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क्या क्रिसमस से पहले भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ?

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क्या क्रिसमस से पहले भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ?

सारांश

क्रिसमस की छुट्टी से पहले भारतीय शेयर बाजार ने दिखाया मिला-जुला रुख। सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट आई है। जानिए कौन से सेक्टर में हुई बिकवाली और कौन से शेयरों में आई बढ़त। क्या आने वाले दिनों में बाजार में सुधार होगा? इस रिपोर्ट में जानें सभी महत्वपूर्ण बातें!

मुख्य बातें

सेंसेक्स 85,408.70 पर बंद हुआ, निफ्टी 26,142.10 पर।
तेल और गैस, फार्मा और आईटी में बिकवाली का असर।
निवेशकों में सतर्कता का माहौल।
छुट्टी से पहले बाजार में सीमित दायरा।
मेटल और रियल्टी सेक्टर में हल्की मजबूती।

मुंबई, 24 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। तेल और गैस, फार्मा और आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना रहा।

गुरुवार को क्रिसमस की छुट्टी से पहले निवेशक सतर्क नजर आए, जिस वजह से बाजार में कारोबार की रफ्तार भी धीमी रही।

कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 116.14 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 85,408.70 पर बंद हुआ, तो वहीं निफ्टी 35.05 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 26,142.10 पर बंद हुआ।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी 26,100 से 26,130 के सपोर्ट लेवल के आसपास बना रहा, जहां कुछ खरीदारी देखने को मिली, लेकिन बाजार में मजबूत तेजी नहीं आ पाई। जब तक निफ्टी 26,200 के ऊपर मजबूती से नहीं टिकता, तब तक बाजार में सतर्कता बनी रह सकती है।

बीएसई पर ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट और मारुति सुजुकी के शेयरों में बढ़त देखने को मिली, जबकि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल, सन फार्मा और एशियन पेंट्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

एनएसई पर ट्रेंट, श्रीराम फाइनेंस और अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों में अच्छी तेजी रही, जबकि इंडिगो और डॉ. रेड्डीज लैब्स के शेयर नुकसान में रहे।

कुल मिलाकर, बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.28 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.60 प्रतिशत गिरा।

सेक्टर के हिसाब से देखें, तो निफ्टी ऑयल एंड गैस सबसे कमजोर रहा, जिसमें 0.76 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद मेटल और फार्मा सेक्टर भी गिरावट के साथ बंद हुए। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 0.44 प्रतिशत की बढ़त रही और रियल्टी तथा मेटल सेक्टर भी हल्की मजबूती के साथ बंद हुए।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, छुट्टी से पहले निवेशक फिलहाल बाजार से दूर रहना पसंद कर रहे हैं, जिससे बाजार सीमित दायरे में बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी बाजार की चाल धीमी रह सकती है, हालांकि निवेशक वैश्विक व्यापार से जुड़ी खबरों पर नजर बनाए रखेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि भारतीय शेयर बाजार में हाल की उतार-चढ़ाव का असर केवल निवेशकों पर नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिरता पर भी पड़ता है। छुट्टियों से पहले की यह स्थिति निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत देती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?
तेल, गैस, फार्मा और आईटी सेक्टर में बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना।
क्या आने वाले दिनों में बाजार में सुधार की संभावना है?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक निफ्टी 26,200 के ऊपर मजबूती से नहीं टिकता, तब तक सतर्कता बनी रह सकती है।
निवेशकों को इस समय क्या करना चाहिए?
निवेशकों को वर्तमान में सतर्क रहना चाहिए और वैश्विक व्यापार पर नज़र रखनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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