पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार खत्म कर बढ़ेगा टैक्स रेवेन्यू, वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार टैक्स वसूली तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करके राज्य के स्वयं के कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस पूरी प्रक्रिया में आम नागरिकों पर कोई अतिरिक्त कर बोझ नहीं डाला जाएगा।
बीरभूम की खदानों से मिला बदलाव का संकेत
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को खुलासा किया था कि बीरभूम जिले में पत्थर की खदानों से होने वाली कमाई में नई सरकार के सत्ता संभालने के दो महीने से भी कम समय में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पहले इस क्षेत्र में पत्थर ले जाने वाले आठ ट्रकों में से केवल एक से ही टैक्स वसूला जाता था — यानी राजस्व का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल पर भारी कर्ज का बोझ है और राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की माँग तेज हो रही है। गौरतलब है कि खनन क्षेत्र में कर चोरी की यह समस्या वर्षों से चली आ रही थी।
टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने की रणनीति
दासगुप्ता ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा, 'अब हम उन कमियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनकी वजह से टैक्स वसूली में नुकसान होता है, और इस तरह आम लोगों पर बोझ डाले बिना राज्य के अपने टैक्स रेवेन्यू को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।'
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य के कर ढाँचे में राज्य उत्पाद शुल्क (State Excise) पर निर्भरता घटाना उनकी प्राथमिकता है। साथ ही विरासत में मिले भारी कर्ज के बोझ को संभालना भी नई सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है।
भूमि नीति और औद्योगिक विकास
दासगुप्ता ने बताया कि राज्य में जल्द ही एक नई औद्योगिक नीति लागू की जाएगी और मौजूदा भूमि नीतियों में व्यापक बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'हमने अर्बन लैंड (सीलिंग एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1976 की समीक्षा करने का फैसला पहले ही कर लिया है। यह पुराना कानून, जो पुराने समाजवादी दौर की एक निशानी है, इसे खत्म कर देना चाहिए।'
उन्होंने जोड़ा कि जो भूमि पहले उद्योगों के लिए आवंटित की गई थी और अब अनुपयोगी पड़ी है, उस पर शॉपिंग मॉल बनाने की बजाय औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
केंद्र के साथ बेहतर तालमेल की नीति
वित्त मंत्री के अनुसार, नई सरकार का जोर केंद्र सरकार के साथ मिलकर और बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर होगा। उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार का केंद्र के साथ हमेशा टकराव रहा, जो लोकतांत्रिक संघवाद की भावना के विरुद्ध था। पिछले 15 वर्षों में एक के बाद एक केंद्रीय परियोजनाओं को नजरअंदाज किए जाने से राज्य के नागरिक केंद्रीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहे।
कोलकाता बनेगा 24 घंटे चलने वाला शहर
दासगुप्ता ने घोषणा की कि नई सरकार दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को दिन-रात संचालन की अनुमति देगी। उनके अनुसार इससे राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के बाद कोलकाता एक बिल्कुल अलग और जीवंत शहर के रूप में उभरेगा। नई सरकार राज्य को एक तेज़ी से आगे बढ़ने वाली बाज़ार-आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।