भारत में 5जी सब्सक्राइबर्स 2031 तक 1.1 अरब पहुँचेंगे, कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन में 81% हिस्सेदारी का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
भारत में 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या 2031 तक 1.1 अरब तक पहुँचने का अनुमान है, और उस समय तक देश के कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन में 5जी की हिस्सेदारी लगभग 81 प्रतिशत हो जाएगी। एरिक्सन की ताज़ा रिपोर्ट — जो 16 जून 2026 को जारी की गई — के अनुसार, किफायती 5जी स्मार्टफोन, व्यापक नेटवर्क कवरेज और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) सेवाओं के विस्तार ने इस तेज़ रफ्तार को संभव बनाया है।
वर्तमान स्थिति: 5जी कहाँ खड़ा है
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक भारत में 5जी सब्सक्रिप्शन की संख्या 43 करोड़ (430 मिलियन) तक पहुँच गई है, जो देश के कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन का 35 प्रतिशत है। फिलहाल, 4जी अब भी सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली मोबाइल तकनीक बनी हुई है, जिसकी हिस्सेदारी 46 प्रतिशत है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर 2026 की पहली तिमाही में 5जी मोबाइल सब्सक्रिप्शन की कुल संख्या 3 अरब के आँकड़े को पार कर चुकी है।
4जी का पतन और 5जी का उदय
जैसे-जैसे उपभोक्ता 5जी की ओर स्थानांतरित हो रहे हैं, 4जी सब्सक्रिप्शन की संख्या 2025 में लगभग 57 करोड़ (570 मिलियन) से घटकर 2031 तक लगभग 16 करोड़ (160 मिलियन) रह जाने का अनुमान है। गौरतलब है कि यह गिरावट किसी मंदी का संकेत नहीं, बल्कि तकनीकी पीढ़ी-परिवर्तन की स्वाभाविक प्रक्रिया है।
डेटा खपत: दुनिया में सबसे आगे भारत
भारत प्रति स्मार्टफोन मोबाइल डेटा खपत के मामले में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है। वर्तमान में औसत मासिक खपत 37 जीबी है, जो 2031 तक लगभग दोगुनी होकर 70 जीबी तक पहुँचने की उम्मीद है। यह आँकड़ा भारत के डिजिटल उपभोग की विशाल क्षमता को रेखांकित करता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
एरिक्सन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन बंसल ने कहा, 'बेहतर मोबाइल ब्रॉडबैंड और 5जी एफडब्ल्यूए पर आधारित भारत में तेज़ी से बढ़ते 5जी इस्तेमाल से ग्राहकों का अनुभव बदल रहा है। देश में मज़बूत और सुरक्षित 5जी इंफ्रास्ट्रक्चर बड़े पैमाने पर समावेश, गवर्नेंस और इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है और 'डिजिटल इंडिया' के लिए एक मज़बूत आधार का काम कर रहा है।'
इसके अलावा, भारत में एक सेवा प्रदाता ने हाल ही में अपने पोस्टपेड 5जी ग्राहकों के लिए नेटवर्क स्लाइसिंग पर आधारित विशेष कनेक्टिविटी सेवा शुरू की है — जो बाज़ार में उन्नत 5जी उपयोग के विकास का संकेत है।
आगे की राह
दुनिया भर के संचार सेवा प्रदाता 5जी स्टैंडअलोन (SA) नेटवर्क स्लाइसिंग पर आधारित कमर्शियल सेवाएँ तेज़ी से लॉन्च कर रहे हैं। भारत के लिए यह प्रवृत्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहाँ किफायती डिवाइस और सभी ज़िलों तक नेटवर्क विस्तार 5जी अपनाने की रफ्तार को और तेज़ कर सकते हैं।