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भारत-EU FTA से यूरोपियन टेक्नोलॉजी होगी सस्ती, नए अवसरों का होगा सृजन: गॉटफ्राइड वॉन गेमिंगेन

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भारत-EU FTA से यूरोपियन टेक्नोलॉजी होगी सस्ती, नए अवसरों का होगा सृजन: गॉटफ्राइड वॉन गेमिंगेन

सारांश

भारत में जर्मन दूतावास ने तीन बड़े संदेश दिए — भारत-EU FTA से यूरोपियन तकनीक सस्ती होगी, जर्मनी-भारत पनडुब्बी सौदे को जर्मन मंजूरी मिल चुकी है, और रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने की जिम्मेदारी पुतिन पर है। वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत-जर्मनी संबंधों की गहराती धुरी स्पष्ट है।

मुख्य बातें

गॉटफ्राइड वॉन गेमिंगेन ने कहा, भारत-EU FTA से दोनों पक्ष मजबूत होंगे और यूरोपियन तकनीक भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सस्ती होगी।
EU को भारत का अहम साझेदार बताया गया, क्योंकि दोनों नियम-आधारित व्यवस्था में भरोसा रखते हैं।
जर्मन राजदूत जैस्पर विक ने कहा, भारत-जर्मनी पनडुब्बी सौदे को दस्तावेज़ स्तर पर अंतिम रूप मिल चुका है; अब भारत की आंतरिक प्रक्रिया बाकी है।
अमेरिका ने अब तक भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर कोई टैरिफ या प्रतिबंध नहीं लगाया है।
राजदूत विक ने कहा, रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने की जिम्मेदारी पुतिन पर है; यूक्रेन युद्धविराम के लिए तैयार है।

भारत में जर्मन दूतावास के आर्थिक सहयोग एवं विकास विभाग के प्रमुख गॉटफ्राइड वॉन गेमिंगेन ने 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत-यूरोपियन यूनियन (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से दोनों पक्ष और अधिक सशक्त होंगे तथा बड़े पैमाने पर नए व्यापारिक एवं औद्योगिक अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते के लागू होने के बाद यूरोपियन और जर्मन तकनीक का उपयोग भारतीय उपभोक्ताओं के लिए काफी किफायती हो जाएगा।

भारत-EU संबंध और वैश्विक अस्थिरता

वैश्विक अनिश्चितता के मौजूदा दौर पर टिप्पणी करते हुए गेमिंगेन ने कहा कि हाल के वर्षों में EU भारत का एक महत्त्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनकर उभरा है। उन्होंने इसका कारण यह बताया कि दोनों पक्ष नियम-आधारित व्यवस्था में विश्वास रखते हैं और परस्पर विश्वास की नींव पर संबंध आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, FTA इसी साझेदारी को संस्थागत रूप देने का एक ऐतिहासिक अवसर है।

तकनीक और जल-प्रबंधन में सहयोग की संभावना

गेमिंगेन ने यह भी रेखांकित किया कि उन्नत यूरोपियन तकनीक नदी जल-प्रबंधन की बेहतर प्रणालियाँ विकसित करने में सहायक हो सकती है — चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र हों या शहरी इलाके। यह संकेत भारत के जल संकट से जूझते कई राज्यों के संदर्भ में उल्लेखनीय है।

रूसी तेल और अमेरिकी टैरिफ का खतरा

रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर संभावित अमेरिकी टैरिफ के प्रश्न पर भारत में जर्मनी के राजदूत जैस्पर विक ने स्पष्ट किया कि अभी तक अमेरिका ने भारत पर कोई टैरिफ या प्रतिबंध नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रपति को अपने विवेकानुसार प्रतिबंध लगाने का अधिकार दिया है, परंतु अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

भारत-जर्मनी पनडुब्बी सौदा

भारत-जर्मनी पनडुब्बी (सबमरीन) डील पर राजदूत विक ने कहा कि दस्तावेज़ स्तर पर इस सौदे को पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है और जर्मन पक्ष अपनी सहमति दे चुका है। अब भारतीय पक्ष पर अपनी आंतरिक प्रक्रियाएँ पूर्ण कर समझौते को अंजाम देने की ज़िम्मेदारी है। यह सौदा भारत की बढ़ती नौसैनिक क्षमताओं के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है।

रूस-यूक्रेन संघर्ष पर जर्मन रुख

रूस-यूक्रेन युद्ध पर बात करते हुए राजदूत विक ने कहा कि इस संघर्ष को रोकने की प्राथमिक जिम्मेदारी रूस की है। उन्होंने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चाहें तो किसी भी समय इस युद्ध को समाप्त कर सकते हैं। विक के अनुसार, यूक्रेन युद्धविराम समझौते के लिए तैयार है, लेकिन रूस ने अब तक इस पर सहमति नहीं जताई है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर युद्धविराम वार्ताओं को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि रक्षा सहयोग परंपरागत रूप से भारत-जर्मनी संबंधों का कमज़ोर पक्ष रहा है। हालाँकि, FTA के वास्तविक लाभ तब तक अनिश्चित हैं जब तक दोनों पक्ष कृषि, बौद्धिक संपदा और डेटा-स्थानीयकरण जैसे विवादास्पद मुद्दों पर सहमति नहीं बना लेते, जो पिछले दो दशकों से वार्ताओं को अटकाते आए हैं।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-EU FTA से भारतीय उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
जर्मन दूतावास के अनुसार, FTA लागू होने के बाद यूरोपियन और जर्मन तकनीक का उपयोग भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सस्ता हो जाएगा और बड़ी संख्या में नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे। यह समझौता दोनों पक्षों को और अधिक सशक्त बनाएगा।
भारत-जर्मनी पनडुब्बी सौदे की वर्तमान स्थिति क्या है?
भारत में जर्मनी के राजदूत जैस्पर विक के अनुसार, दस्तावेज़ स्तर पर सौदे को अंतिम रूप दिया जा चुका है और जर्मन पक्ष सहमत हो गया है। अब भारतीय पक्ष को अपनी आंतरिक प्रक्रियाएँ पूरी कर इसे अंजाम देना है।
क्या अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर भारत पर कोई टैरिफ लगाया है?
राजदूत जैस्पर विक ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने अब तक भारत पर इस संबंध में कोई टैरिफ या प्रतिबंध नहीं लगाया है। अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रपति को अपने विवेकानुसार प्रतिबंध लगाने का अधिकार दिया है, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर जर्मनी का क्या रुख है?
राजदूत विक के अनुसार, इस संघर्ष को रोकने की जिम्मेदारी रूस की है और राष्ट्रपति पुतिन किसी भी समय युद्ध समाप्त कर सकते हैं। यूक्रेन युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन रूस ने अब तक सहमति नहीं जताई है।
भारत-EU साझेदारी वैश्विक अस्थिरता के बीच क्यों अहम है?
गॉटफ्राइड वॉन गेमिंगेन के अनुसार, EU और भारत दोनों नियम-आधारित व्यवस्था में विश्वास रखते हैं और परस्पर भरोसे की नींव पर संबंध आगे बढ़ा रहे हैं। इसी कारण वैश्विक उथल-पुथल के दौर में EU भारत के लिए एक विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार बनकर उभरा है।
राष्ट्र प्रेस
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