25 अगस्त 2026
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कच्ची चीनी आयात नियमों में बदलाव: DGFT ने दी 2 महीने की प्रसंस्करण छूट, 31 अक्टूबर की समयसीमा हटी

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कच्ची चीनी आयात नियमों में बदलाव: DGFT ने दी 2 महीने की प्रसंस्करण छूट, 31 अक्टूबर की समयसीमा हटी

सारांश

सरकार ने कच्ची चीनी के TRQ आयात में 31 अक्टूबर की समयसीमा हटाकर बिल ऑफ एंट्री से 2 महीने की लचीली व्यवस्था लागू की है। यह बदलाव त्योहारी सीजन से पहले चीनी की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को काबू में रखने की कोशिश का हिस्सा है।

मुख्य बातें

DGFT ने 25 अगस्त 2026 को कच्ची चीनी के TRQ आयात नियमों में संशोधन अधिसूचित किया।
पूर्व निर्धारित 31 अक्टूबर की समयसीमा हटाई गई; अब बिल ऑफ एंट्री की तारीख से 2 महीने के भीतर प्रसंस्करण और बिक्री अनिवार्य।
TRQ योजना के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी का शुल्क-मुक्त आयात 31 अक्टूबर 2026 तक स्वीकृत है।
SION E-52 के तहत मौजूदा एडवांस ऑथराइजेशन को एक बार TRQ में बदलने की अनुमति दी गई है।
यह कदम अगस्त-नवंबर त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने के लिए उठाया गया है।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए आयातकों को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से अधिकतम दो महीने का समय दिया है, जिसके भीतर उन्हें आयातित कच्ची चीनी को सफेद या रिफाइंड चीनी में प्रसंस्कृत कर घरेलू बाजार में बेचना होगा। यह संशोधन 25 अगस्त 2026 को अधिसूचित किया गया और इसने 31 अक्टूबर की पूर्व निर्धारित समयसीमा को हटा दिया है।

पहले क्या था नियम

DGFT ने अगस्त की शुरुआत में टैरिफ रेट कोटा (TRQ) योजना के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी। उस अधिसूचना में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि आयातित कच्ची चीनी को 31 अक्टूबर 2026 तक सफेद या रिफाइंड चीनी में बदलकर घरेलू बाजार में बेचना अनिवार्य है।

यह निश्चित तारीख-आधारित समयसीमा उन आयातकों के लिए व्यावहारिक कठिनाई पैदा कर रही थी, जिन्होंने बाद में बिल ऑफ एंट्री दाखिल की थी और जिनके पास प्रसंस्करण के लिए पर्याप्त समय नहीं बचा था।

संशोधित प्रावधान की मुख्य बातें

नए नियम के तहत 31 अक्टूबर की निश्चित समयसीमा को हटाकर एक लचीली व्यवस्था लागू की गई है। अब प्रत्येक आयातक के लिए समयसीमा उसकी बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से गिनी जाएगी और उसे अधिकतम दो महीने का समय मिलेगा।

हालांकि, 20 अगस्त 2026 की मूल अधिसूचना में निहित अन्य सभी नियम और शर्तें यथावत बनी रहेंगी। केवल प्रसंस्करण और बिक्री की समयसीमा में यह बदलाव किया गया है।

एडवांस ऑथराइजेशन को TRQ में बदलने की सुविधा

सरकार ने 20 अगस्त 2026 तक SION E-52 के तहत जारी मौजूदा 'एडवांस ऑथराइजेशन' को TRQ योजना में एक बार परिवर्तित करने की भी अनुमति दी है। इसका उद्देश्य उन ऑथराइजेशन के तहत वास्तव में आयात की जा चुकी कच्ची चीनी को इस योजना के दायरे में लाना है।

इसमें पहले से तैयार रिफाइंड चीनी के साथ-साथ आयातित कच्ची चीनी से निर्मित चीनी भी शामिल होगी। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आयात के समय छूट दिए गए जीएसटी का भुगतान और अन्य निर्धारित शर्तों का अनुपालन अनिवार्य होगा।

त्योहारी सीजन और घरेलू बाजार पर असर

सरकार का यह कदम अगस्त से नवंबर के बीच आने वाले त्योहारी सीजन से पहले घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों पर दबाव कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इस अवधि में चीनी की माँग सामान्यतः बढ़ जाती है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव पड़ता है।

यह ऐसे समय में आया है जब 20 अगस्त 2026 को घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई थी, जिसके बाद सरकार ने TRQ योजना के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी दी थी।

आगे क्या होगा

नई लचीली समयसीमा से आयातकों को अपनी प्रसंस्करण क्षमता और लॉजिस्टिक्स के अनुसार आयात की योजना बनाने में सुविधा होगी। उद्योग जगत की नजर अब इस बात पर है कि 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित 10 लाख टन के आयात लक्ष्य के सापेक्ष वास्तविक आयात कितना होता है और क्या यह कदम त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतों को स्थिर रखने में कारगर साबित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह उन आयातकों के साथ न्याय करता है जो देर से शिपमेंट करते हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 10 लाख टन का आयात लक्ष्य त्योहारी सीजन से पहले वास्तव में पूरा होगा — क्योंकि घोषणा और वास्तविक आपूर्ति के बीच की खाई भारत की चीनी नीति में पुरानी समस्या रही है। कीमतों में 20 अगस्त को आई तेजी यह भी संकेत देती है कि बाजार में आपूर्ति की कमी पहले से थी; नीतिगत प्रतिक्रिया की गति पर ध्यान देना जरूरी है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DGFT ने कच्ची चीनी आयात नियमों में क्या बदलाव किया है?
DGFT ने TRQ योजना के तहत आयातित कच्ची चीनी के प्रसंस्करण और बिक्री की 31 अक्टूबर की निश्चित समयसीमा हटा दी है। अब प्रत्येक आयातक को बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने की तारीख से अधिकतम दो महीने के भीतर कच्ची चीनी को सफेद या रिफाइंड चीनी में बदलकर घरेलू बाजार में बेचना होगा।
TRQ योजना के तहत कितनी कच्ची चीनी का आयात स्वीकृत है?
सरकार ने 20 अगस्त 2026 को TRQ योजना के तहत 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी। यह अनुमति घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेज वृद्धि के मद्देनजर दी गई थी।
यह बदलाव आयातकों के लिए क्यों जरूरी था?
पहले की व्यवस्था में 31 अक्टूबर की एक समान समयसीमा थी, जिससे बाद में बिल ऑफ एंट्री दाखिल करने वाले आयातकों को प्रसंस्करण के लिए बहुत कम समय मिलता था। नई लचीली व्यवस्था हर आयातक को उसकी एंट्री तारीख से दो महीने देती है, जिससे प्रसंस्करण और आपूर्ति श्रृंखला की योजना बनाना आसान होगा।
SION E-52 एडवांस ऑथराइजेशन को TRQ में बदलने की क्या व्यवस्था है?
सरकार ने 20 अगस्त 2026 तक SION E-52 के तहत जारी मौजूदा एडवांस ऑथराइजेशन को एक बार TRQ योजना में बदलने की अनुमति दी है। इसके लिए आयात के समय छूट दिए गए जीएसटी का भुगतान और अन्य निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
चीनी आयात नीति में यह बदलाव किस संदर्भ में आया है?
यह बदलाव अगस्त से नवंबर के त्योहारी सीजन से पहले घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर दबाव कम करने की सरकारी रणनीति का हिस्सा है। इस सीजन में चीनी की माँग सामान्यतः बढ़ जाती है और 20 अगस्त को कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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