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क्या योगी सरकार में अयोध्या एयरपोर्ट की शुरुआत ने 7 लाख यात्रियों का आंकड़ा पार किया?

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क्या योगी सरकार में अयोध्या एयरपोर्ट की शुरुआत ने 7 लाख यात्रियों का आंकड़ा पार किया?

सारांश

अयोध्या का महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट अब दो साल का हो गया है। इस एयरपोर्ट ने 7 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान की है और यह विकास का प्रतीक बन चुका है। जानिए इसके महत्व और भविष्य की योजनाओं के बारे में।

मुख्य बातें

महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 दिसंबर 2021 को हुआ।
एयरपोर्ट ने 7,85,412 यात्रियों को सेवा दी है।
यह एयरपोर्ट आधुनिकता और डबल इंजन सरकार की नीतियों का प्रतीक है।
यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय और राष्ट्रीय कनेक्टिविटी में सुधार कर रहा है।
भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की संभावना है।

अयोध्या, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भगवान राम की पावन नगरी अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है। महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के संचालन को आज दो वर्ष पूरे हो गए हैं। 30 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था, जो राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से ठीक पहले हुआ।

इन दो वर्षों में एयरपोर्ट ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। अब तक यहाँ कुल 7,85,412 यात्री आगमन और प्रस्थान कर चुके हैं। हाल ही में सीएसआई ने यात्री संतोष की रैंकिंग जारी की है, जिसने अयोध्या एयरपोर्ट को सुविधाओं के मामले में और बेमिसाल बना दिया है।

यह एयरपोर्ट न केवल आधुनिकता का प्रतीक है, बल्कि डबल इंजन सरकार की दूरदर्शी नीतियों का जीवंत उदाहरण भी है। केंद्र में मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की साझेदारी ने अयोध्या को वैश्विक पटल पर स्थापित किया है, जहाँ पर्यटन, व्यापार और धार्मिक यात्राएं नई गति से बढ़ रही हैं। ये दो वर्ष अयोध्या के लिए परिवर्तन के वर्ष रहे हैं। जहाँ एक ओर राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा ने आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की, वहीं एयरपोर्ट ने आर्थिक और सामाजिक विकास को गति दी है। डबल इंजन सरकार की यह साझेदारी न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है। जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा था, अयोध्या अब आधुनिक भारत का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट और मजबूत होगा, और अयोध्या की कहानी विकास की नई इबारत लिखेगा।

संचालन शुरू होने के बाद कुल 28 उड़ानें (आगमन और प्रस्थान मिलाकर) प्रारंभ की गईं। वर्तमान में 22 उड़ानों का संचालन हो रहा है, जो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ती हैं। हालांकि, कुछ एयरलाइनों ने प्रचालनात्मक कारणों से दरभंगा, कोलकाता, पटना और जयपुर की उड़ानों को अस्थायी रूप से बंद किया है, लेकिन डबल इंजन सरकार की सक्रियता से जल्द ही इन रूट्स को पुनः शुरू करने की योजना है। एयरलाइन कंपनियां जैसे इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया ने यहाँ विमानों का बड़ा बेड़ा उतारा है, जो अयोध्या की कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहा है।

एयरपोर्ट पर सुविधाओं का विस्तार डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता रहा है। पार्किंग सुविधा, प्रीपेड टैक्सी काउंटर, उपहार की दुकानें, मिठाई की दुकानें, और फूड एंड बेवरेज आउटलेट्स शुरू किए गए। इसके अलावा, गोल्फ कार्ट, बिजनेस लाउंज, फूड कोर्ट, ओला और उबर कैब सर्विस, लाउंज, दुकानें और फ्री वाई-फाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

एयरपोर्ट का निर्माण पहले चरण में लगभग 1450 करोड़ रुपए की लागत से पूरा हुआ। इसमें टर्मिनल बिल्डिंग का क्षेत्रफल 6500 वर्ग मीटर रखा गया, जो सालाना 10 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। एयरपोर्ट की डिज़ाइन रामायण की थीम पर आधारित है, जहाँ पारंपरिक भारतीय वास्तुकला देखने को मिलती है। दीवारों पर रामायण के दृश्य यात्रियों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। डबल इंजन सरकार की इस पहल ने अयोध्या को एक अंतर्राष्ट्रीय हब बनाने की दिशा में पहला कदम उठाया है, जहाँ केंद्र सरकार ने फंडिंग और तकनीकी सहायता प्रदान की, जबकि राज्य सरकार ने जमीन अधिग्रहण और स्थानीय विकास को सुनिश्चित किया।

निदेशक धीरेंद्र सिंह बताते हैं कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पर्यटन को बढ़ावा मिला है, व्यापार में तेजी आई है और धार्मिक यात्राएं आसान हो गई हैं। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। एयरपोर्ट पर ही सैकड़ों नौकरियां पैदा हुईं, जबकि आसपास के इलाकों में होटल, रेस्टोरेंट और टूरिज्म से जुड़े व्यवसाय फल-फूल रहे हैं। पहले चरण की सफलता के बाद अब विस्तार की योजना प्रक्रियाधीन है। इसमें टर्मिनल की क्षमता बढ़ाना, यात्री सुविधाओं को और मजबूत करना, व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार और अधिक उड़ानों के लिए आधारभूत संरचना को उन्नत करना शामिल है। भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने से अयोध्या वैश्विक पर्यटकों का केंद्र बनेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

अयोध्या एयरपोर्ट का विकास न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाता है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करता है। इस एयरपोर्ट से पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या एयरपोर्ट कब शुरू हुआ था?
महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 दिसंबर 2021 को किया गया था।
इस एयरपोर्ट से कितने यात्री यात्रा कर चुके हैं?
अब तक 7,85,412 यात्री इस एयरपोर्ट से यात्रा कर चुके हैं।
एयरपोर्ट पर कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध हैं?
एयरपोर्ट पर पार्किंग, प्रीपेड टैक्सी काउंटर, फूड कोर्ट, और फ्री वाई-फाई जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
एयरपोर्ट का निर्माण किस लागत पर हुआ?
एयरपोर्ट का निर्माण पहले चरण में लगभग 1450 करोड़ रुपए की लागत से हुआ।
क्या अयोध्या एयरपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी खोला जाएगा?
हां, भविष्य में अयोध्या एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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