भारत-EU FTA से यूरोपियन टेक्नोलॉजी होगी सस्ती, नए अवसरों का होगा सृजन: गॉटफ्राइड वॉन गेमिंगेन
सारांश
मुख्य बातें
भारत में जर्मन दूतावास के आर्थिक सहयोग एवं विकास विभाग के प्रमुख गॉटफ्राइड वॉन गेमिंगेन ने 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारत-यूरोपियन यूनियन (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से दोनों पक्ष और अधिक सशक्त होंगे तथा बड़े पैमाने पर नए व्यापारिक एवं औद्योगिक अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते के लागू होने के बाद यूरोपियन और जर्मन तकनीक का उपयोग भारतीय उपभोक्ताओं के लिए काफी किफायती हो जाएगा।
भारत-EU संबंध और वैश्विक अस्थिरता
वैश्विक अनिश्चितता के मौजूदा दौर पर टिप्पणी करते हुए गेमिंगेन ने कहा कि हाल के वर्षों में EU भारत का एक महत्त्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनकर उभरा है। उन्होंने इसका कारण यह बताया कि दोनों पक्ष नियम-आधारित व्यवस्था में विश्वास रखते हैं और परस्पर विश्वास की नींव पर संबंध आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, FTA इसी साझेदारी को संस्थागत रूप देने का एक ऐतिहासिक अवसर है।
तकनीक और जल-प्रबंधन में सहयोग की संभावना
गेमिंगेन ने यह भी रेखांकित किया कि उन्नत यूरोपियन तकनीक नदी जल-प्रबंधन की बेहतर प्रणालियाँ विकसित करने में सहायक हो सकती है — चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र हों या शहरी इलाके। यह संकेत भारत के जल संकट से जूझते कई राज्यों के संदर्भ में उल्लेखनीय है।
रूसी तेल और अमेरिकी टैरिफ का खतरा
रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर संभावित अमेरिकी टैरिफ के प्रश्न पर भारत में जर्मनी के राजदूत जैस्पर विक ने स्पष्ट किया कि अभी तक अमेरिका ने भारत पर कोई टैरिफ या प्रतिबंध नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रपति को अपने विवेकानुसार प्रतिबंध लगाने का अधिकार दिया है, परंतु अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
भारत-जर्मनी पनडुब्बी सौदा
भारत-जर्मनी पनडुब्बी (सबमरीन) डील पर राजदूत विक ने कहा कि दस्तावेज़ स्तर पर इस सौदे को पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है और जर्मन पक्ष अपनी सहमति दे चुका है। अब भारतीय पक्ष पर अपनी आंतरिक प्रक्रियाएँ पूर्ण कर समझौते को अंजाम देने की ज़िम्मेदारी है। यह सौदा भारत की बढ़ती नौसैनिक क्षमताओं के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है।
रूस-यूक्रेन संघर्ष पर जर्मन रुख
रूस-यूक्रेन युद्ध पर बात करते हुए राजदूत विक ने कहा कि इस संघर्ष को रोकने की प्राथमिक जिम्मेदारी रूस की है। उन्होंने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चाहें तो किसी भी समय इस युद्ध को समाप्त कर सकते हैं। विक के अनुसार, यूक्रेन युद्धविराम समझौते के लिए तैयार है, लेकिन रूस ने अब तक इस पर सहमति नहीं जताई है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर युद्धविराम वार्ताओं को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज़ हो रही है।