अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने 12वें नेशनल 5एस कॉन्क्लेव में जीते सर्वोच्च सम्मान, वाराणसी में तीन टीमों को मिला उत्कृष्ट पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने वाराणसी में आयोजित 12वें नेशनल कॉन्क्लेव ऑन 5एस में कई श्रेणियों में उत्कृष्ट सम्मान अर्जित किए, जिसमें कंपनी की तीन अलग-अलग टीमों ने कार्यस्थल प्रबंधन, नवाचार और अनुशासन में अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। इस दो दिवसीय आयोजन का संचालन क्वालिटी सर्किल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) ने किया और मेजबानी QCFI वाराणसी चैप्टर ने स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (SMS), वाराणसी के सहयोग से की।
कॉन्क्लेव का स्वरूप और भागीदारी
इस वर्ष के कॉन्क्लेव की थीम '5एस बियॉन्ड हाउसकीपिंग: कल्टीवेटिंग अ कल्चर ऑफ डिसिप्लिन फॉर सस्टेनेबल ग्रोथ एंड वर्ल्ड-क्लास प्रैक्टिसेज' रही। देश भर से 53 संस्थाओं की 105 टीमों के 329 सदस्यों ने इसमें हिस्सा लिया। यह आँकड़ा कार्यस्थल उत्कृष्टता और 5एस कार्यप्रणाली के प्रति उद्योग जगत की बढ़ती रुचि को रेखांकित करता है।
प्रतिभागी टीमों का मूल्यांकन निष्पक्षता, कार्यान्वयन प्रक्रिया, मानकीकरण, प्रेजेंटेशन कौशल, समय प्रबंधन, रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता और परिणामों से प्राप्त लाभ जैसे बहुआयामी मानकों पर किया गया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी मुख्य अतिथि तथा SMS वाराणसी के निदेशक प्रोफेसर पी.एन. झा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के पुरस्कार विजेता
मलाड डिवीजन की टीम 'सस्टेनो' को '5एस इम्प्लीमेंटेशन जर्नी एट मलाड डिवीजन' विषय पर 5एस प्रस्तुति (DMAIC/12 स्टेप्स) श्रेणी में उत्कृष्ट सम्मान प्रदान किया गया।
अंधेरी डिवीजन की टीम 'उत्कर्ष' को 'फ्रॉम कंप्लायंस टू एक्सीलेंस: आवर AWMS ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी' विषय पर उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं ट्रांसमिशन EHV सबस्टेशन की टीम 'इनोवेटिव' को '5एस जर्नी एंड सस्टेनेंस एट AEML ट्रांसमिशन' विषय पर टेक्निकल पेपर प्रस्तुति के लिए उत्कृष्ट सम्मान मिला।
कंपनी की प्रतिक्रिया
अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के एक प्रवक्ता ने कहा, 'ऑपरेशनल एक्सीलेंस भरोसेमंद बिजली सेवा की नींव है। 12वें नेशनल कॉन्क्लेव ऑन 5एस में मिली सफलता इस बात का प्रमाण है कि कंपनी वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को अपनाने, अनुशासन की संस्कृति विकसित करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।' प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अदाणी इलेक्ट्रिसिटी भारत को गुणवत्ता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अपना योगदान देने पर गर्व महसूस करती है।
आम जनता और उद्योग पर असर
गौरतलब है कि 5एस कार्यप्रणाली — जापानी मूल की एक कार्यस्थल-संगठन पद्धति — को अब भारत के ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्रों में व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी की यह उपलब्धि दर्शाती है कि बिजली वितरण क्षेत्र में टोटल क्वालिटी मैनेजमेंट (TQM) और सतत विकास के सिद्धांत तेज़ी से मुख्यधारा में आ रहे हैं।
कंपनी के अनुसार यह सफलता उत्पादकता, सतत विकास और TQM की दिशा में उसके निरंतर प्रयासों को भी रेखांकित करती है। आगे चलकर इस तरह की पहल बिजली उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण सेवा के रूप में लाभ दे सकती है।