दक्षिण एशिया का पहला वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम गांधीनगर में, 65 देशों के 2,000 विशेषज्ञ करेंगे मंथन
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण एशिया में पहली बार आयोजित हो रहे वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF) की मेजबानी गुजरात की राजधानी गांधीनगर करेगी, जहाँ 15 और 16 सितंबर 2026 को महात्मा मंदिर में 65 से अधिक देशों के 2,000 से ज़्यादा हितधारक एकत्र होंगे। 'सर्कुलर इकोनॉमी: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव' थीम पर केंद्रित यह फोरम संसाधन दक्षता, सर्कुलर फाइनेंस, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर गहन विमर्श का मंच बनेगा।
उद्घाटन और प्रमुख भागीदार
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मंगलवार को संयुक्त रूप से फोरम का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन सत्र में राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, भारत में फिनलैंड के राजदूत मिक्को किविकोस्की, सिट्रा के अध्यक्ष एटे जास्केलाइनेन और नीदरलैंड के आर्थिक मामलों एवं जलवायु मंत्रालय की प्रतिनिधि मैरीके स्पाइकरबोअर भी उपस्थित रहेंगी।
इस फोरम का आयोजन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), फिनिश इनोवेशन फंड सिट्रा, फिनलैंड सरकार, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, गुजरात सरकार और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
मुख्य विषय और सत्र
दो दिवसीय मुख्य कार्यक्रम में चार पूर्ण सत्र (Plenary Sessions) और 16 विषय-आधारित सत्र आयोजित होंगे। चर्चाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग, रोज़गार सृजन, ऊर्जा उत्पादन, सर्कुलर फाइनेंस, गवर्नेंस, टिकाऊ उत्पाद, औद्योगिक समाधान, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और युवा नेतृत्व जैसे विषय शामिल होंगे।
गांधीनगर में एक अंतरराष्ट्रीय एक्सपो भी आयोजित होगा, जिसमें 125 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक भाग लेंगे। इसमें स्टार्ट-अप्स द्वारा विकसित व्यावहारिक सर्कुलर-इकोनॉमी समाधान और निवेश के लिए तैयार नवाचार प्रदर्शित किए जाएंगे।
भारत की वैश्विक भूमिका और 'ग्लोबल साउथ' का एजेंडा
यह फोरम भारत की सर्कुलर इकोनॉमी पहलों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने और 'ग्लोबल साउथ' के देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मज़बूत करने का अवसर है। 15 सितंबर को फोरम के साथ-साथ 'सस्टेनेबल कंजम्पशन एंड प्रोडक्शन पैटर्न्स पर 10 साल के प्रोग्राम फ्रेमवर्क' (10YFP) बोर्ड की बैठक भी होगी। गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में इस बोर्ड के को-चेयर की भूमिका संभाली है।
यह ऐसे समय में आया है जब विश्व भर में पारंपरिक रैखिक उत्पादन मॉडल — 'लो, बनाओ, फेंको' — से हटकर ऐसी प्रणालियों की ओर बढ़ने की ज़रूरत पर जोर दिया जा रहा है, जो संसाधनों को दोबारा उपयोग, मरम्मत और पुनर्चक्रण के ज़रिये अर्थव्यवस्था में बनाए रखें।
समापन और विस्तारित कार्यक्रम
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 16 सितंबर के समापन समारोह में शामिल होंगे। फिनलैंड की जलवायु और पर्यावरण मंत्री सारी मुलताला, गुजरात के डिप्टी सीएम एवं उद्योग मंत्री हर्ष संघवी और वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री प्रवीण माली के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है।
17 और 18 सितंबर को वैश्विक भागीदार गांधीनगर और दुनिया भर की अन्य जगहों पर ऑनलाइन, हाइब्रिड और आमने-सामने के प्रारूप में 80 एक्सेलेरेटर सत्र आयोजित करेंगे। कार्यक्रम का समापन सिट्रा के प्रतिनिधि द्वारा फोरम को अगले मेजबान देश को औपचारिक रूप से सौंपने के साथ होगा, जो वैश्विक सर्कुलर इकोनॉमी आंदोलन में भारत की बढ़ती नेतृत्व भूमिका को रेखांकित करता है।