन घोषणाओं से आगे बढ़कर संस्थागत बदलाव की ज़रूरत है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी का 25% लक्ष्य क्या है?
केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने 10 अगस्त 2026 को घोषणा की कि सरकार विमानन क्षेत्र के समग्र कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक पहुँचाने का लक्ष्य रखती है। यह लक्ष्य पायलटों के साथ-साथ तकनीकी सेवाओं, प्रबंधन और eVTOL जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को भी समेटता है।
भारत में अभी कितनी महिला पायलट हैं?
वर्तमान में भारत में लगभग 15 प्रतिशत पायलट महिलाएँ हैं, जो वैश्विक औसत 5 प्रतिशत से तीन गुना अधिक है। मंत्री राम मोहन नायडू ने इसे भारत की बड़ी उपलब्धि बताया।
क्या यह 25% लक्ष्य केवल महिला पायलटों के लिए है?
नहीं, मंत्री नायडू ने स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य पूरे विमानन कार्यबल के लिए है। इसमें एयरपोर्ट रोज़गार, तकनीकी सेवाएँ, प्रबंधन पद, eVTOL और भविष्य की विमानन सेवाओं से जुड़े सभी अवसर शामिल हैं।
भारत विमानन क्षेत्र में महिलाओं के लिए वैश्विक आदर्श कैसे बना?
भारत ने लंबे समय से महिलाओं को विमानन में प्रवेश, योगदान और नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित किया है। वैश्विक औसत 5% के मुकाबले 15% महिला पायलट अनुपात के कारण कई देश भारत को एक उदाहरण के रूप में देखते हैं।
विमानन क्षेत्र में महिलाओं के लिए आगे क्या अवसर होंगे?
मंत्री नायडू ने कहा कि आने वाले वर्षों में पायलट, इंजीनियर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, एविएशन मैनेजर और eVTOL जैसी नई तकनीकों से जुड़े पदों पर महिलाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे। सरकार ऐसा कार्यवातावरण बनाने पर ध्यान दे रही है जहाँ महिलाएँ नेतृत्वकारी भूमिकाएँ भी निभा सकें।
राष्ट्र प्रेस
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