मई में बीएफएसआई थीमैटिक फंड्स ने दिया 5.5% रिटर्न, लार्ज-कैप में ₹8,565 करोड़ का निवेश
सारांश
मुख्य बातें
बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) थीमैटिक फंड्स ने मई 2026 में म्यूचुअल फंड श्रेणियों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड्स में जगह बनाई, 5.5% का रिटर्न देते हुए ₹1,013 करोड़ का निवेश आकर्षित किया। वैलम कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, इन फंड्स की सफलता के पीछे लार्ज-कैप शेयरों की भारी मौजूदगी प्रमुख कारण रही।
श्रेणीवार प्रदर्शन और निवेश प्रवाह
रिपोर्ट में एक दिलचस्प विरोधाभास सामने आया — माइक्रो-कैप फंड्स ने 5.7% रिटर्न के साथ सर्वोच्च प्रदर्शन किया, फिर भी निवेशकों की रुचि इनमें सीमित रही और इनमें अपेक्षाकृत कम पूंजी आई। इसके विपरीत, लार्ज-कैप फंड्स ने केवल 1.5% रिटर्न दिया — जो सभी श्रेणियों में सबसे कम था — लेकिन इनमें ₹8,565 करोड़ का निवेश आया, जो स्मॉल-कैप फंड्स के मुकाबले लगभग चार गुना और मिड-कैप फंड्स के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।
स्मॉल-कैप फंड्स ने 3.4% रिटर्न के साथ ₹2,229 करोड़ और मिड-कैप फंड्स ने 1.6% रिटर्न के साथ ₹3,898 करोड़ का निवेश आकर्षित किया। फ्लेक्सी-कैप फंड्स ने 2.1% रिटर्न दिया और इनमें ₹5,350 करोड़ आए, जबकि लार्ज एंड मिड-कैप फंड्स में 1.9% रिटर्न के साथ ₹2,617 करोड़ का निवेश हुआ।
एसआईपी का दबदबा और लार्ज-कैप में निरंतर प्रवाह
वैलम कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, लार्ज-कैप और फ्लेक्सी-कैप इंडेक्स आधारित योजनाओं में पहले से निर्धारित एसआईपी (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) निर्देशों के कारण खुदरा निवेशकों का पैसा लगातार बाज़ार के सबसे बड़े और अधिक तरल शेयरों में जाता रहता है। यही कारण है कि अल्पकालिक रिटर्न कम होने पर भी लार्ज-कैप में निवेश प्रवाह बाधित नहीं होता।
मई में एसआईपी के ज़रिए कुल ₹30,954 करोड़ का निवेश हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16% अधिक है। देश में सक्रिय एसआईपी खातों की संख्या बढ़कर 9.64 करोड़ हो गई है।
सेक्टोरल फंड्स का प्रदर्शन
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसयू बैंक) फंड्स ने मई में 6.9% का रिटर्न दिया और इनमें ₹436 करोड़ का निवेश आया। प्राइवेट बैंक फंड्स ने 6.5% रिटर्न के साथ ₹329 करोड़ आकर्षित किए — दोनों बैंकिंग श्रेणियों में मिलाकर ₹765 करोड़ का निवेश हुआ।
ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स फंड्स ने 4.4% रिटर्न दिया और इनमें ₹194 करोड़ का निवेश हुआ। ऑटो फंड्स ने भी 4.2% का मज़बूत रिटर्न दर्ज किया, जिससे यह श्रेणी निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही।
उद्योग का समग्र परिदृश्य
वर्तमान में ₹10.5 लाख करोड़ से अधिक एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के साथ लार्ज-कैप फंड्स भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग की सबसे बड़ी श्रेणी बने हुए हैं। मई 2026 के अंत तक भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल एयूएम ₹81.58 लाख करोड़ पर स्थिर रहा।
गौरतलब है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लगातार 63वें महीने भी शुद्ध निवेश (नेट इनफ्लो) दर्ज किया गया, जो घरेलू निवेशकों के दीर्घकालिक भरोसे को दर्शाता है।
एफआईआई और डीआईआई का रुख
रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मई में ₹32,963 करोड़ के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने ₹82,165 करोड़ के शेयर खरीदे, जिससे बाज़ार को मज़बूत समर्थन मिला और एफआईआई की बिकवाली का असर काफी हद तक सीमित रहा। आगे चलकर बाज़ार की दिशा काफी हद तक इन दोनों के बीच संतुलन पर निर्भर करेगी।