भारत-EU FTA वार्ता: ब्रुसेल्स में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल की उच्च-स्तरीय बैठकें, बाज़ार पहुँच और व्यापार सुगमता पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने 2 नवंबर 2026 को ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें कीं, जिनमें मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत भारत-EU व्यापार एवं निवेश संबंधों को विस्तार देने, बाज़ार पहुँच बेहतर बनाने, सप्लाई चेन को अधिक लचीला बनाने और व्यापार सुगमता बढ़ाने पर केंद्रित चर्चा हुई। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, ये बैठकें दोनों पक्षों की व्यापक आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
किनसे हुई बैठकें
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने व्यापार और आर्थिक सुरक्षा महानिदेशालय (DG Trade) की महानिदेशक डिटे जूल जोर्गेनसन, अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी महानिदेशालय (DG INTPA) के महानिदेशक कोएन डोएन्स, और कराधान एवं सीमा शुल्क संघ महानिदेशालय (DG TAXUD) के महानिदेशक गेरासिमोस थॉमस के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों ने व्यापार, निवेश, विकास सहयोग, कराधान और सीमा शुल्क जैसे विविध क्षेत्रों में भारत-EU सहयोग के बढ़ते दायरे को रेखांकित किया।
एफटीए और बाज़ार पहुँच पर मुख्य चर्चा
डिटे जूल जोर्गेनसन के साथ हुई बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाने, बाज़ार पहुँच बढ़ाने और व्यवसायों के लिए नए अवसर सृजित करने पर विचार-विमर्श किया। दोनों ने एक निष्पक्ष, संतुलित और परस्पर लाभकारी FTA की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई तथा शेष प्रक्रियागत और क्रियान्वयन संबंधी मुद्दों पर करीबी संवाद जारी रखने पर सहमति जताई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और EU दोनों ही वैश्विक व्यापार पुनर्संरेखण के बीच अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं।
विकास सहयोग और हरित प्रौद्योगिकी
कोएन डोएन्स के साथ बातचीत में भारत-EU विकास सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और संबंधित क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। गेरासिमोस थॉमस के साथ बैठक का मुख्य फोकस सीमा शुल्क सहयोग, व्यापार सुविधा और भारत-EU FTA के क्रियान्वयन की तैयारियों पर रहा। दोनों पक्षों ने माना कि पारदर्शी, कुशल और डिजिटल रूप से सक्षम सीमा शुल्क प्रक्रियाएँ व्यापार लागत कम करने और वैध व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
हीरा उद्योग और एंटवर्प में चर्चा
ब्रुसेल्स दौरे के दौरान राजेश अग्रवाल ने एंटवर्प के हीरा उद्योग के प्रतिनिधियों और अन्य उद्योग हितधारकों से भी मुलाकात की। चर्चाओं में वैश्विक डायमंड वैल्यू चेन, प्रमाणन और ट्रेसेबिलिटी मानकों, ज़िम्मेदार सोर्सिंग तथा भारत के बढ़ते हीरा बाज़ार और विनिर्माण क्षमता से उभर रहे अवसरों पर विचार किया गया। गौरतलब है कि एंटवर्प, मुंबई और सूरत को वैश्विक हीरा व्यापार और प्रसंस्करण के प्रमुख केंद्रों के रूप में मान्यता प्राप्त है, और भारत व बेल्जियम ने रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र माना है।
यूरोपीय उद्योग जगत को निवेश का निमंत्रण
वाणिज्य सचिव ने बिजनेसयूरोप द्वारा आयोजित एक राउंडटेबल बैठक में भी भाग लिया, जिसमें यूरोपीय उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। उन्होंने भारत की मज़बूत आर्थिक वृद्धि, सुधारों की गति और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों पर प्रकाश डाला। साथ ही यूरोपीय कंपनियों को भारत की विस्तारित वैल्यू चेन और विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। आने वाले हफ्तों में FTA वार्ता की अगली दौर की तारीखों की घोषणा अपेक्षित है।