31 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ त्रासदी पर CM योगी की संवेदना, बोले- पशुपतिनाथ से काशी तक साझी है दोनों देशों की आस्था

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नेपाल बाढ़ त्रासदी पर CM योगी की संवेदना, बोले- पशुपतिनाथ से काशी तक साझी है दोनों देशों की आस्था

सारांश

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से हुई जनहानि के बीच CM योगी ने बहराइच से संवेदना जताई और भारत-नेपाल के सांस्कृतिक रिश्तों को रेखांकित किया। साथ ही नेपालगंज रोड-बहराइच रेल कनेक्टिविटी को तराई क्षेत्र के विकास का नया द्वार बताया।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 31 अगस्त को बहराइच में नेपाल बाढ़ पीड़ितों और भारतीय परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ और जनकपुर से अयोध्या तक के सांस्कृतिक सूत्रों का हवाला देते हुए भारत-नेपाल संबंधों को राजनीति से परे बताया।
नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड की शुरुआत हुई; पहली ट्रेन रुपईडीहा से वाराणसी तक चलेगी।
रेल कनेक्टिविटी से बहराइच, गोंडा, गोरखपुर और वाराणसी के बीच आवागमन सुगम होगा; व्यापार, पर्यटन और कृषि को नई गति मिलने की उम्मीद।
महाराजा सुहेलदेव को समर्पित भव्य स्मारक तैयार; योगी ने पिछली सरकारों पर उनकी विजयगाथा को दबाने का आरोप लगाया।
तराई क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण का दावा; पूर्व सरकारों पर बीमारी छुपाने का आरोप।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अगस्त को बहराइच में नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से हुई जनहानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में नेपाल के साथ-साथ भारत के उन परिवारों के प्रति भी उनकी हार्दिक सहानुभूति है, जिनके प्रियजन इस आपदा की चपेट में आए। नेपाल में हाल में आई विनाशकारी बाढ़ में बड़े पैमाने पर जनहानि हुई है और बचाव एवं राहत अभियान जारी है।

भारत-नेपाल: राजनीति से परे सांस्कृतिक रिश्ता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि नेपाल भारत के लिए महज एक मित्र राष्ट्र नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भगवान पशुपतिनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ तक, गोरखा से गोरखपुर तक और जनकपुर से अयोध्या तक दोनों देशों के बीच आस्था, संस्कृति और परंपरा के गहरे सूत्र बंधे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में प्राकृतिक आपदा ने मानवीय संकट उत्पन्न किया है और दोनों देशों के बीच सहयोग की आवश्यकता और भी प्रासंगिक हो गई है।

नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल कनेक्टिविटी: क्षेत्र के लिए बड़ा कदम

मुख्यमंत्री ने नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड की शुरुआत को सीमावर्ती क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक परिवर्तन बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ से चलने वाली पहली ट्रेन रुपईडीहा से सीधे वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के धाम तक पहुँचाने का काम करेगी। इस रेल सेवा से नेपालगंज रोड, बहराइच, गोंडा, गोरखपुर और वाराणसी के बीच आवागमन सुगम होगा। गौरतलब है कि कई ट्रेनों का विस्तार भी नेपालगंज रोड तक किया गया है। इस कनेक्टिविटी से व्यापार, धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक संपर्क को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कतर्नियाघाट इको-टूरिज्म क्षेत्र की संभावनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि बेहतर रेल संपर्क से देश के दूसरे हिस्सों से पर्यटकों की पहुँच इस प्राकृतिक पर्यटन केंद्र तक आसान होगी। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि उद्योग, कृषि और पर्यटन के लिए विकास की अनंत संभावनाओं का द्वार है।

महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा को मिला सम्मान

मुख्यमंत्री ने बहराइच के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए महाराजा सुहेलदेव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लगभग एक हजार वर्ष पूर्व महाराजा सुहेलदेव ने इसी धरती पर विदेशी आक्रांता सालार मसूद को पराजित किया था। योगी ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के बाद दशकों तक इस महान योद्धा की विजयगाथा को विस्मृत रखा गया और उस विदेशी आक्रांता के नाम पर उर्स व मेले आयोजित किए जाते रहे। उन्होंने कहा कि अब परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं — महाराजा सुहेलदेव की वीरता को समर्पित भव्य स्मारक बनकर तैयार हो चुका है।

इंसेफेलाइटिस उन्मूलन: स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र में कभी कहर बरपाने वाली इंसेफेलाइटिस बीमारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि इस बीमारी को 'अज्ञात बीमारी' बताकर मासूम बच्चों की मौत पर पर्दा डाला जाता रहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने बीमारी की पहचान कर उसके कारणों की जाँच की और उन्मूलन का संकल्प लिया। आज उसी क्षेत्र में स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखे जा रहे हैं।

आगे की राह

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपालगंज रोड से वाराणसी तक की यह रेल सेवा सीमा क्षेत्र को देश की सांस्कृतिक राजधानी से जोड़ने, भारत-नेपाल के ऐतिहासिक संबंधों को सुदृढ़ करने और बहराइच समेत पूरे तराई क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाली कड़ी है। नेपाल में राहत कार्य जारी रहने के बीच यह घोषणा दोनों देशों के बीच जन-संपर्क और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सांस्कृतिक कूटनीति और स्थानीय विकास परियोजना का उद्घाटन, सब एक मंच पर। रेल कनेक्टिविटी की घोषणा स्वागतयोग्य है, लेकिन तराई क्षेत्र में वास्तविक आर्थिक बदलाव तभी आएगा जब बुनियादी ढाँचे के साथ निवेश और रोज़गार के ठोस अवसर भी सुनिश्चित हों। इंसेफेलाइटिस उन्मूलन के दावे उल्लेखनीय हैं, लेकिन स्वतंत्र स्वास्थ्य डेटा से उनकी पुष्टि आवश्यक है। महाराजा सुहेलदेव का संदर्भ ऐतिहासिक पुनर्निर्माण की उस व्यापक राजनीतिक प्रवृत्ति का हिस्सा है जो उत्तर प्रदेश में लगातार मज़बूत होती दिख रही है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने नेपाल त्रासदी पर क्या कहा?
CM योगी आदित्यनाथ ने 31 अगस्त को बहराइच में नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में जान गँवाने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने भारत के उन परिवारों के प्रति भी सहानुभूति जताई जिनके प्रियजन इस आपदा की चपेट में आए।
नेपालगंज रोड-बहराइच रेल सेवा से क्या बदलेगा?
नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड की शुरुआत से रुपईडीहा से सीधे वाराणसी तक रेल सेवा उपलब्ध होगी। इससे बहराइच, गोंडा, गोरखपुर और वाराणसी के बीच आवागमन सुगम होगा और व्यापार, धार्मिक पर्यटन व सांस्कृतिक संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
CM योगी ने भारत-नेपाल संबंधों को किस तरह परिभाषित किया?
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत-नेपाल संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित हैं। उन्होंने पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ, गोरखा से गोरखपुर और जनकपुर से अयोध्या तक के सांस्कृतिक सूत्रों का उल्लेख किया।
महाराजा सुहेलदेव कौन थे और बहराइच से उनका क्या संबंध है?
महाराजा सुहेलदेव एक ऐतिहासिक योद्धा थे जिन्होंने लगभग एक हजार वर्ष पूर्व बहराइच की धरती पर विदेशी आक्रांता सालार मसूद को पराजित किया था। CM योगी ने कहा कि उनकी वीरता को समर्पित एक भव्य स्मारक अब बनकर तैयार हो चुका है।
उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस की स्थिति अब कैसी है?
CM योगी ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें इस बीमारी को 'अज्ञात बीमारी' बताकर मासूम बच्चों की मौत पर पर्दा डालती थीं, जबकि अब उसी क्षेत्र में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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