3 अक्टूबर 2026
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सीबीआई ने LIC फ्रॉड केस में रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ दाखिल की 8वीं चार्जशीट, ₹3,750 करोड़ के नुकसान का आरोप

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सीबीआई ने LIC फ्रॉड केस में रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ दाखिल की 8वीं चार्जशीट, ₹3,750 करोड़ के नुकसान का आरोप

सारांश

सीबीआई ने रिलायंस एडीए ग्रुप के खिलाफ 8वीं चार्जशीट दाखिल कर दी है — इस बार LIC से ₹3,750 करोड़ के कथित नुकसान पर। ₹1,500 करोड़ के एनसीडी में गलत जानकारी का आरोप, फंड की हेराफेरी का दावा, और तीन वरिष्ठ अधिकारी कठघरे में। जांच का दायरा अभी और बढ़ने के संकेत।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 3 अक्टूबर 2026 को मुंबई की विशेष अदालत में रिलायंस कम्युनिकेशंस और तीन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
आरोपियों में अमिताभ झुनझुनवाला (ग्रुप एमडी, रिलायंस एडीए), विश्वास जोशी (सीनियर वीपी, रिलायंस कैपिटल) और पी.
वेणुगोपाल (तत्कालीन सीआईओ, LIC) शामिल हैं।
एलआईसी ने 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशंस के ₹1,500 करोड़ के एनसीडी खरीदे थे, जो कथित रूप से गलत जानकारी के आधार पर जारी हुए थे।
एलआईसी को कुल कथित नुकसान ₹3,750 करोड़ बताया गया है।
यह रिलायंस एडीए ग्रुप के खिलाफ आठवीं चार्जशीट है; अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सीबीआई की बीएसएफबी, दिल्ली शाखा ने रिलायंस एडीए ग्रुप की संस्थाओं के विरुद्ध कुल नौ एफआईआर दर्ज की हैं।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 3 अक्टूबर 2026 को एलआईसी इन्वेस्टमेंट फ्रॉड मामले में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत में चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) को हुए कथित ₹3,750 करोड़ के नुकसान से जुड़े मामले में दाखिल रिलायंस एडीए ग्रुप के खिलाफ आठवीं चार्जशीट है।

किन अधिकारियों पर दर्ज हुए आरोप

सीबीआई ने रिलायंस एडीए ग्रुप के ग्रुप एमडी अमिताभ झुनझुनवाला, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विश्वास जोशी और एलआईसी के तत्कालीन चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (सीआईओ) पी. वेणुगोपाल के खिलाफ आरोप दाखिल किए हैं। चारों आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

सीबीआई के बयान के अनुसार, एलआईसी ने 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा जारी ₹1,500 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) खरीदे थे, जो कथित तौर पर गंभीर रूप से गलत जानकारी के आधार पर जारी किए गए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, एनसीडी सब्सक्रिप्शन से प्राप्त धनराशि को बाद में एडीए ग्रुप की अन्य कंपनियों में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे एलआईसी को गलत तरीके से नुकसान हुआ और आरोपी व्यक्तियों व संस्थाओं को अनुचित लाभ पहुँचाया गया। यह मामला एलआईसी की शिकायत के आधार पर 1 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया था।

व्यापक जांच का दायरा

गौरतलब है कि सीबीआई की बैंकिंग सिक्योरिटीज फ्रॉड ब्रांच (बीएसएफबी), दिल्ली शाखा ने सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों, एलआईसी और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल), रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीए) और रिलायंस एडीए ग्रुप की अन्य संस्थाओं के विरुद्ध नौ एफआईआर दर्ज की हैं। यह ऐसे समय में आया है जब रिलायंस एडीए ग्रुप की कई कंपनियाँ पहले से ही वित्तीय और कानूनी दबाव में हैं।

अब तक की कार्रवाई

सीबीआई ने बताया कि रिलायंस एडीए ग्रुप के मामलों में यह आठवीं चार्जशीट है और अब तक इन मामलों में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने और अतिरिक्त आरोपों की जांच के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।

आगे क्या होगा

सीबीआई के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और गिरफ्तारियाँ व चार्जशीट संभव हैं। मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत में अब इस चार्जशीट पर सुनवाई होगी, जो मामले की दिशा तय करेगी। सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों में निवेश की पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से यह मामला एक अहम मिसाल बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये चार्जशीट न्याय नहीं, केवल प्रक्रिया बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने LIC फ्रॉड केस में किन पर चार्जशीट दाखिल की है?
सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस एडीए ग्रुप के ग्रुप एमडी अमिताभ झुनझुनवाला, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के सीनियर वीपी विश्वास जोशी और एलआईसी के तत्कालीन सीआईओ पी. वेणुगोपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत में 3 अक्टूबर 2026 को दाखिल हुई।
एलआईसी को कितना नुकसान हुआ और मामला क्या है?
सीबीआई के अनुसार, एलआईसी को कुल कथित नुकसान ₹3,750 करोड़ है। एलआईसी ने 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशंस के ₹1,500 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) खरीदे थे, जो कथित तौर पर गलत जानकारी के आधार पर जारी किए गए थे और उनसे मिले फंड को एडीए ग्रुप की अन्य कंपनियों में भेज दिया गया था।
रिलायंस एडीए ग्रुप के खिलाफ सीबीआई की यह कौन सी चार्जशीट है?
यह रिलायंस एडीए ग्रुप के मामलों में दाखिल आठवीं चार्जशीट है। इससे पहले सात चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं और अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
क्या यह मामला केवल LIC तक सीमित है?
नहीं, सीबीआई की बीएसएफबी, दिल्ली शाखा ने सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों, एलआईसी और ईपीएफओ की शिकायतों के आधार पर रिलायंस एडीए ग्रुप की संस्थाओं के खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज की हैं। मामले का दायरा व्यापक है।
आगे इस मामले में क्या होगा?
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है और आगे और चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं। मुंबई की विशेष अदालत में अब इस चार्जशीट पर सुनवाई होगी।
राष्ट्र प्रेस
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