पीथमपुर में ₹850 करोड़ की 2 औद्योगिक इकाइयाँ शुरू, CM मोहन यादव बोले — युवाओं को रोज़गार सबसे बड़ी प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 20 अगस्त 2026 को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रताप ग्रुप की दो अत्याधुनिक विनिर्माण इकाइयों — कॉर्सिस इंडस्ट्रीज और वोल्टर्स टेक्नोलॉजी — का शुभारंभ किया, जिनमें कुल ₹850 करोड़ का निवेश हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि वर्तमान दौर में युवाओं को अधिकाधिक रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य और देश की सर्वोच्च आवश्यकता है।
मुख्य घटनाक्रम
पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में आयोजित शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास और आत्मनिर्भरता के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा, वर्ष 2014 से पहले और उसके बाद के भारत में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है — आज भारत का नया स्वरूप पूरी दुनिया के सामने उभरकर आया है। मध्य प्रदेश भी इसी विकास यात्रा में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है।
नई इकाइयों से सैकड़ों युवाओं को रोज़गार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और मध्य प्रदेश भी युवा शक्ति से समृद्ध है — इस ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन से ही संभव है।
इकाइयाँ किस क्षेत्र में काम करेंगी
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि दोनों इकाइयाँ दो रणनीतिक क्षेत्रों में काम करेंगी। कॉर्सिस इंडस्ट्रीज एक बैटरी स्टोरेज प्लांट है, जो देश की बढ़ती ग्रीन एनर्जी आवश्यकताओं और निर्बाध विद्युत आपूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वोल्टर्स टेक्नोलॉजी ऑप्टिकल फाइबर केबल के बैकवर्ड इंटीग्रेशन के तहत कोर निर्माण इकाई है, जो डिजिटल कनेक्टिविटी और संचार अधोसंरचना को मज़बूती देगी।
शेखावत ने कहा कि ये दोनों इकाइयाँ केवल दो कारखानों का उद्घाटन नहीं हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और देश के तेज़ी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य का प्रतीक हैं।
मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को बल
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि ये दोनों इकाइयाँ उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को और सुदृढ़ करेंगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार निवेश आकर्षण के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है और पीथमपुर को प्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पीथमपुर पहले से ही मध्य प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहाँ ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियाँ कार्यरत हैं। ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे नए क्षेत्रों में निवेश इस औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को विविध आधार देता है।
आम जनता और युवाओं पर असर
नई इकाइयों से प्रत्यक्ष रोज़गार के अलावा, बैटरी स्टोरेज और ऑप्टिकल फाइबर क्षेत्र में सहायक उद्योगों और आपूर्ति श्रृंखलाओं के माध्यम से अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री यादव ने अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और युवाओं को अवसर देने को एक साथ चलने वाली प्रक्रिया बताया।
क्या होगा आगे
राज्य सरकार के अनुसार, पीथमपुर स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में आने वाले समय में और इकाइयों के शुभारंभ की योजना है। स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल अधोसंरचना में यह निवेश मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिला सकता है।