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क्या बीएसएनएल और एनआरएल ने रिफाइनरी क्षेत्र में भारत के पहले 5जी सीएनपीएन के लिए समझौता किया?

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क्या बीएसएनएल और एनआरएल ने रिफाइनरी क्षेत्र में भारत के पहले 5जी सीएनपीएन के लिए समझौता किया?

सारांश

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) ने एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 5जी सीएनपीएन की स्थापना के लिए है, जो डिजिटल परिवर्तन और औद्योगिक आधुनिकीकरण को बढ़ावा देगा। जानिए इस ऐतिहासिक समझौते का महत्व क्या है।

मुख्य बातें

बीएसएनएल और एनआरएल के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ।
भारत का पहला 5जी सीएनपीएन स्थापित किया जाएगा।
यह औद्योगिक कनेक्टिविटी को सुरक्षित बनाएगा।
डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा मिलेगा।
साझेदारी अन्य क्षेत्रों के लिए अनुकरणीय मॉडल बनेगी।

नई दिल्ली, ३ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। संचार मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी एक बयान के मुताबिक, भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) ने भारत के डिजिटल परिवर्तन और औद्योगिक आधुनिकीकरण को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

यह समझौता ज्ञापन बीएसएनएल और एनआरएल के लिए रिफाइनरी क्षेत्र में भारत के पहले 5जी सीएनपीएन (कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क) की स्थापना के लिए सहयोग का मार्ग प्रशस्त करता है। इससे एक सुरक्षित, अत्यधिक विश्वसनीय और रियल-टाइम औद्योगिक कनेक्टिविटी का एक नया युग शुरू होगा।

बयान में यह भी कहा गया है कि यह पहल मिशन-क्रिटिकल कार्यों के लिए स्वदेशी 5जी इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाने की दिशा में एक अग्रणी कदम है।

बीएसएनएल और एनआरएल के बीच इस साझेदारी से अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में अनुकरणीय मॉडल तैयार होने की उम्मीद है, जिससे केंद्र सरकार के डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को बल मिलेगा।

गुवाहाटी में वित्त मंत्रालय के तत्वावधान में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) के लिए आयोजित 'इंडस्ट्री 4.0 वर्कशॉप' के दौरान इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इस वर्कशॉप में कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें लोक उद्यम विभाग (डीपीई) के सचिव, एनआरएल के सीएमडी, बीएसएनएल के निदेशक (उद्यम व्यवसाय), एनआरएल के एमडी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

वर्कशॉप में चर्चा के दौरान सीपीएसई को परिवर्तनकारी इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों को अपनाने के लिए सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें 5जी सीएनपीएन, डिजिटल ट्विन्स, एआई के साथ 3डी प्रिंटिंग, वर्चुअल फॉर्मूलेशन, एआर/वीआर/एमआर, आईओटी और बिग डेटा एनालिटिक्स शामिल हैं, ताकि इनोवेशन, दक्षता और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा दिया जा सके।

डीपीई सचिव ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सरकार के ‘संपूर्ण सरकार (डब्ल्यूओजी) दृष्टिकोण का एक उत्तम उदाहरण बताया।

एनआरएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कहा कि 5जी सीएनपीएन के इंटीग्रेशन से न केवल परिचालन दक्षता और साइबर सुरक्षा में वृद्धि होगी, बल्कि एआर/वीआर-आधारित प्रशिक्षण, डिजिटल ट्विन्स और रियल-टाइम आईओटी अनुप्रयोगों जैसी परिवर्तनकारी तकनीकों को भी सक्षम बनाया जा सकेगा।

बीएसएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ए. रॉबर्ट जे. रवि ने कहा, "यह साझेदारी नेक्स्ट जनरेशन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भारत के रणनीतिक क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए बीएसएनएल की प्रतिबद्धता का उदाहरण है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना जरूरी है कि बीएसएनएल और एनआरएल का यह समझौता केवल एक तकनीकी पहल नहीं है, बल्कि यह भारत के डिजिटल भविष्य की नींव रखता है। यह कदम न केवल औद्योगिक क्षेत्र की प्रगति में सहायक होगा, बल्कि देश को आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर करेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएसएनएल और एनआरएल के बीच समझौता कब हुआ?
यह समझौता ३ अगस्त को गुवाहाटी में हुआ।
5जी सीएनपीएन का क्या महत्व है?
5जी सीएनपीएन से औद्योगिक कनेक्टिविटी को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।
इस समझौते का उद्देश्य क्या है?
इस समझौते का उद्देश्य भारत के डिजिटल परिवर्तन और औद्योगिक आधुनिकीकरण को गति देना है।
राष्ट्र प्रेस
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