अदाणी डिफेंस का ₹2,500 करोड़ का शिलान्यास: शिवपुरी बनेगा दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा निजी मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग हब
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 6 जुलाई 2025 को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा स्थापित किए जा रहे दक्षिण एशिया के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े मिसाइल एवं एडवांस्ड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का शिलान्यास किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में ₹2,500 करोड़ की इस परियोजना को ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए ऐतिहासिक बताया गया।
परियोजना का विवरण और रणनीतिक महत्व
शिवपुरी के कोलारस क्षेत्र में विकसित होने वाला यह डिफेंस कॉम्प्लेक्स कोटा कॉरिडोर एवं बॉम्बे-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित है, जिससे देशभर के सैन्य प्रतिष्ठानों तक रक्षा उपकरणों की त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस परियोजना में आधुनिक मिसाइल प्रणालियों, प्रिसिजन-गाइडेड म्यूनिशन तथा अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह इकाई भारत की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता और निर्यात संभावनाओं दोनों को बल देगी।
रोज़गार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि इस परियोजना से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सैकड़ों सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुड़ेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि ग्वालियर-चंबल अंचल दशकों से औद्योगिक निवेश की प्रतीक्षा में रहा है और यह परियोजना उस रिक्तता को भरने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
सिंधिया परिवार की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ाव
सिंधिया ने इस अवसर पर क्षेत्र की रक्षा परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाराज महादजी सिंधिया के शासनकाल में मथुरा, दिल्ली, ग्वालियर, कालपी और गोहद में आयुध निर्माण कारखाने एवं शस्त्रागार स्थापित किए गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि महाराजा जीवाजीराव सिंधिया द्वारा ग्वालियर में स्थापित जीवाजी इंडस्ट्रियल रिसर्च लेबोरेटरी (JIRL) को बाद में रक्षा मंत्रालय को समर्पित किया गया, जो आगे चलकर डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (DRDE) के रूप में विकसित हुई। सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी में यह आधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग परियोजना उसी गौरवशाली परंपरा का नया अध्याय है।
'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में कदम
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक गति से आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को ठोस ज़मीन पर उतारने का प्रयास है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार रक्षा आयात पर निर्भरता घटाने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने को नीतिगत प्राथमिकता दे रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर ग्वालियर-चंबल अंचल देश के प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में शुमार हो सकता है।