क्या भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा? विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना

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क्या भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा? विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने की संभावना

सारांश

भारत, जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है, की विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह रिपोर्ट नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा प्रस्तुत की गई है। जानिए निवेशकों की भागीदारी और बाजार के रुझानों के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत की जीडीपी विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान।
  • निवेशकों की भागीदारी में वृद्धि।
  • रिकॉर्ड फंडिंग के साथ एनएसई की सफलता।
  • महंगाई नियंत्रण में रहने की स्थिति।
  • एक्सटर्नल सेक्टर की मजबूती।

मुंबई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत अपनी स्थिति को बनाए रखते हुए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना रहेगा और जीडीपी की विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह जानकारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की ओर से सोमवार को जारी की गई मार्केट पल्स रिपोर्ट में दी गई।

इस रिपोर्ट में 2025 के दौरान मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता, निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और पूंजी बाजार में कंपनियों द्वारा रिकॉर्ड फंड जुटाने की गतिविधि का उल्लेख किया गया है।

जीडीपी के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, स्थिर घरेलू मांग और सरकारी खर्च के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि वैश्विक समकक्षों की तुलना में काफी आगे रही है।

महंगाई नियंत्रण में रहने से आरबीआई द्वारा निर्धारित महंगाई के बैंड से नीचे बनी हुई है, जिससे केंद्रीय बैंक को रेपो रेट में 125 आधार अंकों की कटौती करने का अवसर मिला है।

मजबूत सर्विसेज निर्यात के कारण भारत के एक्सटर्नल सेक्टर की स्थिति भी मजबूत बनी हुई है और विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर के आंकड़े के आसपास बना हुआ है।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि पूंजीगत बाजारों में रिकॉर्ड फंडिंग देखी गई है, और 2025 में एनएसई पर कंपनियों ने 19.6 लाख करोड़ रुपए की पूंजी जुटाई है, जो कि एक ऑल-टाइम हाई है और पिछले वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है।

यह रकम इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर को दिए गए नेट बैंक क्रेडिट से दोगुनी से भी अधिक रही है।

19.6 लाख करोड़ रुपए में से 15.1 लाख करोड़ रुपए की रकम डेट मार्केट के जरिए और 4.2 लाख करोड़ रुपए की रकम इक्विटी मार्केट के जरिए जुटाई गई है।

भारत इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) में भी वैश्विक नेता बनकर उभरा है। साल के दौरान एनएसई पर कुल 220 आईपीओ सूचीबद्ध हुए, जिनसे 1.78 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए।

बाजार में निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अद्वितीय निवेशकों की संख्या 12.5 करोड़ हो गई है, जबकि कुल क्लाइंट अकाउंट 24 करोड़ के पार पहुँच गए हैं।

हालांकि, 2024 में 2.3 करोड़ की तुलना में 2025 में नए निवेशकों की संख्या 1.6 करोड़ तक कम हो गई, जो कि बाजारों से निकासी के बजाय सामान्य स्थिति को दर्शाता है। पिछले पांच सालों में लगभग 70 प्रतिशत निवेशक अकाउंट जोड़े गए हैं।

Point of View

मैं कहूंगा कि भारत की आर्थिक वृद्धि और निवेशकों की भागीदारी सभी देशवासियों के लिए गर्व का विषय है। यह रिपोर्ट हमें बताती है कि हम एक मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत की जीडीपी विकास दर क्या है?
भारत की जीडीपी विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
क्या भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है?
जी हां, भारत वर्तमान में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
निवेशकों की भागीदारी में क्या बदलाव आया है?
निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, अद्वितीय निवेशकों की संख्या 12.5 करोड़ हो गई है।
सरकारी खर्च का भारत की आर्थिक वृद्धि पर क्या प्रभाव है?
स्थिर घरेलू मांग और सरकारी खर्च के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि वैश्विक समकक्षों से आगे रही है।
भारत में महंगाई की स्थिति क्या है?
महंगाई काबू में है और आरबीआई द्वारा निर्धारित बैंड से नीचे बनी हुई है।
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