9 जुलाई 2026
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भारत-ऑस्ट्रेलिया ने PACTS लॉन्च किया: साइबर सुरक्षा, AI और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में नई साझेदारी

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भारत-ऑस्ट्रेलिया ने PACTS लॉन्च किया: साइबर सुरक्षा, AI और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में नई साझेदारी

सारांश

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने PACTS के ज़रिये साइबर, AI और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक नया रणनीतिक ढाँचा खड़ा किया है। पाँच स्तंभों पर टिकी यह साझेदारी सरकार, उद्योग और अकादमिक जगत को एक साथ जोड़ती है — और वैश्विक तकनीकी निर्भरता के पुनर्गठन में दोनों देशों की सक्रिय भूमिका का संकेत देती है।

मुख्य बातें

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 9 जुलाई 2026 को PACTS (पार्टनरशिप ऑन साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी एंड सप्लाई चेन) लॉन्च किया।
PACTS पाँच स्तंभों पर आधारित है: सप्लाई चेन मजबूती , क्रिटिकल टेक्नोलॉजी , साइबर सुरक्षा , डिजिटल मजबूती और रक्षा अनुसंधान ।
सेमीकंडक्टर और ज़रूरी खनिजों की सप्लाई चेन — रीसाइक्लिंग और रिकवरी सहित — पर संयुक्त कार्य होगा।
लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित भरोसेमंद AI के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक और बेंचमार्क विकसित किए जाएंगे।
निजी क्षेत्र, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग के लिए विशेष परियोजनाओं की पहचान की जाएगी।

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 9 जुलाई 2026 को संयुक्त रूप से पार्टनरशिप ऑन साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी एंड सप्लाई चेन (PACTS) का औपचारिक शुभारंभ किया। यह पहल दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों और रणनीतिक सप्लाई चेन के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊँचाई देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस अवसर पर जारी बयान में इसे दोनों देशों के साझा सामरिक हितों की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।

PACTS के पाँच मुख्य स्तंभ

PACTS पाँच परस्पर जुड़े रणनीतिक स्तंभों पर टिका है: सप्लाई चेन की मजबूती और विविधता, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल मजबूती और रक्षा अनुसंधान सहयोग। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रत्येक स्तंभ के अंतर्गत दोनों देश निजी क्षेत्र, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग के लिए विशेष परियोजनाओं की पहचान करेंगे।

यह ढाँचा केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं है — इसमें उद्योग और अकादमिक जगत को भी सक्रिय भूमिका में रखा गया है, जो इसे पिछले द्विपक्षीय समझौतों से अलग बनाता है।

सप्लाई चेन और सेमीकंडक्टर पर विशेष ज़ोर

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया और भारत मिलकर दोनों देशों के बढ़ते तकनीकी उद्योगों को सहारा देने के लिए 'सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन' बनाने पर काम करेंगे। इसमें सेमीकंडक्टर और ज़रूरी खनिजों की सप्लाई चेन — जिसमें रीसाइक्लिंग और रिकवरी भी शामिल है — पर संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर की किल्लत और चीन पर सप्लाई चेन निर्भरता को लेकर लोकतांत्रिक देशों में गहरी चिंता बनी हुई है। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही इस निर्भरता को कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

AI मानक और वैश्विक साइबर क्षमता

PACTS के तहत विश्वसनीय और सुरक्षित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों और बेंचमार्क को आगे बढ़ाने की भी योजना है। इसके लिए लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित, आम सहमति वाले और बहु-पक्षीय फ्रेमवर्क विकसित किए जाएंगे। यह कदम वैश्विक AI शासन की बहस में भारत और ऑस्ट्रेलिया की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करता है।

विदेश मंत्रालय के बयान में स्पष्ट किया गया कि PACTS का मकसद 'राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा में साझा हितों का समर्थन करना, सहयोगियों को अधिक डिजिटल विकल्प देकर सशक्त बनाना और वैश्विक साइबर क्षमता को मजबूत करना है।'

रक्षा अनुसंधान में संयुक्त साझेदारी

PACTS के अंतर्गत दोनों देश मल्टी-डोमेन रक्षा चुनौतियों और क्षमताओं की साझा समझ विकसित करने के लिए रक्षा अनुसंधान साझेदारियों का भी लाभ उठाएंगे। यह प्रावधान PACTS को महज़ एक तकनीकी व्यापार समझौते से आगे ले जाकर एक रणनीतिक सुरक्षा ढाँचे का रूप देता है।

आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच इन स्तंभों के तहत विशेष परियोजनाओं की घोषणा अपेक्षित है, जो इस साझेदारी को ठोस आकार देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली कसौटी यह होगी कि पाँच स्तंभों के तहत कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता के साथ विशेष परियोजनाएं सामने आती हैं — क्योंकि इस तरह के ढाँचे अक्सर घोषणा के बाद क्रियान्वयन की धीमी गति से कमज़ोर पड़ जाते हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PACTS क्या है और इसे क्यों लॉन्च किया गया?
PACTS यानी 'पार्टनरशिप ऑन साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी एंड सप्लाई चेन' भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 9 जुलाई 2026 को लॉन्च की गई एक रणनीतिक साझेदारी है। इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों और सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों देशों के साझा हितों को आगे बढ़ाना है।
PACTS के पाँच स्तंभ कौन से हैं?
PACTS पाँच परस्पर जुड़े स्तंभों पर आधारित है: सप्लाई चेन की मजबूती और विविधता, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल मजबूती और रक्षा अनुसंधान सहयोग। प्रत्येक स्तंभ के तहत विशेष परियोजनाओं की पहचान की जाएगी।
PACTS में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर क्या प्रावधान है?
PACTS के तहत भारत और ऑस्ट्रेलिया सेमीकंडक्टर और ज़रूरी खनिजों की सप्लाई चेन पर मिलकर काम करेंगे, जिसमें रीसाइक्लिंग और रिकवरी भी शामिल है। साथ ही, दोनों देशों के व्यवसायों के बीच कमर्शियल सहयोग और व्यापार में विविधता को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
PACTS में AI के लिए क्या प्रावधान किए गए हैं?
PACTS के तहत लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित, बहु-पक्षीय फ्रेमवर्क विकसित करके भरोसेमंद और सुरक्षित AI के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक और बेंचमार्क तैयार किए जाएंगे। यह वैश्विक AI शासन की दिशा में दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
PACTS में निजी क्षेत्र और विश्वविद्यालयों की क्या भूमिका होगी?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, PACTS के प्रत्येक स्तंभ के तहत भारत और ऑस्ट्रेलिया निजी क्षेत्र, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग के लिए विशेष परियोजनाओं की पहचान करेंगे। यह ढाँचा इसे केवल सरकारी समझौते से आगे ले जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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