पश्चिम बंगाल CMO का सभी विभागों को निर्देश: राजस्व चोरी रोकने के लिए बनाएँ विभाग-वार ब्लूप्रिंट
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने राज्य सरकार के तमाम विभागों को निर्देश दिया है कि वे राजस्व हानि की पहचान करने और उसे रोकने के उपाय सुझाने के लिए विभाग-वार ब्लूप्रिंट तैयार करें। 24 जुलाई को सामने आई इस जानकारी के अनुसार, यह कदम वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक राज्य के स्वयं के कर राजस्व संग्रह को बेहतर बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
मुख्य निर्देश और विभागों की जिम्मेदारी
नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि CMO ने ब्लूप्रिंट के अलावा संबंधित विभागों को एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का भी निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट में पिछली सरकार के कार्यकाल में निर्धारित राजस्व वसूली के लक्ष्यों और उनकी वास्तविक उपलब्धि का ब्यौरा देना होगा।
अधिकारी के अनुसार, 'हर विभाग से कहा गया है कि वे CMO को बताएँ कि आखिरी बार कर में बदलाव कब और कहाँ किया गया था।' इसके साथ ही विभागों को उन क्षेत्रों की पहचान करनी होगी जहाँ कर रिसाव की आशंका अधिक है और उसे रोकने के ठोस सुझाव देने होंगे। कृषि, परिवहन, भूमि एवं भूमि सुधार, लोक निर्माण तथा स्वास्थ्य विभागों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, क्योंकि इन क्षेत्रों में राजस्व जुटाने और रिसाव दोनों की संभावना अधिक मानी जाती है।
नई सरकार की शुरुआती सफलता
राज्य सरकार के अधिकारी ने बताया कि नई सरकार ने कार्यभार संभालते ही कुछ चुनिंदा विभागों में राजस्व हानि रोकने के उपाय लागू किए, जिसके परिणामस्वरूप शुरुआती दो महीनों में ही लगभग ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त कर राजस्व जमा हुआ। अब सरकार इस प्रयास को सभी विभागों तक विस्तारित करना चाहती है।
पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप
अधिकारी के अनुसार, पिछली सरकार के दौरान राजस्व हानि की यह व्यवस्था जानबूझकर बनाई गई थी और इसमें बड़े पैमाने पर संस्थागत भ्रष्टाचार शामिल था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राजस्व की इस हानि और लूट-खसोट के मुद्दे को सरकार के व्हाइट पेपर में भी शामिल किया जाएगा, जिसमें यह दर्शाया जाएगा कि किन क्षेत्रों में राजस्व संग्रह बाधित हुआ और राज्य के खजाने को कितना नुकसान उठाना पड़ा।
वित्त मंत्री का रुख और बजट विवाद
राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करने के बाद स्पष्ट कहा कि कर संग्रह में होने वाली हानि को दूर करना ही आम जनता पर अतिरिक्त कर का बोझ डाले बिना राज्य के स्वयं के कर राजस्व को बढ़ाने की मूल कुंजी है। गौरतलब है कि बजट प्रस्तावों की घोषणा के बाद कुछ पक्षों ने सवाल उठाए थे कि इसमें कर राजस्व सुधार के लिए कोई ठोस दिशा-निर्देश नहीं दिए गए।
इसके जवाब में पश्चिम बंगाल विधानसभा में सत्ता पक्ष ने तर्क दिया कि इस सुधार की नींव उन निर्णयों में छिपी है जो नई कैबिनेट ने कार्यभार संभालने के पहले दिन से ही राजस्व रिसाव रोकने के लिए लिए थे।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकारें केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और अनुदान पर निर्भरता कम करने के लिए अपने स्वयं के कर आधार को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं। विभाग-वार ब्लूप्रिंट और व्हाइट पेपर की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 के भीतर राजस्व संग्रह में सुधार का लक्ष्य तय किया गया है।