क्या यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश में हत्याएं और हिरासत में मौतें बढ़ रही हैं?

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क्या यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश में हत्याएं और हिरासत में मौतें बढ़ रही हैं?

सारांश

बांग्लादेश में हत्याओं और हिरासत में मौतों की बढ़ती घटनाओं को लेकर मानवाधिकार संस्था ने गंभीर रिपोर्ट पेश की है। क्या यह स्थिति सरकार की नीतियों का परिणाम है? जानें इस मुद्दे पर ताजा जानकारी और मानवाधिकारों की स्थिति।

Key Takeaways

  • बांग्लादेश में हत्याओं और हिरासत में मौतों की घटनाएं बढ़ रही हैं।
  • अंतरिम सरकार पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप।
  • कानून प्रवर्तन और न्यायिक जवाबदेही में विफलता।
  • पीड़ितों के परिवारों को धमकियों का सामना करना पड़ता है।
  • स्वतंत्र जांच आयोग की आवश्यकता पर जोर।

ढाका, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में हत्याओं, हिरासत में मौतों और मानवाधिकारों के उल्लंघनों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इस संकट के लिए मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इस मुद्दे पर एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने गंभीर चिंताओं को उजागर किया है।

फ्रांस स्थित जस्टिस मेकर्स बांग्लादेश (जेएमबीएफ) ने "बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के तहत अन्यायपूर्ण हत्याओं और हिरासत में मौतों की स्थिति" शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगस्त 2024 से लेकर जुलाई 2025 तक यूनुस प्रशासन के तहत इस प्रकार के मामलों में वृद्धि हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन घटनाओं की व्यापक आलोचना की गई है, जिससे कानून प्रवर्तन, जेल प्रबंधन और न्यायिक जवाबदेही में व्यवस्थागत विफलताएं स्पष्ठ हुई हैं।

मानवाधिकार संस्था ने इस अवधि में बांग्लादेश में हुई कुल 60 घटनाओं को दर्ज किया है, जिनमें 70 लोगों की जान गई है। ये घटनाएं देश के कानून और सुरक्षा बलों तथा जेल प्रबंधन की कार्रवाई से हुईं।

रिपोर्ट में कहा गया है, "इन मामलों में, कानून प्रवर्तन और सुरक्षा कर्मियों द्वारा हिरासत में मौतों की संख्या 33 (सभी घटनाओं का 55 प्रतिशत) है, और 43 पीड़ित (सभी पीड़ितों का 61 प्रतिशत) के लिए जिम्मेदार है। जेलों में हुई मौतों में 27 घटनाएं (घटनाओं का 45 प्रतिशत) और 27 पीड़ित (पीड़ितों का 39 प्रतिशत) शामिल हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि ज्यादातर न्याय से परे हत्याएं और हिरासत में मौतें राज्य की हिरासत में हुईं, जो संस्थानों की गहरी कमज़ोरी को दर्शाती हैं।"

जेएमबीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2024 और जुलाई 2025 के बीच, 12 ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें बांग्लादेश के कानून प्रवर्तन और सुरक्षा कर्मियों द्वारा चलाई गई गोलियों से 21 लोगों की मौत हो गई। पीड़ितों को कथित तौर पर विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान गोली मारी गई थी।

मानवाधिकार संस्था ने अंतरिम सरकार पर नागरिकों की सुरक्षा के लिए बनी संस्थाओं को व्यवस्थित रूप से हथियार बनाने का आरोप लगाया है।

रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों, जेल अधिकारियों और कुछ हद तक न्यायपालिका का भी असहमति को दबाने के लिए राजनीतिकरण किया गया है। न्याय करने के बजाय, ये संस्थाएं अवामी लीग के कार्यकर्ताओं, मजदूरों और हाशिए पर पड़े समूहों को निशाना बनाकर उत्पीड़न का उपकरण बन गई हैं। जानबूझकर किए गए राजनीतिकरण ने कानून के शासन में जनता का विश्वास खत्म कर दिया है और राजनीतिक विभाजन को बढ़ा दिया है।

मानवाधिकार संस्था के अनुसार, बांग्लादेश में न्यायपालिका कार्यपालिका के दुरुपयोग के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि पीड़ितों के परिवारों को शिकायत दर्ज करते समय धमकियों का सामना करना पड़ता है। पुलिस मामले दर्ज करने से इनकार कर देती है और अदालतें याचिकाओं में देरी करती हैं या उन्हें खारिज कर देती हैं। दर्ज किए गए 70 पीड़ितों में से केवल कुछ ही मामलों में कोई कानूनी कार्यवाही हुई है और किसी में भी जवाबदेही नहीं बन पाई।

जेएमबीएफ ने यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार से अपील की है कि वह जेलों में सभी न्यायेतर हत्याओं, हिरासत में यातना और चिकित्सा लापरवाही को तुरंत समाप्त करे और पीड़ितों, परिवारों और दस्तावेजों तक पूरी पहुंच के साथ एक अंतरराष्ट्रीय और स्वतंत्र जांच आयोग की स्थापना करे। मनमाने ढंग से गिरफ्तारी, यातना और कारावास के जरिए राजनीतिक विरोधियों और हाशिए पर पड़े समूहों को निशाना बनाने पर भी रोक लगाई जाए।

Point of View

हमारा दृष्टिकोण बांग्लादेश की जनता के हित में होना चाहिए। जो भी घटनाएं हो रही हैं, वे मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाने का समय है। हम सभी को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

बांग्लादेश में हत्याओं और हिरासत में मौतों में वृद्धि का कारण क्या है?
यह वृद्धि मुख्य रूप से सरकार की नीतियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्यप्रणाली की विफलताओं के कारण हो रही है।
मानवाधिकार संस्था ने इस पर क्या रिपोर्ट पेश की है?
मानवाधिकार संस्था ने बांग्लादेश में हत्याओं और हिरासत में मौतों की बढ़ती घटनाओं को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
क्या बांग्लादेश की न्यायपालिका इस मामले में प्रभावी है?
रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की न्यायपालिका कार्यपालिका के दुरुपयोग के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है।