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एडवांस टैक्स की पहली किस्त: 15 जून 2026 है आखिरी मौका, जानें कौन भरेगा और किसे मिली छूट

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एडवांस टैक्स की पहली किस्त: 15 जून 2026 है आखिरी मौका, जानें कौन भरेगा और किसे मिली छूट

सारांश

15 जून 2026 की डेडलाइन नज़दीक है — वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त (15%) जमा करने का आखिरी मौका। ₹10,000 से अधिक देनदारी वाले करदाता दायरे में, 60+ वरिष्ठ नागरिकों को शर्तों के साथ छूट। चूक पर धारा 424/425 के तहत 1% मासिक ब्याज।

मुख्य बातें

वित्त वर्ष 2026-27 के एडवांस टैक्स की पहली किस्त की अंतिम तिथि 15 जून 2026 है।
टीडीएस/टीसीएस समायोजन के बाद ₹10,000 से अधिक कर देनदारी वाले सभी करदाता इस दायरे में आते हैं।
60 वर्ष या अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को छूट — केवल तब जब उनकी कोई व्यावसायिक आय न हो।
चार किस्तें: 15 जून को 15%, 15 सितंबर को 45%, 15 दिसंबर को 75%, 15 मार्च 2027 को 100%।
समय पर भुगतान न होने पर धारा 424 और धारा 425 के तहत 1% प्रतिमाह ब्याज देय।
प्रिजम्पटिव टैक्सेशन योजना के करदाता 15 मार्च 2027 तक 100% एकमुश्त चुका सकते हैं।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 है। जिन करदाताओं की टीडीएस और टीसीएस समायोजन के बाद कुल अनुमानित कर देनदारी ₹10,000 से अधिक बनती है, उन्हें इस तारीख से पहले अपनी देनदारी का निर्धारित हिस्सा जमा करना अनिवार्य है। यह व्यवस्था 'पे ऐज यू अर्न' के सिद्धांत पर टिकी है — यानी आय अर्जित होते ही टैक्स का भुगतान, न कि वर्ष के अंत में एकमुश्त।

किसे देना होगा एडवांस टैक्स

आयकर नियमों के अनुसार, वेतनभोगी कर्मचारी, फ्रीलांसर, सलाहकार, कारोबारी और निवेशक — जिनकी कुल कर देनदारी ₹10,000 से अधिक है — इस दायरे में आते हैं। यदि किसी वेतनभोगी कर्मचारी की पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन), किराये या ब्याज से अतिरिक्त आय के कारण कुल देनदारी इस सीमा को पार करती है, तो उसे भी एडवांस टैक्स जमा करना होगा — भले ही नियोक्ता पहले से टीडीएस काट रहा हो। फिक्स्ड डिपॉजिट से अधिक ब्याज कमाने वाले निवेशक और मकान मालिक भी इस श्रेणी में शामिल हैं।

किसे मिली है छूट

60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को एडवांस टैक्स से छूट प्राप्त है — परंतु केवल तब, जब उनकी कोई व्यावसायिक या पेशेवर आय न हो। यदि किसी वरिष्ठ नागरिक की आय व्यवसाय या प्रोफेशन से भी आती है, तो वे भी अन्य करदाताओं के समान एडवांस टैक्स के दायरे में आएंगे। इसके अलावा, प्रिजम्पटिव टैक्सेशन योजना के तहत पंजीकृत छोटे कारोबारी और कुछ पेशेवर करदाताओं को पूरे वर्ष का 100 प्रतिशत एडवांस टैक्स एकमुश्त 15 मार्च 2027 तक जमा करने की सुविधा है।

चार किस्तों में होगा भुगतान

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स चार चरणों में जमा करना होगा। 15 जून 2026 तक कुल देनदारी का 15 प्रतिशत, 15 सितंबर 2026 तक 45 प्रतिशत, 15 दिसंबर 2026 तक 75 प्रतिशत और 15 मार्च 2027 तक 100 प्रतिशत भुगतान अनिवार्य है। प्रिजम्पटिव योजना के करदाता 31 मार्च 2027 तक भी संपूर्ण टैक्स चुका सकते हैं।

