क्या योगी सरकार के डिजिटल सशक्तिकरण अभियान ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने का नया रास्ता खोला?

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क्या योगी सरकार के डिजिटल सशक्तिकरण अभियान ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने का नया रास्ता खोला?

सारांश

लखनऊ में छात्राओं के लिए एक नया डिजिटल सशक्तिकरण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें टैबलेट वितरण किया गया है। यह पहल न केवल उनकी शिक्षा को डिजिटल रूप में सशक्त बनाने का प्रयास है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक कदम है।

Key Takeaways

  • छात्राओं के लिए डिजिटल शिक्षा का महत्व
  • टैबलेट वितरण से आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
  • सरकार की शिक्षा नीतियों का प्रभाव
  • समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन का सहयोग
  • बालिकाओं का सशक्तिकरण

लखनऊ, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए समाज कल्याण विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके अंतर्गत मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के डिजिटलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस पहल के तहत कार्यक्रम में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महाराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल ४० टैबलेट प्रदान किए गए। प्रत्येक विद्यालय को २०-२० टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। यह पहल एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आरंभ की गई है और इसकी सफलता के आधार पर अन्य विद्यालयों में टैबलेट वितरण का दायरा बढ़ाया जाएगा।

इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर राजेश मणि उपस्थित रहे। मंत्री असीम अरुण ने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बनेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ एवं डिजिटल इंडिया की भावना के अनुरूप बताया।

कार्यक्रम में बताया गया कि योगी सरकार द्वारा स्मार्ट क्लास, ई-कंटेंट, टैबलेट व डिजिटल उपकरण कौशल और करियर उन्मुख प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राओं को नई तकनीक से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। लक्ष्य यह है कि बालिकाएं केवल शिक्षित ही नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से दक्ष और आत्मनिर्भर नागरिक बन सकें। मदद फाउंडेशन के फाउंडर राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया।

कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह, उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह, जे. राम सहित विभागीय अधिकारी एवं मदद फाउंडेशन की टीम उपस्थित रही।

Point of View

जो सरकार की शिक्षा नीति के अनुरूप है।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
कितने टैबलेट वितरित किए गए?
इस कार्यक्रम में कुल 40 टैबलेट वितरित किए गए हैं।
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