28 अक्टूबर 2026
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भारत की बायोइकोनॉमी 12 वर्षों में 19 गुना बढ़ी: जितेंद्र सिंह का ESTIC में बड़ा दावा

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भारत की बायोइकोनॉमी 12 वर्षों में 19 गुना बढ़ी: जितेंद्र सिंह का ESTIC में बड़ा दावा

सारांश

भारत की बायोइकोनॉमी 12 साल में $10 अरब से $195 अरब — यानी 19 गुना की छलांग। ESTIC 2026 के मंच से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का यह दावा विज्ञान-आधारित आत्मनिर्भरता की कहानी बताता है, जिसमें स्वदेशी रिसर्च शिप, फास्ट ब्रीडर रिएक्टर और निजी क्षेत्र के लिए खुले अंतरिक्ष व परमाणु द्वार शामिल हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को ESTIC 2026 के दौरान कहा कि भारत की बायोइकोनॉमी 12 वर्षों में लगभग 19 गुना बढ़ी।
बायोइकोनॉमी 2014 में $10 अरब थी, जो अब $195 अरब हो गई है; स्पेस इकोनॉमी लगभग शून्य से $9 अरब तक पहुँची।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की पहली स्वदेशी रिसर्च शिप कोलकाता बंदरगाह से लॉन्च की गई।
परमाणु क्षेत्र में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई।
ESTIC 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया; यह तीन दिवसीय कार्यक्रम का दूसरा संस्करण है।
सरकार अंतरिक्ष और परमाणु क्षेत्र को निजी उद्यमों के लिए खोलने को इस वृद्धि का प्रमुख कारण मानती है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को कहा कि मोदी सरकार के विज्ञान-केंद्रित दृष्टिकोण से देश में स्थानीय उत्पादन को मज़बूत आधार मिला है और भारत की बायोइकोनॉमी बीते 12 वर्षों में लगभग 19 गुना बढ़ चुकी है। नई दिल्ली में आयोजित इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह जानकारी दी।

बायोइकोनॉमी और स्पेस इकोनॉमी में ऐतिहासिक उछाल

सिंह के अनुसार, 2014 में भारत की बायोइकोनॉमी मात्र 10 अरब डॉलर थी, जो अब बढ़कर 195 अरब डॉलर हो गई है। इसी अवधि में देश की स्पेस इकोनॉमी भी लगभग शून्य से बढ़कर 9 अरब डॉलर तक पहुँच गई है। उन्होंने दावा किया कि ये नतीजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसे साहसी निर्णयों की देन हैं, जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की गई थी — विशेषकर परमाणु और अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी उद्यमों के लिए खोलना।

स्वदेशी उपलब्धियाँ: रिसर्च शिप से फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तक

मंत्री ने बताया कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने अपनी पहली स्वदेशी रिसर्च शिप तैयार की है, जिसे कोलकाता बंदरगाह से लॉन्च किया गया है। इसके अलावा, परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि सरकार के विज्ञान-केंद्रित फोकस के कारण अब कई ऐसे उपकरण देश में ही निर्मित हो रहे हैं, जो पहले आयात किए जाते थे।

ESTIC 2026: उद्देश्य और महत्त्व

सिंह ने बताया कि ESTIC का दूसरा संस्करण इस वर्ष तीन दिनों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इस कार्यक्रम में विशेष जोर एकेडमिक क्षेत्र पर है और देश-विदेश से विशेषज्ञ भाग लेते हैं। गौरतलब है कि पहले इस प्रकार की छोटी-छोटी कॉन्फ्रेंसें अलग-अलग आयोजित होती थीं, जिन्हें अब मंत्रालय ने दो बड़े आयोजनों में समेकित किया है।

स्टार्टअप और बाज़ार को जोड़ने की कोशिश

ESTIC के माध्यम से सरकार यह भी समझने की कोशिश कर रही है कि कौन-सा स्टार्टअप किस दिशा में काम कर रहा है और उन्हें बाज़ार में किस बिंदु पर सहायता की आवश्यकता है। सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम से विकसित भारत के लक्ष्यों को हासिल करने की गति में तेज़ी आएगी। उनके अनुसार, बीते 70 वर्षों में जितना कार्य हुआ, उससे अधिक पीएम मोदी के 10 वर्षों के कार्यकाल में हो चुका है — हालाँकि आलोचक इस दावे को तथ्यों से परखने की माँग करते हैं।

आगे की राह

ESTIC जैसे मंचों के ज़रिए भारत सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को एक साझे ढाँचे में पिरोने की कोशिश कर रही है। स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं के बीच यह सेतु भविष्य में औद्योगिक आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी पड़ताल ज़रूरी है — यह वृद्धि किस हद तक सरकारी नीति का परिणाम है और किस हद तक वैश्विक बायोटेक उछाल का? स्पेस इकोनॉमी के आँकड़े उत्साहजनक हैं, पर निजी क्षेत्र की भागीदारी अभी भी प्रारंभिक चरण में है। सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न यह है कि इस 'विज्ञान फोकस' का लाभ ज़मीनी स्तर पर किसान, कारीगर और छोटे उद्यमी तक कितनी गहराई से पहुँचा है। ESTIC जैसे कार्यक्रम सही दिशा में कदम हैं, लेकिन जब तक स्टार्टअप-से-बाज़ार का पाइपलाइन व्यवस्थित नहीं होता, बड़े आँकड़े केवल नीति-विमर्श तक सीमित रह सकते हैं।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की बायोइकोनॉमी 19 गुना कैसे बढ़ी?
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, 2014 में $10 अरब की बायोइकोनॉमी अब $195 अरब हो गई है — यह वृद्धि मोदी सरकार के विज्ञान-केंद्रित नीतिगत फोकस, परमाणु व अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी उद्यमों के लिए खोलने और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के कारण बताई जाती है।
ESTIC 2026 क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
ESTIC यानी इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव एक राष्ट्रीय स्तर का तीन दिवसीय कार्यक्रम है, जिसका दूसरा संस्करण नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इसका मुख्य उद्देश्य एकेडमिक विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स और सरकारी नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाना है।
भारत की स्वदेशी रिसर्च शिप के बारे में क्या जानकारी है?
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने भारत की पहली स्वदेशी रिसर्च शिप का निर्माण किया है, जिसे कोलकाता बंदरगाह से लॉन्च किया गया है। यह देश की समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमता में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत की स्पेस इकोनॉमी कितनी बड़ी हो गई है?
जितेंद्र सिंह के अनुसार, भारत की स्पेस इकोनॉमी 2014 में लगभग शून्य थी और अब बढ़कर $9 अरब हो गई है। अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलना इस वृद्धि का प्रमुख कारण बताया जाता है।
ESTIC 2026 में स्टार्टअप्स को क्या फायदा मिलेगा?
इस कार्यक्रम के ज़रिए सरकार यह जानने की कोशिश करती है कि कौन-सा स्टार्टअप किस क्षेत्र में काम कर रहा है और उन्हें बाज़ार में किस स्तर पर सहायता की ज़रूरत है। इससे शोध से व्यावसायिक उत्पाद तक की यात्रा को आसान बनाने का लक्ष्य है।
राष्ट्र प्रेस
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