4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारत अपनी वैज्ञानिक प्रगति से दुनिया को प्रेरित करता है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत अपनी वैज्ञानिक प्रगति से दुनिया को प्रेरित करता है?

सारांश

भारत की वैज्ञानिक प्रगति और ज्ञान-आधारित गतिविधियों पर केंद्रीय मंत्रियों ने चर्चा की, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे भारत वैश्विक उन्नति के लिए प्रेरणा स्रोत बन रहा है। इस वर्ल्ड साइंस डे पर यह संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है।

मुख्य बातें

भारत की वैज्ञानिक प्रगति वैश्विक प्रेरणा है।
विज्ञान और शांति का संबंध महत्वपूर्ण है।
वर्ल्ड साइंस डे ज्ञान और नवाचार को मान्यता देता है।

नई दिल्ली, १० नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्रियों ने सोमवार को कहा कि भारत अपनी वैज्ञानिक प्रगति और ज्ञान-आधारित गतिविधियों के माध्यम से दुनिया को प्रेरित करता रहेगा और उद्देश्यपूर्ण एवं वैश्विक उन्नति पर आधारित भविष्य का निर्माण करेगा।

समाज में विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका और शांति एवं विकास से इसके संबंध को मान्यता देने के लिए 'वर्ल्ड साइंस डे' १० नवंबर को मनाया जाता है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि वर्ल्ड साइंस डे पर हम साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत के बढ़ते नेतृत्व का जश्न मनाते हैं, यह एक ऐसा राष्ट्र है जहां इनोवेशन प्राचीन ज्ञान से मिलता है और खोज विकास को बढ़ावा देती है।

उन्होंने आगे कहा, "विश्वगुरु बनने के विजन के साथ, भारत अपनी वैज्ञानिक प्रगति और ज्ञान-आधारित प्रयासों के माध्यम से दुनिया को प्रेरित करता रहेगा और उद्देश्यपूर्ण एवं वैश्विक उन्नति पर आधारित भविष्य का निर्माण करेगा।"

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस वर्ल्ड साइंस डे पर, आइए ज्ञान और नवाचार की उस शक्ति का जश्न मनाएं जो एक स्थायी भविष्य को आकार देती है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "विज्ञान हमें हमारे प्लेनेट की सबसे बड़ी चुनौतियों के समाधान की ओर मार्गदर्शन करता रहे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रगति, समानता और आशा को बढ़ावा देता रहे। वर्ल्ड साइंस डे की शुभकामनाएं!"

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विज्ञान हमारी दुनिया को समझने और सभी लोगों के बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक है।

अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और शांति सप्ताह पहली बार १९८६ में अंतरराष्ट्रीय शांति वर्ष के उपलक्ष्य में मनाया गया था।

१९८६ के आयोजन की सफलता के आधार पर, आयोजकों ने अगले वर्ष भी इसे जारी रखा। इस वार्षिक उत्सव के महत्व को समझते हुए, संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर १९८८ में प्रस्ताव 43/61 पारित किया, जिसके तहत "अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं शांति सप्ताह" की घोषणा की गई, जो प्रत्येक वर्ष ११ नवंबर वाले सप्ताह में मनाया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, "अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं शांति सप्ताह का वार्षिक उत्सव शांति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। यह सप्ताह सार्वभौमिक महत्व के विषय पर व्यापक शैक्षणिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है और साथ ही आम जनता में विज्ञान और शांति के संबंधों के बारे में अधिक जागरूकता भी पैदा करता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। यह समय है जब हमें अपने वैज्ञानिक प्रयासों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्ल्ड साइंस डे कब मनाया जाता है?
वर्ल्ड साइंस डे हर साल 10 नवंबर को मनाया जाता है।
भारत वैज्ञानिक प्रगति में कैसे योगदान दे रहा है?
भारत अपनी ज्ञान-आधारित गतिविधियों और इनोवेशन द्वारा वैश्विक वैज्ञानिक प्रगति में योगदान दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और शांति सप्ताह कब मनाया जाता है?
अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और शांति सप्ताह प्रत्येक वर्ष 11 नवंबर वाले सप्ताह में मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले