योग दिवस पर PM मोदी का कोलकाता दौरा, TMC सांसद सौगत रॉय ने किया स्वागत; काकोली घोष विवाद पर साधी चुप्पी
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सौगत रॉय ने 16 जून को स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोलकाता दौरा स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं, बल्कि योग दिवस के कार्यक्रम में भाग लेने आ रहे हैं, जो एक सकारात्मक पहल है।
सौगत रॉय का स्वागत और स्पष्टीकरण
सौगत रॉय ने कहा, 'इस बार वे प्रचार के लिए नहीं, बल्कि योग दिवस के अवसर पर आ रहे हैं। यह अच्छी बात है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के भीतर और विपक्षी दलों के बीच कई विवाद एक साथ उभर रहे हैं।
काकोली घोष दस्तीदार विवाद पर प्रतिक्रिया
TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे गए पत्र पर सौगत रॉय ने कहा कि उन्हें इस मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अखबारों से पता चला कि काकोली घोष एक ऐसी पार्टी में शामिल हो गई हैं जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में और TMC के विरोध में है। रॉय ने यह भी आरोप लगाया कि काकोली घोष की ओर से TMC नेता कल्याण बनर्जी को कमजोर करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कल्याण बनर्जी, ममता बनर्जी के साथ पार्टी में मजबूती से बने हुए हैं।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि ममता बनर्जी शुरू से ही 'इंडिया' ब्लॉक का अहम हिस्सा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और उसका इकोसिस्टम ममता बनर्जी पर लगातार हमले कर रहा है।
TMC और कांग्रेस के संभावित विलय की अटकलों पर केंद्रीय मंत्री ओपी राजभर ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'पहले भी वे कांग्रेस के साथ थे। कांग्रेस में जाकर वे क्या करेंगे? कांग्रेस भी अब खत्म हो चुकी पार्टी है और वे भी राजनीतिक रूप से कमजोर हो चुके हैं।'
BJP का हमला
BJP नेता आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के प्रति लगाव नहीं छोड़ पा रही हैं, जिसकी वजह से सरकार को नुकसान हुआ है और पार्टी टूटने की कगार पर पहुँच गई है।
TMC में दरार के संकेत
बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि TMC में आंतरिक असंतोष स्पष्ट दिख रहा है। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से पार्टी के कई नेता नाखुश हैं और कल्याण बनर्जी के हालिया बयान ने भी इस दरार को उजागर किया है। गौरतलब है कि यह विवाद पश्चिम बंगाल में TMC की आंतरिक राजनीति की व्यापक उथल-पुथल का हिस्सा है, जो आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले और गहरी हो सकती है।