शी चिनफिंग ने 'चांगचो 110' टीम को पत्र लिखकर दिया प्रोत्साहन, जनसेवा का संकल्प दोहराने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति और सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग ने फुच्येन प्रांत में स्थित प्रसिद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया दल 'चांगचो 110' के समस्त सदस्यों को एक जवाबी पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए अपनी हार्दिक अपेक्षाएँ साझा कीं। यह पत्र तब आया जब दल के सदस्यों ने महासचिव को अपने कार्यों की जानकारी देते हुए नई यात्रा में कर्तव्यपालन का संकल्प दोहराया था।
पत्र में क्या कहा शी चिनफिंग ने
अपने पत्र में शी चिनफिंग ने लिखा कि 'चांगचो 110' सार्वजनिक सुरक्षा प्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है और इसने उन पर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करने और उनकी सुरक्षा एवं कल्याण की रक्षा में दल के सदस्यों द्वारा किए गए अथक परिश्रम की व्यापक रूप से सराहना हुई है, जो उनके लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है।
शी ने यह भी रेखांकित किया कि जन पुलिस पर जनता की खुशियों की रक्षा करने और राष्ट्र में शांति बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि पुलिस अधिकारी अपनी उत्तम परंपराओं को आगे बढ़ाएँ, समर्पण और निस्वार्थ भाव से जनता की समस्याओं का समाधान करें, तथा सीपीसी और जनता के प्रति निष्ठावान संरक्षक बने रहें।
'चांगचो 110' से शी का पुराना नाता
गौरतलब है कि फुच्येन प्रांत में अपने कार्यकाल के दौरान शी चिनफिंग ने 'चांगचो 110' आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के विकास का मार्गदर्शन करने के लिए तीन बार पुलिस बल का दौरा किया था। यह तथ्य इस संबंध को महज प्रशासनिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रुचि से जोड़ता है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन में सार्वजनिक सुरक्षा तंत्र को और सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
दल के सदस्यों ने क्या लिखा था पत्र में
'चांगचो 110' टीम के सभी सदस्यों ने महासचिव को लिखे अपने पत्र में उनके निर्देशों का पालन करते हुए जनसेवा में किए गए प्रयासों का विवरण दिया। साथ ही, नई यात्रा में अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाने और जिम्मेदारी वहन करने का दृढ़ संकल्प दोहराया।
आगे की दिशा
शी चिनफिंग के इस पत्र को चीन की कानून प्रवर्तन व्यवस्था में 'जनसेवा केंद्रित पुलिसिंग' के मॉडल को बढ़ावा देने के संदर्भ में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, 'चांगचो 110' जैसे दलों को राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत करने की यह प्रवृत्ति आने वाले समय में अन्य प्रांतों की पुलिस व्यवस्था पर भी प्रभाव डाल सकती है।