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क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फाइनेंस के भविष्य को नया आकार दे रहा है?

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क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फाइनेंस के भविष्य को नया आकार दे रहा है?

सारांश

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब केवल एक अवधारणा नहीं है, बल्कि यह वित्तीय सेवाओं को नए दृष्टिकोण से देखने का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। एनपीसीआई के अजय कुमार चौधरी के अनुसार, एआई वित्तीय क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। जानिए कैसे!

मुख्य बातें

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब वित्तीय सेवाओं का एक मुख्य हिस्सा बन गया है।
78% वित्तीय संगठन पहले से ही एआई का उपयोग कर रहे हैं।
एआई से वित्तीय सेवाओं में दक्षता और समावेशन बढ़ रहा है।
एआई में निवेश 2027 तक 100 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है।
जेनरेटिव और एजेंटिक एआई वित्तीय क्षेत्र में परिवर्तन ला रहे हैं।

मुंबई, 7 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष और स्वतंत्र निदेशक अजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अब भविष्य के साथ जुड़ी एक अवधारणा नहीं रह गई है, बल्कि यह वित्तीय सेवाओं को नया आकार देने में एक केंद्रीय शक्ति बन चुकी है।

छठे ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2025 में अपनी स्पीच देते हुए चौधरी ने बताया कि एआई फाइनेंशियल सर्विसेज के डिजाइन, वितरण और अनुभव के तरीकों को बदल रहा है, जिससे कुशलता और समावेशन के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मार्जिन से मेनस्ट्रीम में आ गया है। यह वित्तीय सेवाओं के डिज़ाइन, वितरण और अनुभव के तरीकों को नया आकार दे रहा है, जिससे दक्षता, समावेशन और लचीलेपन के द्वार खुल रहे हैं।" यह हमारे वित्तीय सेवाओं के डिजाइन, डिलिवर और एक्सपीरियंस करने के तरीके को बदल रहा है और कुशलता, समावेशन और मजबूती के लिए दरवाजे खोल रहा है।

'एआईज प्रॉमिस एंड पेरिल : बिल्डिंग रिस्पॉन्सिबल इंटेलिजेंस फॉर इंक्लूसिव फाइनेंस' विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह अपने साथ कठिन चुनौतियाँ भी लाता है, जिन्हें जिम्मेदार गवर्नेंस और ग्लोबल कॉपरेशन के माध्यम से प्रबंधित किया जाना चाहिए।

चौधरी ने कहा कि बैंकिंग, बीमा, पूंजी बाजार, और पेमेंट सेक्टर में एआई में निवेश 2027 तक लगभग 100 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि 78 प्रतिशत वित्तीय संगठन पहले से ही कम से कम एक क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि 2023 में यह संख्या 55 प्रतिशत थी।

उन्होंने बताया कि एआई के दो रूप जेनरेटिव एआई और एजेंटिक एआई वित्तीय क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ये तकनीकें धोखाधड़ी का पता लगाने, अनुपालन स्वचालन, ट्रेडिंग सटीकता और ग्राहक अनुभव को बेहतर बना सकती हैं, जिससे ग्लोबल बैंकिंग प्रोडक्टिविटी में सालाना आधार पर 200-340 बिलियन डॉलर की वृद्धि हो सकती है।

चौधरी ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक में बढ़ते संकेंद्रण और विविधता लाने तथा लचीली, संप्रभु क्षमताओं के निर्माण की आवश्यकता से जुड़ी रणनीतिक चिंताओं पर भी प्रकाश डाला। उनके संदेश ने इस उत्सव के लिए मंच तैयार किया और वैश्विक फिनटेक समुदाय को जिम्मेदारी से नवाचार करने और एआई द्वारा संचालित एक समावेशी, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने के लिए प्रेरित किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेजी से बढ़ता हुआ उपयोग वित्तीय क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। यह न केवल दक्षता बढ़ा रहा है, बल्कि समावेशन के नए अवसर भी निर्माण कर रहा है। हमें इस तकनीक का जिम्मेदारी से उपयोग करते हुए भविष्य की वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को तैयार करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वित्तीय क्षेत्र में क्या महत्व है?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वित्तीय सेवाओं में दक्षता बढ़ाने, धोखाधड़ी का पता लगाने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
क्या एआई में निवेश की भविष्यवाणी की गई है?
हां, 2027 तक एआई में निवेश लगभग 100 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
राष्ट्र प्रेस
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