13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सोना 1.74% और चांदी 2.62% टूटी: कच्चे तेल में 3% उछाल और अमेरिका-ईरान तनाव से कीमती धातुओं पर दबाव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सोना 1.74% और चांदी 2.62% टूटी: कच्चे तेल में 3% उछाल और अमेरिका-ईरान तनाव से कीमती धातुओं पर दबाव

सारांश

अमेरिका-ईरान सैन्य टकराव और कच्चे तेल में 3% से अधिक की उछाल ने गुरुवार को सोने को 1.74% और चांदी को 2.62% नीचे धकेल दिया। ब्याज दर कटौती की उम्मीदें कम होने और डॉलर की मज़बूती ने कीमती धातुओं की चमक फीकी कर दी।

मुख्य बातें

अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाज़ार में सोना 1.74% गिरकर 4,379 डॉलर प्रति औंस पर आया; कॉमेक्स जून फ्यूचर्स 1.62% टूटकर 4,376 डॉलर पर।
चांदी हाजिर में 2.22% और कॉमेक्स जुलाई 2026 फ्यूचर्स में 2.62% की गिरावट के साथ 72.93 डॉलर प्रति औंस पर।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कथित हमले के बाद कच्चे तेल में 3 प्रतिशत से अधिक की तेज़ी।
सोना संघर्ष शुरू होने के समय के स्तर से 15 प्रतिशत से अधिक नीचे कारोबार कर रहा है।
भारतीय बाज़ार बकरीद ईद की छुट्टी के कारण 28 मई को बंद रहे।

अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार, 28 मई को तीखी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बाद कच्चे तेल में 3 प्रतिशत से अधिक की तेज़ी आने और वैश्विक अनिश्चितता गहराने से निवेशकों ने कीमती धातुओं से दूरी बना ली। भारतीय बाज़ार बकरीद ईद की सार्वजनिक छुट्टी के चलते बंद रहे।

सोने और चांदी की ताज़ा कीमतें

दोपहर 12 बजे अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाज़ार में सोने का भाव 1.74 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 4,379 डॉलर प्रति औंस पर था। कॉमेक्स पर जून फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत गिरकर 4,376 डॉलर पर आ गया।

सोने की तुलना में चांदी में गिरावट और अधिक रही। हाजिर बाज़ार में चांदी 2.22 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 72.92 डॉलर प्रति औंस पर थी, जबकि कॉमेक्स पर जुलाई 2026 का फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 2.62 प्रतिशत टूटकर 72.93 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

अमेरिका-ईरान तनाव: गिरावट की असली वजह

कमोडिटी बाज़ार के जानकारों के अनुसार, अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता को लेकर जारी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क बना दिया, जिससे सोने पर दबाव बना। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कथित तौर पर वाशिंगटन की सैन्य कार्रवाई के जवाब में एक अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई।

गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच प्रमुख विवाद के मुद्दों में ईरान का होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखने और अपने परमाणु कार्यक्रम को संरक्षित रखने की माँग शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वाशिंगटन इन दोनों माँगों को स्वीकार नहीं करेगा।

ब्याज दर कटौती की उम्मीदें धुंधली

जानकारों के मुताबिक, 'ऊर्जा की बढ़ती कीमतें वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति की चिंताओं को बढ़ा रही हैं, जिससे प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो रही हैं।' लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की आशंका सोने की कीमतों पर सीधा दबाव डालती है, क्योंकि इससे गैर-ब्याज वाली परिसंपत्तियों की आकर्षण क्षमता घटती है।

यह ऐसे समय में आया है जब सोना वर्तमान में संघर्ष शुरू होने के समय के स्तर से 15 प्रतिशत से अधिक नीचे कारोबार कर रहा है — जो दर्शाता है कि भू-राजनीतिक जोखिम के बावजूद डॉलर की मज़बूती और दर-नीति की अनिश्चितता का असर भारी पड़ रहा है।

आगे क्या होगा

विशेषज्ञों के अनुसार, भू-राजनीतिक अनिश्चितता, तेल की ऊंची कीमतें और डॉलर की मज़बूती के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। भारतीय बाज़ार के शुक्रवार को खुलने पर घरेलू सोने-चांदी के भावों पर इन वैश्विक संकेतों का असर दिखने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार कच्चे तेल की तेज़ी से उपजी मुद्रास्फीति की आशंका और ब्याज दर कटौती की उम्मीदों के कमज़ोर पड़ने ने उस धारणा को पलट दिया। डॉलर की मज़बूती और 'हायर-फॉर-लॉन्गर' ब्याज दर परिदृश्य ने सोने की चमक को उस भू-राजनीतिक प्रीमियम से अधिक काट दिया जो अमेरिका-ईरान संघर्ष से मिलनी चाहिए थी। यह संकेत देता है कि वैश्विक बाज़ार अब युद्ध-जोखिम से अधिक केंद्रीय बैंकों की नीतिगत दिशा को तरजीह दे रहे हैं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

28 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतें क्यों गिरीं?
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बाद कच्चे तेल में 3 प्रतिशत से अधिक की तेज़ी आई, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ीं और ब्याज दर कटौती की उम्मीदें कमज़ोर हुईं। इस माहौल में निवेशकों ने सोने-चांदी से दूरी बनाई, जिससे सोना 1.74% और चांदी 2.62% तक टूट गई।
आज अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने का भाव क्या है?
28 मई को दोपहर 12 बजे अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाज़ार में सोना 4,379 डॉलर प्रति औंस पर था, जबकि कॉमेक्स जून फ्यूचर्स 4,376 डॉलर पर कारोबार कर रहा था।
भारत में आज सोने-चांदी के बाज़ार क्यों बंद हैं?
28 मई 2026 को बकरीद ईद की सार्वजनिक छुट्टी होने के कारण भारतीय कमोडिटी बाज़ार बंद रहे। घरेलू बाज़ार के खुलने पर वैश्विक गिरावट का असर सोने-चांदी के घरेलू भावों पर दिखने की संभावना है।
अमेरिका-ईरान तनाव का कमोडिटी बाज़ार पर क्या असर है?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा कथित तौर पर एक अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाने के दावे के बाद कच्चे तेल में 3% से अधिक की उछाल आई। इससे आपूर्ति व्यवधान और मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ीं, जिसने सोने-चांदी पर नकारात्मक असर डाला।
क्या निकट भविष्य में सोने-चांदी की कीमतों में और गिरावट आ सकती है?
कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार भू-राजनीतिक अनिश्चितता, तेल की ऊंची कीमतें और डॉलर की मज़बूती के कारण कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। सोना फिलहाल संघर्ष शुरू होने के समय के स्तर से 15 प्रतिशत से अधिक नीचे कारोबार कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले