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भारत-सिंगापुर 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग: AI, साइबर सुरक्षा और हिंद-प्रशांत स्थिरता पर मंथन

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भारत-सिंगापुर 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग: AI, साइबर सुरक्षा और हिंद-प्रशांत स्थिरता पर मंथन

सारांश

भारत और सिंगापुर ने 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग में AI, साइबर डिफेंस और डिजिटल युद्ध क्षमता में सहयोग के नए रास्ते तलाशे। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर के DOTC का दौरा किया — यह वार्ता दोनों देशों की हिंद-प्रशांत केंद्रित रणनीतिक साझेदारी को तकनीकी आयाम देने की दिशा में अहम पड़ाव है।

मुख्य बातें

28 मई 2025 को नई दिल्ली में भारत-सिंगापुर की 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग आयोजित हुई।
वार्ता की सह-अध्यक्षता रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सिंगापुर के स्थायी सचिव (रक्षा) जोसेफ लियोंग ने की।
दोनों देशों ने AI-आधारित सैन्य प्रणालियों , साइबर सुरक्षा और डिजिटल युद्ध क्षमता में संयुक्त सहयोग पर सहमति जताई।
रक्षा सचिव ने सिंगापुर के डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (DOTC) का दौरा कर अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों का अवलोकन किया।
दोनों देशों ने मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को नई ऊँचाई देने के लिए 28 मई 2025 को नई दिल्ली में 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय वार्ता में द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ एआई-आधारित सैन्य प्रणालियों, साइबर सुरक्षा और डिजिटल युद्ध क्षमता जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में सहयोग के नए आयाम तलाशे गए। दोनों देशों ने एक मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

वार्ता का नेतृत्व और मुख्य एजेंडा

इस महत्वपूर्ण संवाद की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सिंगापुर के स्थायी सचिव (रक्षा) जोसेफ लियोंग ने की। बैठक में दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे मज़बूत रक्षा संबंधों की पुनर्पुष्टि की गई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि नियमित उच्चस्तरीय संवाद और संयुक्त गतिविधियाँ क्षेत्रीय स्थिरता तथा आपसी विश्वास को सुदृढ़ करने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं।

हिंद-प्रशांत सुरक्षा और समुद्री मार्गों पर जोर

वार्ता में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की निर्बाध आवाजाही को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दक्षिण चीन सागर और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तनाव की स्थितियाँ बनी रहती हैं। बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय को निरंतर बढ़ाना अनिवार्य है।

उभरती तकनीकों और डिजिटल रक्षा में सहयोग

दोनों देशों ने एआई-आधारित सैन्य प्रणालियों, साइबर सुरक्षा, डिजिटल युद्ध क्षमता और डेटा विश्लेषण आधारित सैन्य निर्णय प्रणाली में संयुक्त सहयोग की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया। रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी और अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित करने के विकल्पों पर भी सहमति बनी। दोनों पक्षों का मानना है कि भविष्य के युद्ध परिदृश्य में डिजिटल क्षमता की भूमिका तेज़ी से बढ़ रही है।

डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर का दौरा

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर सशस्त्र बलों की डिजिटल एवं इंटेलिजेंस सेवा के अंतर्गत स्थापित डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (DOTC) का भी दौरा किया। इस यात्रा में उन्हें सिंगापुर की अत्याधुनिक डिजिटल सैन्य प्रणालियों, नेटवर्क-आधारित सैन्य संरचना, इंटेलिजेंस एकीकरण, साइबर सुरक्षा तंत्र और आधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम की विस्तृत जानकारी दी गई।

रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे

गौरतलब है कि भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रगाढ़ हुए हैं। दोनों देश नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास, नौसैनिक सहयोग, वायुसेना प्रशिक्षण और उच्चस्तरीय रक्षा संवाद आयोजित करते रहे हैं। यह 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक तथा तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। अगले संवाद और संयुक्त कार्ययोजना की रूपरेखा आने वाले महीनों में तय होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि केवल सैद्धांतिक संवाद में। हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति के बीच भारत-सिंगापुर की यह निकटता रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सिंगापुर मलक्का जलडमरूमध्य के मुहाने पर स्थित है। हालाँकि, AI और साइबर सहयोग की 'संभावनाओं पर चर्चा' और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटने के लिए ठोस समयसीमा और संयुक्त परियोजनाओं की घोषणा अभी बाकी है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-सिंगापुर 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग क्या है?
यह भारत और सिंगापुर के बीच आयोजित एक उच्चस्तरीय द्विवार्षिक रक्षा संवाद है, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ रक्षा अधिकारी द्विपक्षीय सैन्य सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और उभरती रक्षा तकनीकों पर विचार-विमर्श करते हैं। 28 मई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित यह इस श्रृंखला का 16वाँ संस्करण था।
इस वार्ता में किन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई?
वार्ता में AI-आधारित सैन्य प्रणालियों, साइबर सुरक्षा, डिजिटल युद्ध क्षमता, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित चर्चा हुई। रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के विकल्पों पर भी सहमति बनी।
DOTC क्या है और रक्षा सचिव ने इसका दौरा क्यों किया?
DOTC यानी डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर, सिंगापुर सशस्त्र बलों की डिजिटल एवं इंटेलिजेंस सेवा के अंतर्गत स्थापित एक अत्याधुनिक केंद्र है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने इसका दौरा कर नेटवर्क-आधारित सैन्य संरचना, इंटेलिजेंस एकीकरण और साइबर सुरक्षा तंत्र का अवलोकन किया, ताकि भारतीय सशस्त्र बलों के साथ सहयोग की संभावनाएँ तलाशी जा सकें।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-सिंगापुर सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
सिंगापुर मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित होने के कारण हिंद-प्रशांत के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों का प्रवेशद्वार है। दोनों देश मुक्त और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के समर्थक हैं, और उनका सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।
भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा संबंधों का इतिहास क्या है?
दोनों देश लंबे समय से संयुक्त सैन्य अभ्यास, नौसैनिक सहयोग, वायुसेना प्रशिक्षण और उच्चस्तरीय रक्षा संवाद आयोजित करते रहे हैं। यह डिफेंस पॉलिसी डायलॉग श्रृंखला उसी व्यापक रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है, जो पिछले कुछ वर्षों में और प्रगाढ़ हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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