पश्चिम बंगाल की नई औद्योगिक नीति: रंगदारी की शिकायत पर 15 मिनट में गिरफ्तारी — CM सुवेंदु अधिकारी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 5 नवंबर 2026 को राज्य की नई औद्योगिक नीति की घोषणा के साथ ही निवेशकों से रंगदारी वसूलने और उग्र ट्रेड यूनियन गतिविधियों के ज़रिये उद्योगों का कामकाज बाधित करने वालों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के 15 मिनट के भीतर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। कोलकाता में पेश की गई यह नीति राज्य में औद्योगिक निवेश का माहौल सुधारने की दिशा में सरकार का पहला बड़ा कदम बताई जा रही है।
रंगदारी के खिलाफ विशेष हेल्पलाइन
मुख्यमंत्री ने बताया कि रंगदारी संबंधी शिकायतों के त्वरित निपटान के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। उन्होंने निवेशकों को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'मैं निवेशकों से अनुरोध करता हूँ कि वे रंगदारी माँगने की किसी भी घटना की शिकायत हेल्पलाइन पर दर्ज कराएँ। शिकायत दर्ज होने के 15 मिनट के भीतर कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।' यह व्यवस्था उन उद्योगपतियों के लिए राहत का संकेत है जो अब तक इस तरह की वसूली को लेकर पुलिस कार्रवाई की सुस्त गति से निराश रहते थे।
उग्र ट्रेड यूनियनवाद पर सख्त रुख
सीएम अधिकारी ने औद्योगिक इकाइयों में अनावश्यक काम-बंदी कराने की कोशिशों के खिलाफ भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'मैं किसी भी औद्योगिक इकाई में अनावश्यक रूप से काम बंद नहीं होने दूंगा। जो लोग ऐसा करने की कोशिश करेंगे, उन्हें जेल भेजा जाएगा और मैं सुनिश्चित करूंगा कि वे लंबे समय तक जेल में रहें।' हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रबंधन के खिलाफ वैध शिकायत हो तो उसके समाधान के लिए श्रम आयोग का उचित मंच उपलब्ध है।
पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप
अधिकारी ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार पर भी तीखा निशाना साधा। उन्होंने बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट का उल्लेख करते हुए कहा, 'ऐसे आठ सम्मेलनों के आयोजन पर ₹650 करोड़ से अधिक खर्च किए गए। पिछली सरकार ने दावा किया था कि इन सम्मेलनों में ₹16 लाख करोड़ के समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर हुए, लेकिन अंततः इनमें से कुछ भी ज़मीन पर नहीं उतर सका। यहाँ तक कि बुनियादी ढाँचा विकास परियोजनाओं को भी प्रस्तावित निवेश के रूप में दिखाया गया।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने राज्य के कर राजस्व को बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया और भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलने से सरकारी खज़ाने को भारी नुकसान हुआ।
राजस्व में सुधार के दावे
मुख्यमंत्री के अनुसार, नई सरकार के पहले छह महीनों में राजस्व संग्रह में सुधार दिखने लगा है। अप्रैल से सितंबर 2025 और अप्रैल से अक्टूबर 2026 की तुलना करने पर राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, 'इस समय कोई नई बड़ी पहल शुरू करना संभव नहीं है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व संग्रह में ₹4,000 करोड़ की वृद्धि हुई है।'
आगे की राह
सरकार का घोषित उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और रंगदारी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाकर राज्य के कर राजस्व को बढ़ाना और औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है। अधिकारी ने कहा, 'हमारा उद्देश्य अवैध धन के प्रवाह और वसूली पर रोक लगाना है, ताकि पश्चिम बंगाल में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल सके।' यह देखना होगा कि 15 मिनट की गिरफ्तारी जैसी महत्वाकांक्षी प्रतिबद्धता ज़मीनी स्तर पर किस हद तक लागू हो पाती है।