एसआईआर 2026 डेटा विवाद: वाईएसआरसीपी ने आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 24 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विवेक यादव को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि राज्यभर में पार्टी के अधिकृत बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 से जुड़ा डेटा तत्काल उपलब्ध कराया जाए। पार्टी का आरोप है कि कई विधानसभा क्षेत्रों में अधिकृत प्रतिनिधियों को यह जानकारी न तो समय पर मिल रही है और न ही पूरी तरह।
मुख्य घटनाक्रम
वाईएसआरसीपी के राज्य महासचिव एवं विधान परिषद सदस्य लेल्ला अप्पी रेड्डी ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और तत्काल हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने कहा कि बीएलए-1 और बीएलए-2 — दोनों स्तरों के अधिकृत एजेंट्स — को एसआईआर-2026 से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देने से रोका जा रहा है।
किस डेटा की मांग की गई
अप्पी रेड्डी ने विधानसभा क्षेत्रवार और बूथवार स्तर पर निम्नलिखित जानकारियाँ उपलब्ध कराने की माँग की है:
अनमैप्ड मतदाताओं का विवरण, तार्किक विसंगतियाँ और अनियमितताएँ, जारी किए गए नोटिसों का ब्यौरा, तथा वितरित एवं लंबित नोटिसों की स्थिति। पार्टी का तर्क है कि इस डेटा तक पहुँच के बिना मतदाता सूची का सही सत्यापन संभव नहीं है।
ज़मीनी दिक्कतें
वाईएसआरसीपी ने विशेष रूप से पुलिवेंदुला, पुंगनूर और उरावकोंडा विधानसभा क्षेत्रों का उल्लेख किया, जहाँ पार्टी प्रतिनिधियों को आवश्यक डेटा प्राप्त करने में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ा। पार्टी का आरोप है कि कई स्थानों पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने भी बीएलए-2 को जानकारी देने से मना कर दिया।
अप्पी रेड्डी ने बताया कि वाईएसआरसीपी की एसआईआर संगठनात्मक टीम ने कदिरी स्थित राजस्व मंडल अधिकारी (आरडीओ) कार्यालय का दौरा कर बूथवार अनमैप्ड मतदाताओं और तार्किक विसंगतियों का डेटा माँगा था। आरडीओ कार्यालय ने यह कहते हुए डेटा देने में असमर्थता जताई कि उनके पास संबंधित लॉगिन या एक्सेस उपलब्ध नहीं है।
चित्तूर का उदाहरण और पार्टी का तर्क
वाईएसआरसीपी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को चित्तूर विधानसभा क्षेत्र से संबंधित बूथवार डेटा का नमूना भी सौंपा, यह साबित करने के लिए कि यह जानकारी चुनाव तंत्र के पास मौजूद है। पार्टी का कहना है कि यदि एक क्षेत्र में यह डेटा उपलब्ध है, तो राज्यभर में इसे साझा करने के लिए एकसमान और स्पष्ट निर्देशों की ज़रूरत है।
आगे क्या
वाईएसआरसीपी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से चुनाव अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने की माँग की है, ताकि सभी अधिकृत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मतदाता सूची का सही सत्यापन कर सकें और वास्तविक त्रुटियाँ समय रहते चुनाव अधिकारियों के संज्ञान में आ सकें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।