गौतम अदाणी ने परिवार संग महुडी जैन मंदिर में टेका माथा, पर्यूषण से पहले की आस्था की यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को गुजरात के गांधीनगर जिले में स्थित श्वेतांबर जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल महुडी जैन मंदिर में दर्शन किए। उनके साथ पत्नी प्रीति अदाणी, बड़े बेटे करण अदाणी और पुत्र-वधू परिधि अदाणी भी मौजूद थीं। यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब जैन समुदाय 8 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले पर्यूषण महापर्व की तैयारियों में जुटा है।
मंदिर का महत्व और आस्था का संदर्भ
ऐतिहासिक रूप से मधुपुरी के नाम से जाना जाने वाला महुडी, श्वेतांबर जैन परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ है। इस तीर्थ में सभी 24 जैन तीर्थंकरों के मंदिर हैं, साथ ही श्री घंटाकर्ण महावीर का एक पृथक मंदिर भी स्थित है। घंटाकर्ण महावीर को जैन धर्म के रक्षक और संरक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है — तीर्थंकरों के विपरीत, भक्त मुश्किल समय में शक्ति और बाधाओं से मुक्ति के लिए उनकी शरण में आते हैं।
गौतम अदाणी की 'सेवा' की अवधारणा
सूत्रों के अनुसार, गौतम अदाणी के लिए इस तीर्थयात्रा का 'सेवा' यानी निस्वार्थ सेवा से गहरा व्यक्तिगत जुड़ाव है। उनकी विचारधारा 'सेवा ही साधना है' — अर्थात निस्वार्थ सेवा ही पूजा का सर्वोच्च रूप है — उनके सामाजिक योगदान और समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दिशा देती रही है।
डीओजे मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह दौरा अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) की उन कानूनी कार्यवाहियों के कुछ दिनों बाद हुआ, जिनमें गौतम अदाणी, उनके भतीजे व अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी और अन्य लोग शामिल थे। यह मामला 10 अगस्त 2026 को स्थायी रूप से खारिज कर दिया गया था।
पर्यूषण महापर्व: क्या है यह त्योहार
पर्यूषण महापर्व 8 से 15 सितंबर 2026 तक मनाया जाएगा और यह श्वेतांबर जैन परंपरा के सबसे पवित्र पर्वों में से एक है। प्रार्थना, उपवास, आत्म-अनुशासन और आत्म-चिंतन के इस पर्व का समापन 15 सितंबर को 'संवत्सरी' — क्षमा-याचना के पर्व — के साथ होता है। इस दिन जैन अनुयायी समस्त जीवों से क्षमा माँगते हैं, दूसरों को क्षमा करते हैं और पुरानी शिकायतों को भुला देते हैं। अदाणी परिवार की यह यात्रा उसी आध्यात्मिक तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है।