देरी पर लगेगा ब्याज

समय पर भुगतान न करने पर करदाताओं को ब्याज का बोझ उठाना पड़ सकता है। यदि 31 मार्च तक कुल देनदारी का कम से कम 90 प्रतिशत नहीं चुकाया गया, तो आयकर अधिनियम की धारा 424 (पूर्व में धारा 234बी) के तहत बकाया राशि पर 1 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज देना होगा। वहीं, तिमाही समय-सीमा चूकने पर धारा 425 (पूर्व में धारा 234सी) के तहत भी 1 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज लागू होता है।

ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया

करदाता आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन कर 'ई-पे टैक्स' विकल्प के ज़रिये भुगतान कर सकते हैं। 'न्यू पेमेंट' पर क्लिक करने के बाद आयकर श्रेणी और वित्त वर्ष 2026-27 चुनें, फिर 'एडवांस टैक्स' (कोड 100) का चयन करें। आवश्यक विवरण भरने के बाद पसंदीदा भुगतान माध्यम से टैक्स जमा किया जा सकता है। कर विशेषज्ञों के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष की संभावित आय का पहले से अनुमान लगाकर समय पर किस्तें जमा करना न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करता है, बल्कि अनावश्यक ब्याज और जुर्माने से भी बचाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

शेयर बाज़ार या किराये की आय से कमा रहे हैं — और अक्सर मानते हैं कि नियोक्ता का टीडीएस काफी है। हकीकत यह है कि बाज़ार में उछाल के इस दौर में पूंजीगत लाभ की देनदारी तेज़ी से ₹10,000 की सीमा पार कर सकती है। धारा 424 और 425 के तहत ब्याज की दोहरी मार से बचने के लिए समय पर अनुमान लगाना ज़रूरी है — और यह काम टैक्स सलाहकार की मदद से साल की शुरुआत में ही होना चाहिए, न कि मार्च की आपाधापी में।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एडवांस टैक्स क्या है और इसे क्यों भरना पड़ता है?
एडवांस टैक्स वह कर है जो करदाता वित्त वर्ष के दौरान किस्तों में चुकाते हैं, न कि साल के अंत में एकमुश्त। यह 'पे ऐज यू अर्न' सिद्धांत पर आधारित है और आयकर नियमों के तहत अनिवार्य है यदि कुल कर देनदारी ₹10,000 से अधिक हो।
15 जून 2026 तक कितना एडवांस टैक्स जमा करना होगा?
15 जून 2026 तक वित्त वर्ष 2026-27 की कुल अनुमानित कर देनदारी का कम से कम 15 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य है। यह पहली किस्त है; शेष तीन किस्तें सितंबर, दिसंबर 2026 और मार्च 2027 में देय होंगी।
वरिष्ठ नागरिकों को एडवांस टैक्स से छूट कब मिलती है?
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को एडवांस टैक्स से छूट मिलती है — लेकिन केवल तब जब उनकी कोई व्यावसायिक या पेशेवर आय न हो। यदि उनकी आय व्यवसाय या प्रोफेशन से भी आती है, तो वे भी सामान्य करदाताओं की तरह एडवांस टैक्स देने के लिए बाध्य होंगे।
एडवांस टैक्स समय पर न भरने पर क्या होगा?
देरी पर आयकर अधिनियम की धारा 424 (पूर्व में 234बी) और धारा 425 (पूर्व में 234सी) के तहत 1 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज लगाया जाता है। यदि 31 मार्च तक कुल देनदारी का 90 प्रतिशत भी नहीं चुकाया गया, तो बकाया राशि पर यह ब्याज लागू होता है।
एडवांस टैक्स ऑनलाइन कैसे जमा करें?
आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन कर 'ई-पे टैक्स' विकल्प चुनें, फिर 'न्यू पेमेंट' में आयकर श्रेणी और वित्त वर्ष 2026-27 चुनें। इसके बाद 'एडवांस टैक्स' (कोड 100) का चयन कर आवश्यक विवरण भरें और पसंदीदा भुगतान माध्यम से टैक्स जमा करें।
राष्ट्र प्रेस
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