10 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार खत्म कर बढ़ेगा टैक्स रेवेन्यू, वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता का बड़ा ऐलान

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पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार खत्म कर बढ़ेगा टैक्स रेवेन्यू, वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता का बड़ा ऐलान

सारांश

पश्चिम बंगाल की नई BJP सरकार का पहला आर्थिक संदेश साफ है — टैक्स नहीं बढ़ाएंगे, भ्रष्टाचार हटाएंगे। बीरभूम की खदानों में दो महीने में ही राजस्व उछाल इसका प्रमाण बताया जा रहा है। वित्त मंत्री दासगुप्ता की रणनीति में भूमि सुधार, 24 घंटे व्यापार और केंद्र से बेहतर तालमेल शामिल है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा — टैक्स वसूली में भ्रष्टाचार खत्म कर राज्य का कर राजस्व बढ़ाया जाएगा, आम नागरिकों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं।
बीरभूम जिले की पत्थर खदानों में नई सरकार के दो महीने से कम में राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि; पहले 8 में से सिर्फ 1 ट्रक से टैक्स वसूला जाता था।
अर्बन लैंड (सीलिंग एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1976 की समीक्षा का फैसला; औद्योगिक भूमि का उपयोग उद्योगों के लिए सुनिश्चित करने की योजना।
राज्य में जल्द नई औद्योगिक नीति लागू होगी; State Excise पर निर्भरता घटाना भी प्राथमिकता।
दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालन की अनुमति देने की घोषणा; केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय पर जोर।

पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार टैक्स वसूली तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करके राज्य के स्वयं के कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस पूरी प्रक्रिया में आम नागरिकों पर कोई अतिरिक्त कर बोझ नहीं डाला जाएगा।

बीरभूम की खदानों से मिला बदलाव का संकेत

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को खुलासा किया था कि बीरभूम जिले में पत्थर की खदानों से होने वाली कमाई में नई सरकार के सत्ता संभालने के दो महीने से भी कम समय में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पहले इस क्षेत्र में पत्थर ले जाने वाले आठ ट्रकों में से केवल एक से ही टैक्स वसूला जाता था — यानी राजस्व का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल पर भारी कर्ज का बोझ है और राज्य की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की माँग तेज हो रही है। गौरतलब है कि खनन क्षेत्र में कर चोरी की यह समस्या वर्षों से चली आ रही थी।

टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने की रणनीति

दासगुप्ता ने एक विशेष साक्षात्कार में कहा, 'अब हम उन कमियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनकी वजह से टैक्स वसूली में नुकसान होता है, और इस तरह आम लोगों पर बोझ डाले बिना राज्य के अपने टैक्स रेवेन्यू को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।'

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य के कर ढाँचे में राज्य उत्पाद शुल्क (State Excise) पर निर्भरता घटाना उनकी प्राथमिकता है। साथ ही विरासत में मिले भारी कर्ज के बोझ को संभालना भी नई सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है।

भूमि नीति और औद्योगिक विकास

दासगुप्ता ने बताया कि राज्य में जल्द ही एक नई औद्योगिक नीति लागू की जाएगी और मौजूदा भूमि नीतियों में व्यापक बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'हमने अर्बन लैंड (सीलिंग एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1976 की समीक्षा करने का फैसला पहले ही कर लिया है। यह पुराना कानून, जो पुराने समाजवादी दौर की एक निशानी है, इसे खत्म कर देना चाहिए।'

उन्होंने जोड़ा कि जो भूमि पहले उद्योगों के लिए आवंटित की गई थी और अब अनुपयोगी पड़ी है, उस पर शॉपिंग मॉल बनाने की बजाय औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

केंद्र के साथ बेहतर तालमेल की नीति

वित्त मंत्री के अनुसार, नई सरकार का जोर केंद्र सरकार के साथ मिलकर और बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर होगा। उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार का केंद्र के साथ हमेशा टकराव रहा, जो लोकतांत्रिक संघवाद की भावना के विरुद्ध था। पिछले 15 वर्षों में एक के बाद एक केंद्रीय परियोजनाओं को नजरअंदाज किए जाने से राज्य के नागरिक केंद्रीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहे।

कोलकाता बनेगा 24 घंटे चलने वाला शहर

दासगुप्ता ने घोषणा की कि नई सरकार दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को दिन-रात संचालन की अनुमति देगी। उनके अनुसार इससे राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के बाद कोलकाता एक बिल्कुल अलग और जीवंत शहर के रूप में उभरेगा। नई सरकार राज्य को एक तेज़ी से आगे बढ़ने वाली बाज़ार-आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजस्व बढ़ाओ' का फॉर्मूला राजनीतिक रूप से आकर्षक है, लेकिन इसकी असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी। बीरभूम खदानों का उदाहरण उत्साहजनक है, पर एक जिले की सफलता को पूरे राज्य के कर तंत्र में दोहराना कहीं अधिक जटिल काम है। 1976 के भूमि कानून को हटाने की बात वर्षों से होती रही है — देखना यह है कि नई सरकार इसे वास्तव में कानूनी और राजनीतिक विरोध के बावजूद कितनी तेजी से अंजाम देती है। TMC के 15 साल के 'केंद्र-विरोध' को पलटना भी उतना सरल नहीं, जितना बयानों में लगता है — संस्थागत जड़ता और नौकरशाही प्रतिरोध असली बाधाएं होंगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल सरकार टैक्स रेवेन्यू कैसे बढ़ाएगी?
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता के अनुसार, सरकार टैक्स वसूली तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करके राजस्व बढ़ाएगी — नागरिकों पर कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा। बीरभूम की पत्थर खदानों में दो महीने से कम समय में हुई वृद्धि इस रणनीति का शुरुआती उदाहरण बताई जा रही है।
बीरभूम पत्थर खदानों में पहले क्या गड़बड़ी थी?
पहले बीरभूम जिले में पत्थर ले जाने वाले आठ ट्रकों में से केवल एक ट्रक से टैक्स वसूला जाता था, जिससे भारी राजस्व हानि होती थी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, नई BJP सरकार के सत्ता संभालने के दो महीने से भी कम समय में इस क्षेत्र की कमाई में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
अर्बन लैंड सीलिंग एक्ट 1976 की समीक्षा क्यों हो रही है?
वित्त मंत्री दासगुप्ता का मानना है कि यह पुराना कानून औद्योगिक विकास में बाधक है और समाजवादी दौर की एक पुरानी विरासत है। सरकार चाहती है कि उद्योगों के लिए आवंटित लेकिन अनुपयोगी पड़ी भूमि का उपयोग शॉपिंग मॉल की बजाय औद्योगिक विकास के लिए हो।
पिछली TMC सरकार की नीतियों से नई सरकार कैसे अलग है?
वित्त मंत्री के अनुसार, पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार का केंद्र से लगातार टकराव रहा जिससे राज्य के नागरिक 15 वर्षों तक केंद्रीय योजनाओं के लाभ से वंचित रहे। नई BJP सरकार केंद्र के साथ बेहतर समन्वय और सहयोग को प्राथमिकता देगी।
कोलकाता में 24 घंटे दुकानें खुलने से क्या फर्क पड़ेगा?
सरकार दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को दिन-रात संचालन की अनुमति देने की योजना बना रही है, जिससे राजस्व संग्रह में वृद्धि और नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। वित्त मंत्री दासगुप्ता के अनुसार, इससे कोलकाता एक अलग और जीवंत शहर के रूप में उभरेगा।
राष्ट्र प्रेस
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