अप्रैल में भारतीय शेयर बाजार में ₹73,639 करोड़ का निवेश, SIP में लार्ज-कैप को प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
अप्रैल में भारतीय शेयर बाजार में कुल ₹73,639 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया, जो मार्च की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। वैलम कैपिटल की 23 मई 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के माध्यम से आने वाला अधिकांश निवेश लार्ज-कैप कंपनियों की ओर प्रवाहित हुआ, जो निवेशकों की सतर्क किंतु अनुशासित रणनीति को दर्शाता है।
मुख्य घटनाक्रम
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में कुल इक्विटी निवेश ₹25,931 करोड़ रहा, जो मार्च से अधिक था। मार्च की तिमाही-समाप्ति अस्थिरता के बाद विभिन्न एसेट क्लास में निवेश का रुझान सुधरा। मनी मार्केट और फिक्स्ड इनकम सेगमेंट में भी भारी निकासी के बाद पुनः पूंजी प्रवाह देखा गया।
लार्ज-कैप फंड्स की स्थिति
लार्ज-कैप फंड्स में निवेश घटकर ₹17,756 करोड़ रह गया, जो पिछले महीने की तुलना में ₹10,911 करोड़ कम था। इस श्रेणी में साल-दर-साल आधार पर 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई — जो सभी सेगमेंट में सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा। बावजूद इसके, लार्ज-कैप फंड निवेशकों की पहली पसंद बने रहे। वैलम कैपिटल की रिपोर्ट में कहा गया, 'निवेशक कमजोर प्रदर्शन वाले फंड्स में भी नियमित SIP निवेश जारी रख रहे हैं, जो भारत की परिपक्व होती SIP संस्कृति को दर्शाता है।'
सेक्टर और रणनीति में बदलाव
निवेशकों ने पीएसयू और बीएफएसआई सेक्टर के वैल्यू स्टॉक्स की ओर रुख किया, जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों से दूरी बनाई। इक्विटी में डायनामिक रणनीतियों में सबसे बड़ा बदलाव देखा गया — ₹15,242 करोड़ की निकासी की स्थिति पलटकर ₹19,755 करोड़ के निवेश में बदल गई। यह सभी इक्विटी श्रेणियों में सबसे बड़ा मासिक उलटफेर रहा। इस बदलाव में आर्बिट्राज फंड्स का प्रमुख योगदान रहा, जिनकी हिस्सेदारी ₹33,173 करोड़ रही।
फैक्टर और थीमैटिक निवेश
फैक्टर-आधारित निवेश में केवल 'ग्रोथ' श्रेणी ने सकारात्मक प्रदर्शन किया — अप्रैल में 2.2 प्रतिशत और साल-दर-साल आधार पर 2.9 प्रतिशत रिटर्न। इस श्रेणी में ₹1,022 करोड़ का नया निवेश आया। वहीं, फोकस्ड फंड्स में सबसे अधिक ₹1,008 करोड़ की निकासी दर्ज की गई।
बीएफएसआई और कैपिटल मार्केट्स का प्रदर्शन
बीएफएसआई सेक्टर ने विभिन्न थीम्स में कमजोर प्रदर्शन के बावजूद बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया। इसके भीतर कैपिटल मार्केट्स सेगमेंट सबसे आगे रहा — साल-दर-साल 18.1 प्रतिशत और एक महीने में 7.4 प्रतिशत रिटर्न के साथ। रिपोर्ट के अनुसार, जब तक व्यापक बाजार साल-दर-साल आधार पर सकारात्मक नहीं होता, भारतीय निवेशक आक्रामक दांव की बजाय अनुशासित निवेश रणनीति को तरजीह देते रहेंगे।