राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा के 20 किमी दायरे में रहने वालों के लिए रियायती लोकल पास, 1 नवंबर से लागू
सारांश
मुख्य बातें
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में निवास करने वाले पात्र गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों के लिए 'रियायती लोकल पास' की घोषणा की। यह सुविधा 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी और इसका लाभ उठाने के लिए वाहन मालिक के पास वैध एवं सक्रिय फास्टैग होना अनिवार्य है।
रियायती लोकल पास की दर संरचना
मंत्रालय के अनुसार, नगरपालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा के बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए वार्षिक शुल्क ₹1,500 निर्धारित किया गया है। वहीं, नगरीय सीमाओं के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए यह शुल्क ₹3,000 वार्षिक रखा गया है।
यह पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा जिसके लिए इसे जारी किया गया है — किसी अन्य टोल प्लाजा पर इसका उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। पात्र वाहन मालिक मौजूदा मासिक पास और नए रियायती लोकल पास में से अपनी सुविधा के अनुसार एक विकल्प चुन सकते हैं।
कहाँ लागू नहीं होगा यह पास
आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि 'रियायती लोकल पास' उन राष्ट्रीय राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर उपलब्ध नहीं होगा जहाँ टोल शुल्क की वसूली क्लोज्ड यूजर-फी कलेक्शन सिस्टम के आधार पर की जाती है। इसके अतिरिक्त, जिन स्थानों पर यात्रियों के लिए सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है, वहाँ भी यह पास जारी नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और संग्रह) (पाँचवाँ संशोधन) नियम, 2026 के माध्यम से अधिसूचित किया गया है। केंद्र सरकार प्रतिवर्ष इन शुल्क दरों में संशोधन करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।
पास कैसे प्राप्त करें
वार्षिक रियायती लोकल पास 1 नवंबर 2026 से पात्र टोल प्लाजा पर सीधे उपलब्ध होगा। इसके अलावा, वाहन मालिक इसे राजमार्ग यात्रा ऐप के माध्यम से भी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।
फास्टैग वार्षिक पास: एक करोड़ का आँकड़ा पार
यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब 15 अगस्त 2025 को शुरू किए गए फास्टैग वार्षिक पास ने हाल ही में 1 करोड़ का महत्वपूर्ण आँकड़ा पार किया है। यह पास देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर स्थित लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर मान्य है।
फास्टैग वार्षिक पास के लिए एकमुश्त ₹3,075 का भुगतान करना होता है और यह एक वर्ष अथवा 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग तक — जो भी पहले हो — वैध रहता है। इस व्यवस्था से वाहन मालिकों को बार-बार फास्टैग रिचार्ज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजमार्गों से सटे शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रतिदिन टोल भुगतान के बोझ की शिकायत करते रहे हैं। नई व्यवस्था स्थानीय निवासियों को किफायती आवागमन का विकल्प देती है और डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना का क्रियान्वयन सुचारू रहा, तो टोल प्लाजा पर होने वाले विवादों और भीड़ में भी कमी आ सकती है।