रक्षा क्षेत्र में एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए दो दिवसीय कार्यशाला, 11-12 जून को दिल्ली कैंट के मानेकशॉ सेंटर में
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्रालय ने 11 और 12 जून 2026 को नई दिल्ली के दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) तथा स्टार्टअप्स के लिए एक विशेष दो दिवसीय कार्यशाला के आयोजन की घोषणा की है। कार्यशाला का केंद्रीय विषय 'रक्षा खरीद, इनोवेशंस फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडीईएक्स), टेक्नोलॉजी पर्सपेक्टिव कैपेबिलिटी रोडमैप (टीपीसीआर) और परीक्षण प्रक्रियाएं' है। यह जानकारी 10 जून 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में साझा की गई।
आयोजन का उद्देश्य और संयोजक संस्थाएं
इस कार्यक्रम का संयुक्त आयोजन इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय (एचक्यू आईडीएस) के स्वदेशीकरण निदेशालय और सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज (सेनजोज) द्वारा किया जा रहा है। बयान के अनुसार, इसका प्राथमिक उद्देश्य रक्षा उद्योग में एमएसएमई और स्टार्टअप्स की भागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें रक्षा अधिग्रहण की जटिल प्रक्रियाओं से परिचित कराना है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को तेज़ गति से आगे बढ़ा रही है।
उद्घाटन सत्र और वरिष्ठ अधिकारी
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (पॉलिसी प्लानिंग एंड फोर्स डेवलपमेंट) एयर मार्शल प्रवीण केशव वोहरा और सेनजोज के महानिदेशक मेजर जनरल (डॉ.) अशोक कुमार (सेवानिवृत्त) संबोधित करेंगे। विभिन्न सत्रों में एचक्यू आईडीएस, सेना के मुख्यालयों, गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (डीजीक्यूए), आईडीईएक्स-डीआईओ और अन्य संबंधित संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ प्रतिभागियों से सीधे संवाद करेंगे।
पहले और दूसरे दिन के सत्रों की रूपरेखा
कार्यशाला के पहले दिन रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया, विभिन्न खरीद श्रेणियां, राजस्व खरीद मानदंड, स्वदेशीकरण सुधार, सृजन पोर्टल, आयात प्रतिस्थापन मैपिंग और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।
दूसरे दिन आईडीईएक्स पहल, प्रोटोटाइप विकास, परीक्षण एवं मूल्यांकन प्रक्रियाएं, प्रमाणन प्रणाली, यूजर ट्रायल, पर्यावरणीय परीक्षण, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की भूमिका तथा तकनीकी तैयारी स्तर पर विशेष सत्र होंगे। इसके अतिरिक्त, टीपीसीआर पर एक समर्पित सत्र और वेंचर कैपिटल निवेशकों के साथ पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी।
उद्योग जगत के लिए व्यावहारिक अवसर
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कार्यशाला उद्योग जगत के सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान पर केंद्रित रहेगी। प्रतिभागियों को प्रश्नोत्तर सत्रों और इंटरैक्टिव चर्चाओं के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करने का अवसर मिलेगा। गौरतलब है कि वेंचर कैपिटल निवेशकों के साथ पैनल चर्चा स्टार्टअप्स को निवेश और विकास के नए रास्ते तलाशने में मदद करेगी।
मंत्रालय का कहना है कि यह पहल रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने, स्वदेशी तकनीकों को प्रोत्साहित करने और भारतीय उद्योग तथा सशस्त्र बलों के बीच सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में ऐसे आयोजनों की निरंतरता रक्षा क्षेत्र में निजी उद्यमों की भूमिका को और विस्तार दे सकती है।